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भागलपुरी चौक पर किसानों ने एक घंटे लगाया जाम, कृषि विधेयक को बताया ‘डेथ वारंट’
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बेरी में तैनात पुलिस बल।
- फोटो : Jhjhar
केंद्र सरकार की ओर से लाए गए कृषि विधेयकों के विरोध में जिलेभर में किसानों और आढ़तियों ने रविवार को रोड जाम करने के साथ सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। इस दौरान बेरी के भागलपुरी चौक पर किसानों ने जाम लगा दिया। किसानों का कहना था कि ये कृषि विधेयक किसानों के लिए डेथ वारंट हैं। इसी किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं करेंगे।
इससे पहले बेरी क्षेत्र में रविवार सुबह से ही अनाज मंडी में किसानों का जमावड़ा शुरू हो गया था। अखिल भारतीय किसान यूनियन, किसान सभा सहित अन्य किसान संगठन के बैनर तले काफी संख्या में देखते ही देखते अनाज मंडी में किसान जमा हो गए। दोपहर के समय किसान अनाजमंडी से ही प्रदर्शन करते हुए यहां भागलपुरी चौक पर पहुंचे और जाम लगा दिया। इसकी सूचना मिलने पर डीसी जितेंद्र दहिया, डीआईजी अशोक, डीएसपी बेरी नरेश कुमार, डीएसपी राहुल देवी मौके पर पहुंचे और किसानों को समझाया। हालांकि प्रशासन ने स्थिति को पहले ही भांप लिया था। इसको लेकर प्रशासन की तैयारी पूरी रही। करीब एक घंटे तक लगे जाम से कलानौर, जहाजगढ़, बेरी व डीघल की ओर जाने वाले रास्तों पर वाहनों की लंबी कतारें लगी रही। इस दौरान पुलिस की तरफ से जहाजगढ़, डीघल, झज्जर की तरफ से आने वाले वाहनों को दूसरे रास्तों से गुजारा। वहीं जाम खोलने के बाद किसान प्रदर्शन करते वापस अनाज मंडी पहुंचे।
पिपली में किसानों पर हुए लाठीचार्ज की भारतीय किसान यूनियन निंदा करती है। केंद्र सरकार ने कृषि विधेयक लाकर किसानों की बर्बादी का रास्ता खोला है। उन्होंने मांग की है कि पिपली में दर्ज हुए मुकदमे वापस लिए जाएं और लाठीचार्ज का आदेश देने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई की जाए।
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- राजेश झामरी, भारतीय किसान यूनियन, जिला अध्यक्ष, झज्जर।
सरकार जो विधेयक लाई है, वह किसानों के खिलाफ है। किसानों को बर्बाद कर देगा। उद्योगपति कोई कितना स्टॉक कर सकता है। पिपली में किसानों व आढ़तियों पर हुए लाठीचार्ज की अखिल भारतीय किसान सभा निंदा करती है। जिस अधिकारी ने लाठीचार्ज के आर्डर दिए उस पर कानूनी कार्रवाई की जाए।
- सूबेदार सतनारायण सिंह, अखिल भारतीय किसान सभा, जिला अध्यक्ष, झज्जर।
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इससे पहले बेरी क्षेत्र में रविवार सुबह से ही अनाज मंडी में किसानों का जमावड़ा शुरू हो गया था। अखिल भारतीय किसान यूनियन, किसान सभा सहित अन्य किसान संगठन के बैनर तले काफी संख्या में देखते ही देखते अनाज मंडी में किसान जमा हो गए। दोपहर के समय किसान अनाजमंडी से ही प्रदर्शन करते हुए यहां भागलपुरी चौक पर पहुंचे और जाम लगा दिया। इसकी सूचना मिलने पर डीसी जितेंद्र दहिया, डीआईजी अशोक, डीएसपी बेरी नरेश कुमार, डीएसपी राहुल देवी मौके पर पहुंचे और किसानों को समझाया। हालांकि प्रशासन ने स्थिति को पहले ही भांप लिया था। इसको लेकर प्रशासन की तैयारी पूरी रही। करीब एक घंटे तक लगे जाम से कलानौर, जहाजगढ़, बेरी व डीघल की ओर जाने वाले रास्तों पर वाहनों की लंबी कतारें लगी रही। इस दौरान पुलिस की तरफ से जहाजगढ़, डीघल, झज्जर की तरफ से आने वाले वाहनों को दूसरे रास्तों से गुजारा। वहीं जाम खोलने के बाद किसान प्रदर्शन करते वापस अनाज मंडी पहुंचे।
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पिपली में किसानों पर हुए लाठीचार्ज की भारतीय किसान यूनियन निंदा करती है। केंद्र सरकार ने कृषि विधेयक लाकर किसानों की बर्बादी का रास्ता खोला है। उन्होंने मांग की है कि पिपली में दर्ज हुए मुकदमे वापस लिए जाएं और लाठीचार्ज का आदेश देने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई की जाए।
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- राजेश झामरी, भारतीय किसान यूनियन, जिला अध्यक्ष, झज्जर।
सरकार जो विधेयक लाई है, वह किसानों के खिलाफ है। किसानों को बर्बाद कर देगा। उद्योगपति कोई कितना स्टॉक कर सकता है। पिपली में किसानों व आढ़तियों पर हुए लाठीचार्ज की अखिल भारतीय किसान सभा निंदा करती है। जिस अधिकारी ने लाठीचार्ज के आर्डर दिए उस पर कानूनी कार्रवाई की जाए।
- सूबेदार सतनारायण सिंह, अखिल भारतीय किसान सभा, जिला अध्यक्ष, झज्जर।

बेरी में किसानों को समझाते उपायुक्त जितेंद्र कुमार।- फोटो : Jhjhar