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सरकारी जगह पर दुकानदार रेहड़ी और पटरी लगवाकर वसूल रहे हैं किराया
ब्यूरो/अमर उजाला झज्जर
Updated Fri, 17 Mar 2017 01:03 AM IST
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बहादुरगढ़।
बाजारों में दुकानदारों ने अपनी दुकानों के सामने रेहड़ी लगवाने का सिलसिला सभी जगह बे रोकटोक धड़ल्ले से जारी है। दुकानदार एक तय कीमत लेकर रेहड़ी-पटरी वालों को अपनी दुकान के आगे सरकारी जमीन पर दुकान लगाने की इजाजत देते हैं। यह कीमत लोकेशन के अनुसार प्रतिदिन सौ से लेकर एक हजार रुपये तक होती है। यह सब देखकर भी अनदेखा करने के लिए नगर परिषद का हिस्सा अलग से तय होता है। इन रेहड़ियों से जाम की स्थिति बनी रहती है। शहर वासियों को व अन्य राहगीरों को आने-जाने में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
शहर का रेलवे रोड हो, चाहे मेन बाजार, झज्जर रोड हो या फिर नाहरा-नाहरी रोड। इन मार्गों से प्रतिदिन लाखों लोगों का आवागमन होता है। सभी मार्गों पर दुकानदारों द्वारा अपनी दुकानों के सामने अवैध रूप से रेहड़ी व पटरी वालों को दुकान लगवाई जा रही हैं। इससे मार्केट में खरीददारी करने के लिए आने वाले लोगों और राहगीरों को यहां से निकलने में काफी परेशानियां उठानी पड़ती है। साथ ही सड़क पर आने-जाने का रास्ता भी काफी कम हो जाता है क्योंकि सड़क के दोनों तरफ तो दुकानदार रेहड़ी व पटरी वालों को स्थान देते हैं। इसके बाद ग्राहक आता है तो वह अपने वाहन को भी वहीं पर पार्क करके चला जाता है। इससे जाम की स्थिति भी बन जाती है। शहर का रेलवे रोड 60 फुट चौड़ा है लेकिन अतिक्रमण के बाद यह केवल 20 से 25 फुट ही बचता है। इस मार्ग पर छोटी-बड़ी लगभग 500 से ज्यादा दुकानें हैं और प्रतिदिन करोड़ों का कारोबार भी होता है।
शहर वासी अमित खत्री का कहना है कि प्रशासन को लगातार शहर के मुख्य बाजारों में अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाना चाहिए और दुकानों के सामने रेहड़ी व पटरी लगवाने वाले दुकानदारों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करनी चाहिए।
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अनाज मंडी निवासी शिव कुमार कहते हैं कि अतिक्रमण हटने के बाद सड़के चौड़ी होंगी और लोगों को आने-जाने में भी राहत मिलेगी। सरकारी जमीन पर दुकानें लगाने वालों के खिलाफ भी सख्त कदम उठाना चाहिए।
दुकानदार सुरेंद्र कुमार कहते हैं कि कई दुकानदार तो अपनी दुकानों के बाहर न केवल एक दो फुट बल्कि 10 फुट तक अतिक्रमण कर लेते हैं। इससे आगे वाले दुकानदार की दुकान भी पूरी तरह से छिप जाती है।
सूर्यकांत बौंदवाल का कहना है कि शहर के सभी प्रमुख मार्गों पर अतिक्रमण के कारण जाम की स्थिति भी लगातार बनती रहती है। खासकर शाम के समय रेलवे रोड पर तो समस्या गंभीर हो जाती है। इसलिए नगर परिषद को शहर के मेन बाजार और रेलवे रोड पर विशेष ध्यान देना चाहिए।
यूं सिकुड़ गया मेन बाजार
शहर का मेन बाजार सबसे व्यस्तम बाजार है। यदि यह बाजार अपने मूल रूप में रहे तो इस पर जाम की स्थिति पैदा नहीं हो सकती। मगर यहां पहले तो दुकानदारों ने अपनी दुकान का सामान करीब पांच फुट सरकारी जमीन पर रखा हुआ है। इसके बाद दुकान पर खरीददारी करने आने वाले लोग वाहन खड़ा कर देते हैं। इससे भी अलग ज्यादातर दुकानदारों ने रेहड़ी-पटरी वालों को अपने आगे जगह प्रतिदिन के हिसाब से किराये पर दी हुई है। दोनों तरफ मिलाकर 10 फुट तक अतिक्रमण होने के कारण बाजार काफी तंग हो जाता है।
क्या कहते हैं नगर परिषद के अधिकारी
इस संबंध में नगर परिषद के एसआई सुनील हुड्डा का कहना है कि दुकानों के सामने रेहड़ी व पटरी लगवाने के अलावा अतिक्रमण करने वाले दुकानदारों के खिलाफ जल्द ही कार्रवाई की जाएगी। इस दिशा में नप की ओर से समय-समय पर अतिक्रमण हटाओ अभियान भी चलाया जाता है। अब एक बार फिर अतिक्रमण हटाने के लिए नप की ओर से तैयारी कर ली गई है। जल्द ही सड़कों से अतिक्रमण हटवाया जाएगा।
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बाजारों में दुकानदारों ने अपनी दुकानों के सामने रेहड़ी लगवाने का सिलसिला सभी जगह बे रोकटोक धड़ल्ले से जारी है। दुकानदार एक तय कीमत लेकर रेहड़ी-पटरी वालों को अपनी दुकान के आगे सरकारी जमीन पर दुकान लगाने की इजाजत देते हैं। यह कीमत लोकेशन के अनुसार प्रतिदिन सौ से लेकर एक हजार रुपये तक होती है। यह सब देखकर भी अनदेखा करने के लिए नगर परिषद का हिस्सा अलग से तय होता है। इन रेहड़ियों से जाम की स्थिति बनी रहती है। शहर वासियों को व अन्य राहगीरों को आने-जाने में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
शहर का रेलवे रोड हो, चाहे मेन बाजार, झज्जर रोड हो या फिर नाहरा-नाहरी रोड। इन मार्गों से प्रतिदिन लाखों लोगों का आवागमन होता है। सभी मार्गों पर दुकानदारों द्वारा अपनी दुकानों के सामने अवैध रूप से रेहड़ी व पटरी वालों को दुकान लगवाई जा रही हैं। इससे मार्केट में खरीददारी करने के लिए आने वाले लोगों और राहगीरों को यहां से निकलने में काफी परेशानियां उठानी पड़ती है। साथ ही सड़क पर आने-जाने का रास्ता भी काफी कम हो जाता है क्योंकि सड़क के दोनों तरफ तो दुकानदार रेहड़ी व पटरी वालों को स्थान देते हैं। इसके बाद ग्राहक आता है तो वह अपने वाहन को भी वहीं पर पार्क करके चला जाता है। इससे जाम की स्थिति भी बन जाती है। शहर का रेलवे रोड 60 फुट चौड़ा है लेकिन अतिक्रमण के बाद यह केवल 20 से 25 फुट ही बचता है। इस मार्ग पर छोटी-बड़ी लगभग 500 से ज्यादा दुकानें हैं और प्रतिदिन करोड़ों का कारोबार भी होता है।
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शहर वासी अमित खत्री का कहना है कि प्रशासन को लगातार शहर के मुख्य बाजारों में अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाना चाहिए और दुकानों के सामने रेहड़ी व पटरी लगवाने वाले दुकानदारों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करनी चाहिए।
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अनाज मंडी निवासी शिव कुमार कहते हैं कि अतिक्रमण हटने के बाद सड़के चौड़ी होंगी और लोगों को आने-जाने में भी राहत मिलेगी। सरकारी जमीन पर दुकानें लगाने वालों के खिलाफ भी सख्त कदम उठाना चाहिए।
दुकानदार सुरेंद्र कुमार कहते हैं कि कई दुकानदार तो अपनी दुकानों के बाहर न केवल एक दो फुट बल्कि 10 फुट तक अतिक्रमण कर लेते हैं। इससे आगे वाले दुकानदार की दुकान भी पूरी तरह से छिप जाती है।
सूर्यकांत बौंदवाल का कहना है कि शहर के सभी प्रमुख मार्गों पर अतिक्रमण के कारण जाम की स्थिति भी लगातार बनती रहती है। खासकर शाम के समय रेलवे रोड पर तो समस्या गंभीर हो जाती है। इसलिए नगर परिषद को शहर के मेन बाजार और रेलवे रोड पर विशेष ध्यान देना चाहिए।
यूं सिकुड़ गया मेन बाजार
शहर का मेन बाजार सबसे व्यस्तम बाजार है। यदि यह बाजार अपने मूल रूप में रहे तो इस पर जाम की स्थिति पैदा नहीं हो सकती। मगर यहां पहले तो दुकानदारों ने अपनी दुकान का सामान करीब पांच फुट सरकारी जमीन पर रखा हुआ है। इसके बाद दुकान पर खरीददारी करने आने वाले लोग वाहन खड़ा कर देते हैं। इससे भी अलग ज्यादातर दुकानदारों ने रेहड़ी-पटरी वालों को अपने आगे जगह प्रतिदिन के हिसाब से किराये पर दी हुई है। दोनों तरफ मिलाकर 10 फुट तक अतिक्रमण होने के कारण बाजार काफी तंग हो जाता है।
क्या कहते हैं नगर परिषद के अधिकारी
इस संबंध में नगर परिषद के एसआई सुनील हुड्डा का कहना है कि दुकानों के सामने रेहड़ी व पटरी लगवाने के अलावा अतिक्रमण करने वाले दुकानदारों के खिलाफ जल्द ही कार्रवाई की जाएगी। इस दिशा में नप की ओर से समय-समय पर अतिक्रमण हटाओ अभियान भी चलाया जाता है। अब एक बार फिर अतिक्रमण हटाने के लिए नप की ओर से तैयारी कर ली गई है। जल्द ही सड़कों से अतिक्रमण हटवाया जाएगा।