{"_id":"6126a4068ebc3ec7777a241d","slug":"highway-inlegelcut-is-vain-jhjhar-news-rtk6219842144","type":"story","status":"publish","title_hn":"दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए राजमार्गों के अवैध कट होंगे बंद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए राजमार्गों के अवैध कट होंगे बंद
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जिले से गुजरने वाले राष्ट्रीय व राज्य राजमार्ग तथा केएमपी (कुंडली-मानेसर-पलवल) पर अवैध कट बंद खत्म नहीं किए गए तो जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई होगी। इसके साथ ही दुर्घटना संभावित क्षेत्रों में रात को रेडियम टेप लगाए जाएं। शहरी क्षेत्रों में जाम न लगे, इसके लिए अतिक्रमण हटाया जाए।
लघु सचिवालय में बुधवार को उपायुक्त श्याम लाल पूनिया ने जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में अधिकारियों के इस संबंध में निर्देश दिए। बैठक में डीटीओ एवं सचिव आरटीए धारणा यादव ने विभागीय गतिविधियों से अवगत कराया।
बैठक में उपायुक्त ने कहा कि वैसे तो जिले में पहले के मुकाबले सड़क हादसे काफी कम हुए हैं, इसके बावजूद सड़क सुरक्षा की पूरी निगरानी होनी चाहिए। जिलास्तर पर सड़क दुर्घटनाओं का विश्लेषणात्क विवरण तैयार किया जाए। जिससे कि यह ज्ञात हो सके कि सड़क सुरक्षा के लिए सबसे अधिक कौन-कौन से कार्य किए जाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि जिले में दुर्घटना के संभावित स्थानों की पहचान कर वहां साइनबोर्ड लगवाए जाएं। उन्होंने कहा कि झज्जर व बहादुरगढ़ शहर में प्रमुख चौराहों पर सार्वजनिक रोशनी की उचित व्यवस्था होनी चाहिए।
विज्ञापन
विज्ञापन
लघु सचिवालय में बुधवार को उपायुक्त श्याम लाल पूनिया ने जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में अधिकारियों के इस संबंध में निर्देश दिए। बैठक में डीटीओ एवं सचिव आरटीए धारणा यादव ने विभागीय गतिविधियों से अवगत कराया।
विज्ञापन
बैठक में उपायुक्त ने कहा कि वैसे तो जिले में पहले के मुकाबले सड़क हादसे काफी कम हुए हैं, इसके बावजूद सड़क सुरक्षा की पूरी निगरानी होनी चाहिए। जिलास्तर पर सड़क दुर्घटनाओं का विश्लेषणात्क विवरण तैयार किया जाए। जिससे कि यह ज्ञात हो सके कि सड़क सुरक्षा के लिए सबसे अधिक कौन-कौन से कार्य किए जाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि जिले में दुर्घटना के संभावित स्थानों की पहचान कर वहां साइनबोर्ड लगवाए जाएं। उन्होंने कहा कि झज्जर व बहादुरगढ़ शहर में प्रमुख चौराहों पर सार्वजनिक रोशनी की उचित व्यवस्था होनी चाहिए।
विज्ञापन