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Jhajjar-Bahadurgarh News: ग्राम सचिवों और पटवारियों को दी पराली प्रबंधन की जानकारी
Mon, 06 Oct 2025 09:48 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़
Updated Mon, 06 Oct 2025 09:48 PM IST
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06jjrp08- संवाद भवन में आयोजित कार्यशाला में उपस्थित कर्मचारी। स्रोत-प्रचार विभाग
झज्जर। जिला मुख्यालय स्थित संवाद भवन में कृषि व किसान कल्याण विभाग ने फसल अवशेष प्रबंधन के तहत एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया। इसमें ग्राम सचिवों और पटवारियों ने भाग लिया। इसका उद्देश्य अधिकारियों व कर्मचारियों को पराली प्रबंधन के नवीनतम तरीकों से अवगत कराना और किसानों को जागरूक करने के लिए उन्हें प्रशिक्षित करना रहा।
कृषि उपनिदेशक डॉ. जितेंद्र अहलावत ने बताया कि पराली जलाना पर्यावरण, मानव स्वास्थ्य और भूमि की उर्वरता के लिए हानिकारक है। राज्य सरकार किसानों को फसल अवशेष प्रबंधन के लिए कृषि यंत्रों पर नियमानुसार अनुदान दे रही है। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी शैलेंद्र अरोड़ा ने बताया कि पराली जलाने से पर्यावरण दूषित होता है।
इस मौके पर सहायक कृषि अभियंता डॉ. राजीव पाल, उप मंडल कृषि अधिकारी डॉ. सुनील कौशिक, डॉ. जगजीत सांगवान, डॉ. रोहित, एसएमएस डॉ. रमेश लांबा ने उपस्थित कर्मचारियों को हैप्पी सीडर, सुपर सीडर, स्ट्रॉ रेक, बेलर, रोटावेटर जैसी मशीनों की जानकारी दी।
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कृषि उपनिदेशक डॉ. जितेंद्र अहलावत ने बताया कि पराली जलाना पर्यावरण, मानव स्वास्थ्य और भूमि की उर्वरता के लिए हानिकारक है। राज्य सरकार किसानों को फसल अवशेष प्रबंधन के लिए कृषि यंत्रों पर नियमानुसार अनुदान दे रही है। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी शैलेंद्र अरोड़ा ने बताया कि पराली जलाने से पर्यावरण दूषित होता है।
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इस मौके पर सहायक कृषि अभियंता डॉ. राजीव पाल, उप मंडल कृषि अधिकारी डॉ. सुनील कौशिक, डॉ. जगजीत सांगवान, डॉ. रोहित, एसएमएस डॉ. रमेश लांबा ने उपस्थित कर्मचारियों को हैप्पी सीडर, सुपर सीडर, स्ट्रॉ रेक, बेलर, रोटावेटर जैसी मशीनों की जानकारी दी।
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