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Jhajjar-Bahadurgarh News: सुबह कोहरा बना आफत, दोपहर निकली धूप ने दिलाई राहत
Fri, 19 Jan 2024 02:26 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़
Updated Fri, 19 Jan 2024 02:26 AM IST
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झज्जर। कभी कोहरा तो कभी शीत लहर ने ठंड में हालात खराब कर दिए हैं। वीरवार की सुबह कोहरा के साथ हुई और दोपहर दो बजे धूप निकली। कोहरा लोगों के लिए आफत बना रहा, हालांकि दोपहर निकली धूप से लोगों को कुछ राहत जरूर मिली है।
ठंड में एक बार फिर लोगों को हीटर व अलाव का सहारा लेना पड़ रहा है। वीरवार को सुबह 11 बजे तक कोहरा छाया रहा, आसमान में बादलवाही छाई रही। दृश्यता 15 से 20 मीटर तक रही। वीरवार को अधिकतम तापमान 16.4 और न्यूनतम तापमान 4.8 डिग्री दर्ज किया गया। जबकि मंगलवार रात को न्यूनतम तापमान 5.7 डिग्री था और बुधवार रात को तापमान कम होकर 4.8 डिग्री तक पहुंच गया था। दोपहर को निकली धूप से लोगों को कुछ राहत मिली। जबकि पिछले कई दिनों से भीषण हाड़ कंपा देने वाली ठंड पड़ रही है।
मौसम विशेषज्ञ डॉ. चंद्रमोहन ने बताया कि लगातार मौसम शुष्क बना हुआ है। पिछले डेढ़ महीने से बारिश की गतिविधियां नदारद हैं। इस दौरान लगातार कमजोर पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने से केवल हल्का मौसम में बदलाव और तापमान में उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। कमजोर पश्चिमी विक्षोभ जैसे ही उत्तरी पर्वतीय क्षेत्रों पर सक्रिय होते हैं वैसे ही हवाओं की दिशा में बदलाव होता है। पूर्वी-दक्षिणी और दक्षिणी-पश्चिमी हवाओं से मैदानी राज्यों के वातावरण में नमी की मात्रा में बढ़ोतरी होने से ऊपर और निचले स्तर पर कोहरा की सघन सफेद चादर इलाके को अपने आगोश में ले लेती है। इसकी वजह से रिकॉर्ड तोड़ शीत दिवस (कोल्ड डे) से गंभीर शीत दिवस की स्थिति बनी हुई है। लगातार तापमान कम हो रहा है। आने वाले सप्ताह में मौसम आमतौर पर शुष्क बना रहेगा और हाड़ कंपा देने वाली ठंड से आमजन को राहत मिलने के आसार नहीं दिख रहे हैं। 21 जनवरी और 25 जनवरी को लगातार एक के बाद एक कमजोर पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होंगे, इसकी वजह से इलाके में मौसम में बदलाव, आंशिक बादलवाही और तापमान में उतार-चढ़ाव देखने को मिलेगा।
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बसों व ट्रेनों में भी यात्रियों की संख्या हो रही कम
कोहरे व ठंड के चलते बसों व ट्रेनों में भी यात्रियों की संख्या कम हो रही है। इसका सीधा असर राजस्व पर पड़ता नजर आ रहा है। बसों में लोकल व लंबे दोनों रूटों पर यात्रियों की संख्या कम हुई है। रोडवेज को प्रतिदिन दो लाख के राजस्व का नुकसान हो रहा है। इसी प्रकार रेलवे को भी प्रतिदिन राजस्व का नुकसान हो रहा है। रोडवेज में प्रतिदिन 20 हजार यात्री सफर करते हैं, लेकिन अब संख्या 15 से 17 हजार रह गई है।
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ठंड में एक बार फिर लोगों को हीटर व अलाव का सहारा लेना पड़ रहा है। वीरवार को सुबह 11 बजे तक कोहरा छाया रहा, आसमान में बादलवाही छाई रही। दृश्यता 15 से 20 मीटर तक रही। वीरवार को अधिकतम तापमान 16.4 और न्यूनतम तापमान 4.8 डिग्री दर्ज किया गया। जबकि मंगलवार रात को न्यूनतम तापमान 5.7 डिग्री था और बुधवार रात को तापमान कम होकर 4.8 डिग्री तक पहुंच गया था। दोपहर को निकली धूप से लोगों को कुछ राहत मिली। जबकि पिछले कई दिनों से भीषण हाड़ कंपा देने वाली ठंड पड़ रही है।
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मौसम विशेषज्ञ डॉ. चंद्रमोहन ने बताया कि लगातार मौसम शुष्क बना हुआ है। पिछले डेढ़ महीने से बारिश की गतिविधियां नदारद हैं। इस दौरान लगातार कमजोर पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने से केवल हल्का मौसम में बदलाव और तापमान में उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। कमजोर पश्चिमी विक्षोभ जैसे ही उत्तरी पर्वतीय क्षेत्रों पर सक्रिय होते हैं वैसे ही हवाओं की दिशा में बदलाव होता है। पूर्वी-दक्षिणी और दक्षिणी-पश्चिमी हवाओं से मैदानी राज्यों के वातावरण में नमी की मात्रा में बढ़ोतरी होने से ऊपर और निचले स्तर पर कोहरा की सघन सफेद चादर इलाके को अपने आगोश में ले लेती है। इसकी वजह से रिकॉर्ड तोड़ शीत दिवस (कोल्ड डे) से गंभीर शीत दिवस की स्थिति बनी हुई है। लगातार तापमान कम हो रहा है। आने वाले सप्ताह में मौसम आमतौर पर शुष्क बना रहेगा और हाड़ कंपा देने वाली ठंड से आमजन को राहत मिलने के आसार नहीं दिख रहे हैं। 21 जनवरी और 25 जनवरी को लगातार एक के बाद एक कमजोर पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होंगे, इसकी वजह से इलाके में मौसम में बदलाव, आंशिक बादलवाही और तापमान में उतार-चढ़ाव देखने को मिलेगा।
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बसों व ट्रेनों में भी यात्रियों की संख्या हो रही कम
कोहरे व ठंड के चलते बसों व ट्रेनों में भी यात्रियों की संख्या कम हो रही है। इसका सीधा असर राजस्व पर पड़ता नजर आ रहा है। बसों में लोकल व लंबे दोनों रूटों पर यात्रियों की संख्या कम हुई है। रोडवेज को प्रतिदिन दो लाख के राजस्व का नुकसान हो रहा है। इसी प्रकार रेलवे को भी प्रतिदिन राजस्व का नुकसान हो रहा है। रोडवेज में प्रतिदिन 20 हजार यात्री सफर करते हैं, लेकिन अब संख्या 15 से 17 हजार रह गई है।