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Jhajjr: पूर्व उद्योग मंत्री कृपाराम पुनिया का हुआ निधन, साल्हावास के रहने वाले थे पुनिया
Mon, 20 Jan 2025 03:13 PM IST
नवीन दलाल
संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर (हरियाणा)
संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर (हरियाणा)
Published by: नवीन दलाल
Updated Mon, 20 Jan 2025 03:13 PM IST
सार
पुनिया ने भारतीय वायु सेना की चयन समिति में मनोवैज्ञानिक के रूप में काम किया था। बाद में वे भारतीय प्रशासनिक सेवा में शामिल हो गए और अधिकारी बन गए। वे एयर इंडिया के निदेशक मंडल के सदस्य थे।
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पूर्व उद्योग मंत्री रहे कृपाराम पुनिया
- फोटो : संवाद
विस्तार
देवीलाल सरकार में उद्योग मंत्री रहे कृपाराम पुनिया का आज निधन हो गया है। उनका जन्म जिले के साल्हावास में एक जनवरी 1936 को हुआ था। वह हरियाणा सरकार में पूर्व मंत्री व रिटायर्ड आईएएस थे। उन्होंने 95 साल की उम्र में अंतिम सांस ली। उनका अंतिम संस्कार पंचकुला में होगा। उनके पांच बेटे और एक बेटी हैं।
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कृपा राम पुनिया को केआर पुनिया के नाम से भी जाना जाता है। वह एक भारतीय राजनीतिज्ञ थे। वे 1980 के दशक के अंत में जनता दल के सदस्य थे और 1987 से 1989 तक हरियाणा के तत्कालीन मुख्यमंत्री देवीलाल की राज्य सरकार में उद्योग मंत्री के रूप में कार्य किया था।
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उन्होंने कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय से पीएचडी और रूसी भाषा और भूमि प्रबंधन में डिप्लोमा प्राप्त किया था। पुनिया ने भारतीय वायु सेना की चयन समिति में मनोवैज्ञानिक के रूप में काम किया था। बाद में वे भारतीय प्रशासनिक सेवा में शामिल हो गए और अधिकारी बन गए। वे एयर इंडिया के निदेशक मंडल के सदस्य थे। 1987 में पुनिया ने कुल 91066 वोटों में से 50882 वोट हासिल करके चुनाव जीता था और हरियाणा विधानसभा के सदस्य बने थे। वे हरियाणा सरकार के उद्योग मंत्री बने और 1989 में ओम प्रकाश चौटाला द्वारा दिए गए भाषण के विरोध में अपने इस्तीफे तक इस पद पर बने रहे।
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पुनिया गुलाम नबी आज़ाद के करीबी थे। माधवराव सिंधिया के साथ उनकी दोस्ती ने उन्हें 1991 में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस में शामिल होने में मदद की थी। 2005 में उन्होंने बड़ौदा निर्वाचन क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करने के लिए एक स्वतंत्र उम्मीदवार के रूप में हरियाणा विधानसभा के लिए राज्य चुनाव लड़ा और 10356 वोटों (कुल वोटों का 13.67%) के साथ चौथे स्थान पर रहे थे। वे 2017 में वे बहुजन समाज पार्टी में शामिल हो गए थे। बीएसपी में शामिल होने से पहले वे कांग्रेस पार्टी के सदस्य थे। दिसंबर 2018 में उन्होंने बहुजन समाज पार्टी छोड़ दी थी।