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98 साल बाद अपने वतन पहुंचेगी विक्टोरिया क्रॉस विजेता के समाधि की मिट्टी
jhajjar
Updated Sun, 01 May 2016 01:30 AM IST
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काहिरा में कृषि मंत्री ओ.पी.धनखड़ ने सुपूत को श्रद्धांजलि देते हुए
- फोटो : bureau
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हरियाणा के कृषि मंत्री ओम प्रकाश धनखड़ ने झज्जर के गांव ढाकला के सपूत विक्टोरिया क्रॉस विजेता रिसलदार बदलू सिंह को हैलियोपालिस वार सिमिटरी, काहिरा (मिस्त्र) मे श्रद्धांजलि अर्पित की। इस वीर की स्मृति के रूप में समाधि की माटी 98 साल बाद तीन मई को 10 बजे गांव ढाकला पहुंचेगी। इस मौके पर भारतीय राजदूत संजय भट्टाचार्य, विधायक ओमप्रकाश यादव, रविंद्र मच्छरोली, अतिरिक्त मुख्य सचिव रामनिवास ने भी शहीद को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।
प्रथम विश्व युद्ध के दौरान रिसलदार बदलू सिंह ने 23 सितम्बर 1918 को वीरता और अदम्य साहस का प्रदर्शन करते हुए जॉर्डन नदी के किनारे फिलिस्तीन में अपना सर्वोच्च बलिदान दिया था। बदलू सिंह 14 मूरे जाट लांसर्स ब्रिटिश इंडियन आर्मी मे रिसलदार के पद पर कार्यरत थे और युद्ध के समय 29 लांसर्स (डेकन हार्स) से अटैच थे। इन्होंने अपनी बहादुरी का परिचय देते हुए छह साथियों को साथ लेकर बिना डरे बिना हिचके और घायल होने के बावजूद पहाड़ी पर चढ़ कर दुश्मन की एक मशीनगन पर कब्जा कर लिया। ब्रिटिश सरकार ने मरणोंपरांत उनकी वीरता को 27 नवंबर 1998 को उस समय के सर्वोच्च वीरता सम्मान विक्टोरिया क्रॉस से सम्मानित किया। तीन मई को जब गांव ढाकला में बहादुर सपूत के स्मृति स्थल की पावन माटी पहुंचेगी तो इसे पूरे मान सम्मान के साथ गांव में संजोया जाएगा।
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प्रथम विश्व युद्ध के दौरान रिसलदार बदलू सिंह ने 23 सितम्बर 1918 को वीरता और अदम्य साहस का प्रदर्शन करते हुए जॉर्डन नदी के किनारे फिलिस्तीन में अपना सर्वोच्च बलिदान दिया था। बदलू सिंह 14 मूरे जाट लांसर्स ब्रिटिश इंडियन आर्मी मे रिसलदार के पद पर कार्यरत थे और युद्ध के समय 29 लांसर्स (डेकन हार्स) से अटैच थे। इन्होंने अपनी बहादुरी का परिचय देते हुए छह साथियों को साथ लेकर बिना डरे बिना हिचके और घायल होने के बावजूद पहाड़ी पर चढ़ कर दुश्मन की एक मशीनगन पर कब्जा कर लिया। ब्रिटिश सरकार ने मरणोंपरांत उनकी वीरता को 27 नवंबर 1998 को उस समय के सर्वोच्च वीरता सम्मान विक्टोरिया क्रॉस से सम्मानित किया। तीन मई को जब गांव ढाकला में बहादुर सपूत के स्मृति स्थल की पावन माटी पहुंचेगी तो इसे पूरे मान सम्मान के साथ गांव में संजोया जाएगा।
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