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किसानों ने खरीदी एक लाख की मुर्राह नस्ल की भैंस, नहीं रहेगी दूध की कमी

Wed, 17 Mar 2021 11:46 PM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Wed, 17 Mar 2021 11:46 PM IST
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Farmers buy buffalo of one lakh Murrah breed, there will be no shortage of milk
टीकरी बॉर्डर पर किसान द्वारा खरीदकर लाई गई भैंस। संवाद - फोटो : Bahadurgarh
तीन कृषि कानूनों के विरोध में चल रहे आंदोलन में दूध की कमी को पूरा करने के लिए किसान टीकरी बॉर्डर के आंदोलन में अब मुर्राह नस्ल की भैंस खरीदकर लाए हैं। किसानों ने जहां कड़ाके की ठंड में गर्म पानी के लिए देसी गीजर खरीद लिए थे। गर्मी के मौसम को देखते हुए एसी, कूलर, फ्रिज व पंखे खरीद लिए हैं। ऐसे ही दूध की आपूर्ति करने के लिए किसानों ने अब भैंस भी खरीद ली है।
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बहादुरगढ़ के सेक्टर-9 बाईपास के साथ लगते पार्क में लुधियाना के पिंड मानुके संधु के किसान भैंस खरीदकर यहां लाए हैं। किसानों ने यह भैंस जींद के एक पशु व्यापारी बलजीत सिंह से एक लाख रुपये में खरीदी है, जो हर रोज 16 किलोग्राम दूध देती है। भैंस व उसकी कटड़ी का महिला किसानों ने मंगल गीत गाकर व गुड़-चना और रोटी खिलाकर स्वागत किया। मानुके संधु के पूर्व सरपंच बलदेव सिंह संधु, साधु सिंह पूर्व सरपंच, ब्लाक समिति के पूर्व सदस्य नवतेज सिंह ने बताया कि आंदोलनस्थल पर शुरू में तो दूध काफी मिल जाता था, लेकिन 26 जनवरी के बाद दूध की सप्लाई काफी कम हो गई है।
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हर रोज खरीदते थे एक हजार रुपये का दूध
गर्मी के मौसम के कारण भी दूध की सप्लाई कम हुई है। किसानों ने बताया कि उनके पिंड मानुके संधु गांव के 18-20 आदमी यहां पर हर रोज रहते हैं। ऐसे में प्रतिदिन बाजार से एक हजार रुपये तक का दूध खरीदना पड़ रहा था। फिर भी कई बार दूध की कमी हो जाती थी। इसी के चलते दूध की पर्याप्त आपूर्ति के लिए उन्होंने जींद भैंस खरीदी है। अब भैंस के आने से दूध की कमी उन्हें नहीं रहेगी।
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भैंस के लिए किया है चारे का इंतजाम
किसानों ने बताया कि भैंस के लिए चारा बाजार से खरीदकर लाएंगे। इसके अलावा आंदोलनस्थल पर लगने वाले भंडारे में हर रोज काफी मात्रा में रोटियां बच जाती हैं। वो भी इकट्ठा करके भैंस को खिलाएंगे। भैंस को रखने के लिए पार्क में तंबू बनाया है, जिसमें पंखा लगा दिया गया है। रात को भैंस को तंबू में रखा जाएगा। दिन में सड़क किनारे पेड़ के नीचे मिट्टी डालकर खूंटा गाड़ दिया गया है। दिन में भैंस यहां रहेगी। अब किसानों को दूध की कमी नहीं रहेगी। उन्होंने कहा कि अब किसानों की ओर से आंदोलनस्थल पर और भैंस लाई जाएंगी। जब तक सरकार की ओर से उनकी मांग पूरी नहीं की जाएंगी, वे घर वापस नहीं जाएंगे।

 टीकरी बॉर्डर पर भैंस लाने के दौरान गीत गातीं महिलाएं।

टीकरी बॉर्डर पर भैंस लाने के दौरान गीत गातीं महिलाएं।- फोटो : Bahadurgarh

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