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आगजनी पर कैसे पाएंगे पार, सरकारी विभागों में लगे हैं एक्सपायरी डेट के अग्निशमन यंत्र

Mon, 01 May 2017 12:42 AM IST
amarujala/ jhajjar
amarujala/ jhajjar Updated Mon, 01 May 2017 12:42 AM IST
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सरकारी विभागों की कार्यप्रणाली यूं तो जगजाहिर है लेकिन इन विभागों के अधिकारी और कर्मचारी खुद की सुरक्षा को लेकर गंभीर नहीं हैं। सरकारी विभागों के द्वारा आपात स्थिति से निपटने की तैयारियां किस प्रकार से की गई हैं, इसका जायजा लेने के लिए अमर उजाला टीम ने कुछ विभागों के कार्यालयों का दौरा किया जिसमें पाया गया कि ये अपनी सुरक्षा के साथ-साथ अपने काम के लिए हर रोज इन कार्यालयों में पहुंचने वाली भीड़ के लिए जरा भी गंभीर नहीं हैं। अगर किसी सरकारी कार्यालय में आग लग जाती है तो प्राथमिक लेवल पर आग बुझाने के प्रबंध इन विभागों के पास नहीं हैं। विभागों द्वारा आग बुझाने के जो यंत्र कार्यालयों में लगवाए गए हैं, वे एक्सपायरी डेट के लगे हुए हैं। ऐसे में इन उपकरणों से कैसे उम्मीद की जा सकती है कि वो हादसे के समय काम करेंगे।
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सिविल अस्पताल में अग्निशमन यंत्र 2 साल पूर्व हो चुके एक्सपायर
अमर उजाला टीम ने सिविल अस्पताल में अपने निरीक्षण के दौरान पाया कि पूरे भवन में लगे अग्निशमन यंत्र दो साल पूर्व एक्सपायर हो चुके हैं। इन यंत्रों को लेकर विभाग के द्वारा कोई सुध नहीं ली गई हैं। ऐसा नहीं है कि इस दौरान कोई हादसा नहीं हुआ। बताया जा रहा है कि कुछ समय पूर्व रात के समय एक वार्ड में आग लग गई थी। जिस दौरान फायर इंस्टींगर ने काम नहीं किया था। इसके बावजूद भी अधिकारी नहीं जागे और ये फायर इंस्टींगर आज भी पुराने ही लगे हुए हैं।
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लघु सचिवालय परिसर का भी है यही हाल
लघु सचिवालय के पुराने भवन में भी फायर इंस्टींगर एक्सपायरी डेट के लगे हुए हैं। इस भवन में तहसीलदार, एडीसी, शिक्षा विभाग व खुफिया विभाग के कार्यालय बने हुए हैं। इन विभाग के किसी भी अधिकारी की नजर आज तक इन अग्निशमन यंत्रों पर नहीं गई है। इसके चलते पूरे भवन की सुरक्षा में लापरवाह प्रशासन के द्वारा चूक बरती जा रही है। ऐसे में अगर कोई हादसा होता है तो इसके लिए कौन जवाबदेह होगा, इसके लिए किसी के पास जवाब नहीं है।
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चलाया गया था जागरूकता अभियान
साल की शुरूआत में जिला प्रशासन के द्वारा जागरूकता अभियान चलाया गया था। इतना ही नहीं मॉक ड्रिल के माध्यम से कर्मचारियों को आपात स्थिति से निपटने के लिए भी जागरूक किया गया था। दमकल विभाग की टीम के द्वारा सभी कर्मचारियों को रेसक्यू ऑपरेशन के बारे में भी जानकारी दी गई थी। इसके बावजूद भी अधिकारी खुद जागरूक नहीं हैं। सरकारी विभागों की इस लापरवाही कार्यप्रणाली के चलते किसी दिन सुरक्षा में बड़ी चूक हो सकती है।

नहीं मिल रहे यंत्र: गर्ग
उन्हें इस बात की तो जानकारी है कि अस्पताल परिसर में लगे यंत्र एक्सपायरी डेट के लगे हुए हैं। लेकिन उन्हें नए यंत्र लगवाने के लिए कोई एजेंसी नहीं मिल रही। इसके चलते यह मामला पेंडिंग चल रहा है। इन यंत्रों को जल्द ही बदलवाया जाएगा।

-एनके गर्ग, एसएमओ, झज्जर।

एक्सपायरी डेट के जितने भी यंत्र जिस भी सरकारी विभाग में लगे हुए हैं, उन्हें बदलवाया जाएगा। आमजन की सुरक्षा से कोई खिलवाड़ नहीं होने दिया जाएगा। इस बारे में सभी विभागाध्यक्षों को आदेश जारी किए जाएंगें।
-आरसी बिढाण, डीसी झज्जर।
 
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