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Jhajjar-Bahadurgarh News: अग्निशमन यंत्र नहीं होने से महफूज नहीं है सरकारी कार्यालय
Sat, 19 Oct 2024 05:41 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़
Updated Sat, 19 Oct 2024 05:41 AM IST
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बादली। आग से बचाव के लिए सरकारी भवनों में अग्निशमन यंत्रों का होना आवश्यक है, लेकिन बादली उपमंडल और तहसील सहित अन्य कई सरकारी कार्यालयों में अग्नि सुरक्षा भगवान भरोसे चल रही है।
स्थिति यह है कि इन कार्यालयों में तैनात अधिकारियों ने भी यंत्रों को लगवाना मुनासिब नहीं समझा। प्राथमिकता के तौर पर मिट्टी से भरी की बाल्टी भी कहीं नजर नहीं आती है जबकि आग की घटना के बाद झज्जर और बहादुरगढ़ के दूर दराज के शहरों पर दमकल वाहनों पर निर्भर है। ऐसे में यदि भवन में आग लगने की घटना होती है, तो उसे तुरंत काबू करना संभव नहीं हो पाएगा।
पुराने कालेज भवन में चल रहे उपमंडल कार्यालय में पटवारखाना भवन, पशुपालन और एसीपी कार्यालय मौजूद हैं। जहां महत्वपूर्ण कार्य होने के साथ ही महत्वपूर्ण दस्तावेज भी होते हैं। अधिकतर कार्यालयों में अग्नि सुरक्षा को लेकर पुख्ता इंतजाम नहीं किए गए हैं। ऐसे में यदि कभी आग लगने की घटना होती है तो उससे काफी नुकसान हो सकता है। लेकिन विभाग इस ओर ध्यान देने को तैयार नहीं हैं। नियमानुसार सरकारी भवन, व्यावसायिक प्रतिष्ठान तथा बहुमंजिली निजी भवनों में भी फायर सिस्टम लगाना जरूरी है। आग लगने की स्थिति में फायर अलार्म के माध्यम से लोगों को तेजी से जानकारी दी जा सके और उस पर अविलंब कार्रवाई की जा सकती है। फायर सेफ्टी को लेकर प्रत्येक माह स्वमूल्यांकन कराने का भी नियम है।
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खामियों की समीक्षा की गई है जबकि अग्निशमन विभाग को भी निरीक्षण के निर्देश दिए गए हैं। तुरंत प्रभाव से अग्निशमन यंत्रों का प्रबंध करवाया जाएगा जबकि प्राथमिकता के तौर पर मिट्टी की बाल्टियां रखवाई जाएंगी।
सतीश यादव, एसडीएम बादली।
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स्थिति यह है कि इन कार्यालयों में तैनात अधिकारियों ने भी यंत्रों को लगवाना मुनासिब नहीं समझा। प्राथमिकता के तौर पर मिट्टी से भरी की बाल्टी भी कहीं नजर नहीं आती है जबकि आग की घटना के बाद झज्जर और बहादुरगढ़ के दूर दराज के शहरों पर दमकल वाहनों पर निर्भर है। ऐसे में यदि भवन में आग लगने की घटना होती है, तो उसे तुरंत काबू करना संभव नहीं हो पाएगा।
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पुराने कालेज भवन में चल रहे उपमंडल कार्यालय में पटवारखाना भवन, पशुपालन और एसीपी कार्यालय मौजूद हैं। जहां महत्वपूर्ण कार्य होने के साथ ही महत्वपूर्ण दस्तावेज भी होते हैं। अधिकतर कार्यालयों में अग्नि सुरक्षा को लेकर पुख्ता इंतजाम नहीं किए गए हैं। ऐसे में यदि कभी आग लगने की घटना होती है तो उससे काफी नुकसान हो सकता है। लेकिन विभाग इस ओर ध्यान देने को तैयार नहीं हैं। नियमानुसार सरकारी भवन, व्यावसायिक प्रतिष्ठान तथा बहुमंजिली निजी भवनों में भी फायर सिस्टम लगाना जरूरी है। आग लगने की स्थिति में फायर अलार्म के माध्यम से लोगों को तेजी से जानकारी दी जा सके और उस पर अविलंब कार्रवाई की जा सकती है। फायर सेफ्टी को लेकर प्रत्येक माह स्वमूल्यांकन कराने का भी नियम है।
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खामियों की समीक्षा की गई है जबकि अग्निशमन विभाग को भी निरीक्षण के निर्देश दिए गए हैं। तुरंत प्रभाव से अग्निशमन यंत्रों का प्रबंध करवाया जाएगा जबकि प्राथमिकता के तौर पर मिट्टी की बाल्टियां रखवाई जाएंगी।
सतीश यादव, एसडीएम बादली।