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औद्योगिक भूखंड मामले की जांच तेज
अमर उजाला ब्यूरो/ झज्जर / बहादुरगढ़
Updated Sun, 24 Jul 2016 01:35 AM IST
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HSSIIDC
- फोटो : Bureau
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एचएसआईआईडीसी के सेक्टर-16-17 में फर्जीवाड़ा कर औद्योगिक भूखंड हथियाने के मामले की जांच प्रक्रिया तेज हो गई है। मुख्यमंत्री के उड़न दस्ते ने शनिवार को इन सेक्टरों में हरेक संबंधित भूखंड की फिजिकल वेरिफिकेशन शुरू की। जिससे उद्यमियों में हड़कंप मचा रहा।
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करोड़ों रुपये के हुए वारे के न्यारे
दरअसल, कुछ लोगों ने अधिकारियों से मिलीभगत कर औद्योगिक प्लाट खरीद लिए। लेकिन नियम के मुताबिक एक निर्धारित अवधि में इन भूखंडों पर न भवन बनाया और न फैक्टरी लगाकर उत्पादन शुरू किया। भूखंडों पर कब्जा बनाए रखने के लिए फाइलों में ही भूखंड दिखा दिए और फाइलों में फैक्टरी चलती हुई दिखा दी गई। इस तरह प्रॉपर्टी डीलिंग का धंधा चलता रहा। बताया जाता है कि इस पूरे खेल में अफसरों व उद्यमियों ने 100 करोड़ रुपये से ज्यादा के वारे न्यारे किए। मामले शिकायत ऊपर तक पहुंची तो सीएम फ्लाइंग स्क्वायड ने जांच शुरू की। यह जांच जनवरी से चल रही है।
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बेचे जा चुके हैं ज्यादातर भूखंड
सीएम फ्लाइंग स्क्वायड ने शनिवार को भी एचएसआईआईडीसी औद्योगिक क्षेत्र का दौरा किया। उड़नदस्ते की 12 टीमों में 40 कर्मचारी शामिल थे। इसकी अगुवाई इंस्पेक्टर बिजेंद्र सिंह कर रहे थे। इन टीमों ने निर्माणाधीन व हाल ही में बनी फैक्ट्रियों में पहुंच कर निरीक्षण किया। बिजेंद्र ने बताया कि शिकायत के मुताबिक, इन भूखंडों का व्यवसायिक इस्तेमाल नहीं हुआ। बल्कि ये प्रापर्टी डीलिंग के लिए खरीदे गए। बहुत से प्लाट बेचे जा चुके हैं। कुछ पर तो निर्माण भी नहीं हुआ। अब कुछ फैक्टरी मालिकों द्वारा फैक्ट्रियों का निर्माण जोरशोर से शुरू कर दिया गया है। एचएसआईआईडीसी के दोनों सेक्टरों में करीब 500 फैक्ट्रियां हैं। इंचार्ज बिजेंद्र सिंह का कहना है कि शिकायतें मिल रही थीं कि इकाइयां चलाने के नाम पर फर्जीवाड़ा हुआ है। फिलहाल जांच की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद ही आगे की कार्यवाही होगी।
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