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Jhajjar-Bahadurgarh News: सायरन बजे तो अलर्ट हो जाएं, अंधेरा कर लें, मोबाइल की रोशनी भी हो सकती है खतरनाक
Sat, 10 May 2025 02:23 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़
Updated Sat, 10 May 2025 02:23 AM IST
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भारत-पाकिस्तान के बीच चल रहे तनाव के बीच झज्जर में बाईपास पर वाहनों की जांच करती यातायात पुलिस।
झज्जर। पाकिस्तान पर भारत के ऑपरेशन सिंदूर की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन व पुलिस प्रशासन की ओर से किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए हेल्पलाइन नंबर 112, 01251-254212, 7056667275-76 व पीआईबी के फैक्ट चेक व्हाट्सएप नंबर 8799711259 जारी किए गए हैं। इन्हें आप नोट कर लें और सोशल मीडिया पर संदिग्ध पोस्ट मिलने व संदिग्ध, लावारिस वस्तु दिखने पर तुरंत सूचित करें। आपकी जागरूकता व सतर्कता किसी अनहोनी घटना को रोक सकती है।
शुक्रवार को डीसी स्वप्निल रविंद्र पाटिल ने लघु सचिवालय में अधिकारियों के साथ मॉक ड्रिल की समीक्षा बैठक की और जनहित में निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने कहा कि वर्तमान परिस्थितियों से सभी अवगत हैं, इसलिए हर नागरिक को युद्ध काल के दौरान अपने आपको व संपत्ति को कैसे सुरक्षित रखना है, यह ज्ञान होना चाहिए।
मॉक ड्रिल से काफी कुछ सीखने को मिला है। इस मुहिम को हर जिलावासी तक पहुंचाना है। इसके लिए ग्राम पंचायतों, ब्लॉक समितियों, जिला व नगर पार्षदों, विभिन्न संगठनों व संघों आदि को प्रशिक्षण देने की व्यवस्था करने के निर्देश दिए ताकि प्रशिक्षण उपरांत ये प्रमुख लोग आगे आमजन को जागरूक कर सकें। जानकारी होनी चाहिए कि एयर रेड इमरजेंसी का सायरन बजते ही क्या करना है और क्या नहीं करना है। रात्रि के समय एयर रेड इमरजेंसी का सायरन बजते ही ब्लैकआउट में कैसे सहयोगी बनना है, यह जानकारी सभी को होना जरूरी है।
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सरकारी व गैर सरकारी चिकित्सा सुविधाओं को किया अलर्ट
डीसी ने सीएमओ को जिला में उपलब्ध सरकारी व गैर सरकारी चिकित्सा सुविधाओं को हर समय तैयार रखने को कहा। दवाई, ब्लड बैंक, वेंटिलेटर, बैड, ऑक्सीजन आपूर्ति आदि समीक्षा करते हुए आवश्यक दिशा निर्देश दिए। साथ ही जिला में रसोई गैस, खाद्य एवं तेल आपूर्ति, पेयजल आपूर्ति, फायर सर्विस और पानी भरने की सुविधा, परिवहन व्यवस्था, आपदा प्रबंधन के समय उपयोग होने वाली मशीनरी की उपलब्धता की तैयारी की समीक्षा की गई।
अधिकृत स्रोत की सूचना पर ही करें विश्वास
डीसी ने कहा कि नागरिक किसी भी प्रकार की अपुष्ट सूचना, सोशल मीडिया मैसेज, फोटो या वीडियो को बिना जांचे-परखे साझा व शेयर न करें। दूरदर्शन, ऑल इंडिया रेडियो या फिर सरकार व प्रशासन द्वारा अधिकृत स्रोत पर ही विश्वास करें। अगर कोई भी संदिग्ध पोस्ट प्रतीत होती है तो जारी नंबर पर सांझा करें या socialmedia@ pib.gov.in पर भेजें।
पुलिस कर्मचारियों की छुट्टियां कर दी बंद
झज्जर पुलिस कमिश्नर डॉक्टर राजश्री सिंह ने कहा कि झज्जर पुलिस प्रशासन बहुत अलर्ट है और मॉक ड्रिल भी हो रही है। लोगों को जागरूक किया जा रहा है कि उनको आपदा की स्थिति में किस प्रकार सुरक्षित रहना है और ब्लैक आउट के समय किस प्रकार से व्यवहार करना है।
आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए पुलिस कर्मचारियों की छुट्टी बंद कर दी गई है। उन्हें ड्यूटी पर तैनात रहने के आदेश दिए हैं।
अधिकारी ने बताया कि आप लोग कुछ सूखा राशन, पानी की बोतलें, जरूरी सामान और दवाइयां इकट्ठा करके रखें और अपने आसपास के लोगों का भी ध्यान रखें ताकि यदि किसी को राशन चाहिए तो आप उनकी मदद कर सकें। कोरोना काल में जैसे एक दूसरे का ध्यान रखा था, वैसे ही रखना है। अफवाह फैलाए नहीं बल्कि अफवाहों से बचें।
साइबर अटैक की संभावना
झज्जर पुलिस कमिश्नर डॉक्टर राजश्री सिंह ने कहा कि हम दुश्मन की ताकतों का मुंह-तोड़ जवाब देंगे, लेकिन हमें अपना भी ध्यान रखना है। कोई नई ऐप डाउनलोड नहीं करनी है। वो आतंक का भी एप हो सकता है, इसलिए साइबर अटैक से बचें। झज्जर पुलिस की अलग-अलग टीम में भी साइबर अटैक के बारे में लोगों को जागरूक कर रही है।
रोशनी नहीं जानी चाहिए बाहर
ब्लैकआउट को लेकर अपील की गई है कि घर में खिड़की, जंगलें पर डार्क कलर के पर्दे लगाकर रखें, क्योंकि हो सकता है आपने जो अब पर्दे लगा रखे हों उनमें से रोशनी छनकर बाहर जा रही हो। जब ब्लैक आउट होता है तो माचिस की तीली भी नहीं जलनी चाहिए। ब्लैक आउट में आपके मोबाइल की लाइट भी कई घरों को बर्बाद कर सकती है। अगर हवाई जहाज से अटैक हो गया तो कहीं भी छोटी सी रोशनी उनको दिख जाएगी तो वो वहीं पर अटैक हो सकता है।
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शुक्रवार को डीसी स्वप्निल रविंद्र पाटिल ने लघु सचिवालय में अधिकारियों के साथ मॉक ड्रिल की समीक्षा बैठक की और जनहित में निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने कहा कि वर्तमान परिस्थितियों से सभी अवगत हैं, इसलिए हर नागरिक को युद्ध काल के दौरान अपने आपको व संपत्ति को कैसे सुरक्षित रखना है, यह ज्ञान होना चाहिए।
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मॉक ड्रिल से काफी कुछ सीखने को मिला है। इस मुहिम को हर जिलावासी तक पहुंचाना है। इसके लिए ग्राम पंचायतों, ब्लॉक समितियों, जिला व नगर पार्षदों, विभिन्न संगठनों व संघों आदि को प्रशिक्षण देने की व्यवस्था करने के निर्देश दिए ताकि प्रशिक्षण उपरांत ये प्रमुख लोग आगे आमजन को जागरूक कर सकें। जानकारी होनी चाहिए कि एयर रेड इमरजेंसी का सायरन बजते ही क्या करना है और क्या नहीं करना है। रात्रि के समय एयर रेड इमरजेंसी का सायरन बजते ही ब्लैकआउट में कैसे सहयोगी बनना है, यह जानकारी सभी को होना जरूरी है।
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सरकारी व गैर सरकारी चिकित्सा सुविधाओं को किया अलर्ट
डीसी ने सीएमओ को जिला में उपलब्ध सरकारी व गैर सरकारी चिकित्सा सुविधाओं को हर समय तैयार रखने को कहा। दवाई, ब्लड बैंक, वेंटिलेटर, बैड, ऑक्सीजन आपूर्ति आदि समीक्षा करते हुए आवश्यक दिशा निर्देश दिए। साथ ही जिला में रसोई गैस, खाद्य एवं तेल आपूर्ति, पेयजल आपूर्ति, फायर सर्विस और पानी भरने की सुविधा, परिवहन व्यवस्था, आपदा प्रबंधन के समय उपयोग होने वाली मशीनरी की उपलब्धता की तैयारी की समीक्षा की गई।
अधिकृत स्रोत की सूचना पर ही करें विश्वास
डीसी ने कहा कि नागरिक किसी भी प्रकार की अपुष्ट सूचना, सोशल मीडिया मैसेज, फोटो या वीडियो को बिना जांचे-परखे साझा व शेयर न करें। दूरदर्शन, ऑल इंडिया रेडियो या फिर सरकार व प्रशासन द्वारा अधिकृत स्रोत पर ही विश्वास करें। अगर कोई भी संदिग्ध पोस्ट प्रतीत होती है तो जारी नंबर पर सांझा करें या socialmedia
पुलिस कर्मचारियों की छुट्टियां कर दी बंद
झज्जर पुलिस कमिश्नर डॉक्टर राजश्री सिंह ने कहा कि झज्जर पुलिस प्रशासन बहुत अलर्ट है और मॉक ड्रिल भी हो रही है। लोगों को जागरूक किया जा रहा है कि उनको आपदा की स्थिति में किस प्रकार सुरक्षित रहना है और ब्लैक आउट के समय किस प्रकार से व्यवहार करना है।
आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए पुलिस कर्मचारियों की छुट्टी बंद कर दी गई है। उन्हें ड्यूटी पर तैनात रहने के आदेश दिए हैं।
अधिकारी ने बताया कि आप लोग कुछ सूखा राशन, पानी की बोतलें, जरूरी सामान और दवाइयां इकट्ठा करके रखें और अपने आसपास के लोगों का भी ध्यान रखें ताकि यदि किसी को राशन चाहिए तो आप उनकी मदद कर सकें। कोरोना काल में जैसे एक दूसरे का ध्यान रखा था, वैसे ही रखना है। अफवाह फैलाए नहीं बल्कि अफवाहों से बचें।
साइबर अटैक की संभावना
झज्जर पुलिस कमिश्नर डॉक्टर राजश्री सिंह ने कहा कि हम दुश्मन की ताकतों का मुंह-तोड़ जवाब देंगे, लेकिन हमें अपना भी ध्यान रखना है। कोई नई ऐप डाउनलोड नहीं करनी है। वो आतंक का भी एप हो सकता है, इसलिए साइबर अटैक से बचें। झज्जर पुलिस की अलग-अलग टीम में भी साइबर अटैक के बारे में लोगों को जागरूक कर रही है।
रोशनी नहीं जानी चाहिए बाहर
ब्लैकआउट को लेकर अपील की गई है कि घर में खिड़की, जंगलें पर डार्क कलर के पर्दे लगाकर रखें, क्योंकि हो सकता है आपने जो अब पर्दे लगा रखे हों उनमें से रोशनी छनकर बाहर जा रही हो। जब ब्लैक आउट होता है तो माचिस की तीली भी नहीं जलनी चाहिए। ब्लैक आउट में आपके मोबाइल की लाइट भी कई घरों को बर्बाद कर सकती है। अगर हवाई जहाज से अटैक हो गया तो कहीं भी छोटी सी रोशनी उनको दिख जाएगी तो वो वहीं पर अटैक हो सकता है।