{"_id":"c75c4c5270d97378c5a3709dbae02e4d","slug":"in-chunav-duty-worker-no-be-subimitted-his-vote-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"चुनाव में ड्यूटी वाले नहीं डाल पाएंगे अपने वोट","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
चुनाव में ड्यूटी वाले नहीं डाल पाएंगे अपने वोट
ब्यूरो/अमर उजाला/झज्जर
Updated Sat, 09 Jan 2016 01:51 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
चुनाव में हर व्यक्ति मतदान करे, प्रशासन इसको लेकर गंभीर है, लेकिन सैनिकों व उन सरकारी कर्मियों, जिनकी ड्यूटी पंचायत चुनाव में है, को प्रशासन ने वोट डालने से वंचित कर दिया है। असल में इनके लिए न तो पोस्टल बैलेट पेपर छपवाए गए हैं और न ही वोट डालने की कोई अन्य व्यवस्था की है। संबंधित अधिकारी जिम्मेदारी से यह कह कर पल्ला झाड़ रहे हैं कि किसी भी कर्मी ने वोट डालने के लिए नाम दर्ज नहीं कराया। खास बात है कि तीन दिन पहले कहा जा चुका है कि ड्यूटी पर तैनात कर्मियों को वोट डालने का अवसर मिलेगा।
पांच हजार नहीं डाल पाएंगे वोट
10 व 17 जनवरी को दो चरणों में हो रहे पंचायत चुनाव को लेकर प्रशासन कहने को तो सारी तैयारी कर चुका है, लेकिन जिला परिषद, पंचायत समिति, पंच एवं सरपंच के लिए पोस्टल बैलेट पेपर छपवाए नहीं गए। चुनाव से जुड़े अधिकारियों की इस लापरवाही से 5 हजार से ज्यादा मतदाता, जिनमें सैनिक व चुनाव ड्यूटी निभाने वाले कर्मचारी शामिल हैं, चुनाव में अपने वोट का प्रयोग नहीं कर पाएंगे। पहले चरण में 10 जनवरी के चुनाव की बात करें तो झज्जर व बहादुरगढ खंड में 2500 कर्मचारी चुनाव ड्यूटी देंगे। इसके अलावा 700 के करीब पुलिस कर्मचारी भी चुनाव के दौरान सुरक्षा व्यवस्था संभालेंगे। दोनों खंडों में सैनिकों की संख्या भी दो हजार से अधिक है। इन सब को चुनाव में पोस्टल बैलेट पेपर या फिर सरकार द्वारा की गई अन्य व्यवस्था से वोट डालने का अधिकार है, लेकिन प्रशासन पंचायत चुनाव में इनको वोट का अधिकार दिलाने में पीछे हट गया है।
यह प्रावधान....
विधानसभा चुनाव में कर्मचारियों को पोस्टल बैलेट पेपर जारी किया जाता है। पोस्टल बैलेट पेपर में कर्मचारी अपने वोट को पोस्ट के जरिए भेजते हैं। लोकसभा चुनाव में इलेक्शन डयूटी सर्टिफिकेट जारी किया जाता है। जिसके जरिए कर्मचारी जिस बूथ पर डयूटी हो वहां पर अपना वोट डाल सकते हैं। इस बार विधानसभा चुनाव में करीब 70 प्रतिशत से अधिक कर्मचारियों ने पोस्टल बैलेट के जरिए वोट का प्रयोग किया था।
विज्ञापन
सैनिकों को सुविधा नहीं, कर्मियों ने मांगी नहीं
चुनाव को लेकर जो भी तैयारी होनी चाहिए, हमनें वो सारी तैयारी की हैं। सैनिकों के लिए पोस्टल बैलेट पेपर की व्यवसथा विधानसभा व लोकसभा चुनाव में की जाती है। पंचायत चुनाव में सेनिकों के लिए वोट डालने की परंपरा नहीं है। जो कर्मचारी चुनाव डयूटी में तैनात हैँ, वो पोस्टल बैलेट पेपर से वोट डाल सकते हैं, लेकिन अभी तक किसी ने डिमांड नहीं की। इस वजह से पोस्टल बैलेट पेपर छपवाए नहीं गए हैं।
-विशाल सिंह, जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी
----
....ये कैसे संभव है
विधानसभा और लोकसभा के चुनाव में पूरे क्षेत्र के लिए एक एक पोस्टल बैलेट पेपर छपता है। पंचायत चुनाव में हर वार्ड, हर गांव, पंचायत समिति व जिला परिषद से अलग अलग प्रत्याशी हैं। ऐसे में पोस्टल बैलेट पेपर छपवाना कैसे संभव है। झज्जर खंड के चुनाव में 1200 कर्मचारी ढयूटी देंगे। हमें तासे यह भी नहीं पता कि कौन कर्मचारी की वोट कहां, किस जिले, किस गांव, वार्ड में है। पंचायत चुनाव में सैनिकों के लिए पोस्टल बैलेट पेपर भेजने का प्रावधान उनके सामने कभी नहीं आया। इनके अलावा ड्यूटी पर तैनात कर्मियों में से किसी ने भी वोट डालने के लिए अपना नाम तक नहीं लिखवाया। ऐसे में इनके लिए कैसे व्यवस्था करें।
आशीष कुमार, खंड पंचायत अधिकारी झज्जर
...कर सकेंगे मतदान, पर कैसे
झज्जर। पंचायत चुनाव 2016 में ड्यूटी देने वाले अधिकारियों व कर्मचारियों को भी मतदान का अवसर मिलेगा। यह दावा 5 जनवरी को जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी विशाल कुमार ने सरकारी विज्ञप्ति में किया। उन्होंने कहा कि सभी कर्मचारी अपने-अपने खंड के रिटर्निंग आफिसर या उपमंडल अधिकारी (ना.) से संपर्क कर सकते हैं। चुनाव ड्यूटी से जुड़े कर्मचारी डाक से अपना मतदान कर सकेंगे। अब सवाल खड़ा हुआ है कि जब पोस्टल बैलेट पेपर ही नहीं छपे तो मतदान कैसे हो।
विज्ञापन
पांच हजार नहीं डाल पाएंगे वोट
10 व 17 जनवरी को दो चरणों में हो रहे पंचायत चुनाव को लेकर प्रशासन कहने को तो सारी तैयारी कर चुका है, लेकिन जिला परिषद, पंचायत समिति, पंच एवं सरपंच के लिए पोस्टल बैलेट पेपर छपवाए नहीं गए। चुनाव से जुड़े अधिकारियों की इस लापरवाही से 5 हजार से ज्यादा मतदाता, जिनमें सैनिक व चुनाव ड्यूटी निभाने वाले कर्मचारी शामिल हैं, चुनाव में अपने वोट का प्रयोग नहीं कर पाएंगे। पहले चरण में 10 जनवरी के चुनाव की बात करें तो झज्जर व बहादुरगढ खंड में 2500 कर्मचारी चुनाव ड्यूटी देंगे। इसके अलावा 700 के करीब पुलिस कर्मचारी भी चुनाव के दौरान सुरक्षा व्यवस्था संभालेंगे। दोनों खंडों में सैनिकों की संख्या भी दो हजार से अधिक है। इन सब को चुनाव में पोस्टल बैलेट पेपर या फिर सरकार द्वारा की गई अन्य व्यवस्था से वोट डालने का अधिकार है, लेकिन प्रशासन पंचायत चुनाव में इनको वोट का अधिकार दिलाने में पीछे हट गया है।
विज्ञापन
यह प्रावधान....
विधानसभा चुनाव में कर्मचारियों को पोस्टल बैलेट पेपर जारी किया जाता है। पोस्टल बैलेट पेपर में कर्मचारी अपने वोट को पोस्ट के जरिए भेजते हैं। लोकसभा चुनाव में इलेक्शन डयूटी सर्टिफिकेट जारी किया जाता है। जिसके जरिए कर्मचारी जिस बूथ पर डयूटी हो वहां पर अपना वोट डाल सकते हैं। इस बार विधानसभा चुनाव में करीब 70 प्रतिशत से अधिक कर्मचारियों ने पोस्टल बैलेट के जरिए वोट का प्रयोग किया था।
विज्ञापन
सैनिकों को सुविधा नहीं, कर्मियों ने मांगी नहीं
चुनाव को लेकर जो भी तैयारी होनी चाहिए, हमनें वो सारी तैयारी की हैं। सैनिकों के लिए पोस्टल बैलेट पेपर की व्यवसथा विधानसभा व लोकसभा चुनाव में की जाती है। पंचायत चुनाव में सेनिकों के लिए वोट डालने की परंपरा नहीं है। जो कर्मचारी चुनाव डयूटी में तैनात हैँ, वो पोस्टल बैलेट पेपर से वोट डाल सकते हैं, लेकिन अभी तक किसी ने डिमांड नहीं की। इस वजह से पोस्टल बैलेट पेपर छपवाए नहीं गए हैं।
-विशाल सिंह, जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी
----
....ये कैसे संभव है
विधानसभा और लोकसभा के चुनाव में पूरे क्षेत्र के लिए एक एक पोस्टल बैलेट पेपर छपता है। पंचायत चुनाव में हर वार्ड, हर गांव, पंचायत समिति व जिला परिषद से अलग अलग प्रत्याशी हैं। ऐसे में पोस्टल बैलेट पेपर छपवाना कैसे संभव है। झज्जर खंड के चुनाव में 1200 कर्मचारी ढयूटी देंगे। हमें तासे यह भी नहीं पता कि कौन कर्मचारी की वोट कहां, किस जिले, किस गांव, वार्ड में है। पंचायत चुनाव में सैनिकों के लिए पोस्टल बैलेट पेपर भेजने का प्रावधान उनके सामने कभी नहीं आया। इनके अलावा ड्यूटी पर तैनात कर्मियों में से किसी ने भी वोट डालने के लिए अपना नाम तक नहीं लिखवाया। ऐसे में इनके लिए कैसे व्यवस्था करें।
आशीष कुमार, खंड पंचायत अधिकारी झज्जर
...कर सकेंगे मतदान, पर कैसे
झज्जर। पंचायत चुनाव 2016 में ड्यूटी देने वाले अधिकारियों व कर्मचारियों को भी मतदान का अवसर मिलेगा। यह दावा 5 जनवरी को जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी विशाल कुमार ने सरकारी विज्ञप्ति में किया। उन्होंने कहा कि सभी कर्मचारी अपने-अपने खंड के रिटर्निंग आफिसर या उपमंडल अधिकारी (ना.) से संपर्क कर सकते हैं। चुनाव ड्यूटी से जुड़े कर्मचारी डाक से अपना मतदान कर सकेंगे। अब सवाल खड़ा हुआ है कि जब पोस्टल बैलेट पेपर ही नहीं छपे तो मतदान कैसे हो।