फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Jhajjar/Bahadurgarh News ›   Five petrol pumps are closed for a year due to farmers' strike at Tikri border

टीकरी बार्डर पर किसानों के धरने की वजह से सालभर से बंद हैं पांच पेट्रोल पंप

Sun, 21 Nov 2021 12:18 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Sun, 21 Nov 2021 12:18 AM IST
विज्ञापन
Five petrol pumps are closed for a year due to farmers' strike at Tikri border
टीकरी बार्डर पर किसानों के धरने के कारण बंद पड़े पांच पेट्रोल पंपों के मालिकों को करोड़ों रुपये का नुकसान हुआ। इन पंपों के 250 कर्मचारियों को बेरोजगारी की मार झेलनी पड़ी। अब इन कर्मचारियों को उम्मीद हुई है कि पंप जल्द चालू होंगे और उनका रोजगार बहाल होगा।
विज्ञापन

टीकरी बार्डर पर सालभर से चल रही संयुक्त किसान मोर्चा की सभा के पंडाल के दोनों ओर पांच पेट्रोल पंप हैं। पिछले साल 26 नवंबर को जब से आंदोलनकारी किसान यहां पहुंचे हैं, तभी से ये पंप पूरी तरह से ठप पड़े हुए हैं। सुरक्षा की वजह से इन सभी पेट्रोल पंप को बंद करना पड़ा। बिक्री बिलकुल ही बंद है। हालांकि आंदोलन की शुरुआत में कुछ दिन कर्मचारी यहां आते, मशीनों की देखरेख करते और चले जाते थे। लेकिन ये ज्यादा दिन नहीं चल सका और आजकल केवल चौकीदार ही यहां रहते हैं। इन पंपों के परिसरों को दिल्ली के सुरक्षा बलों ने अपना ठिकाना बना लिया। वे यहीं सोते हैं, नहाते हैं और यहीं खाते हैं। हरियाणा से सटे कुछ पंपों के परिसरों में किसानों न टेंट लग लिए थे।
विज्ञापन

इन पंपों पर आम दिनों में जहां एक लाख लीटर पेट्रोल और डीजल के साथ 60 हजार किलो सीएनजी बिक जाती थी, वहीं धरना प्रदर्शन की वजह से एक बूंद पेट्रोलियम की बिक्री भी नहीं हुई। पेट्रोल पंप पर ही सीएनजी बेचने वाले संदीप ने बताया कि प्रतिदिन उनकी लगभग 10 हजार लीटर डीजल पेट्रोल की सेल होती थी। किसान आंदोलन की वजह से करोड़ों का नुकसान हुआ। कंपनियों से कमीशन भी नहीं मिल पाया। ढाई सौ कर्मचारियों को घर बैठना पड़ रहा है। डीलर भी कब तक वेतन देते, जब बिक्री ही बंद है तो। परिवार को रोटी खिलाना मुश्किल हो गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन

एक पंप के कर्मचारी की विजय ने बताया कि हर रोज कई सौ ग्राहक आते थे, पंप बंद रहने से वे भी परेशान हैं। उनको दूर दराज से पेट्रोल खरीदकर लाना पड़ता है। एक पंप के मैनेजर दर्शन सिंह ने बताया कि उनके पेट्रोल पंप पर 10 हजार किलो सीएनजी हर रोज गैस बिकती थी, कई लोगों को रोजगार मिला हुआ था, अब सभी का ठप है। किसानों का धरना खत्म हो जाए तो कुछ बात बने।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed