फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Jhajjar/Bahadurgarh News ›   Farmers burnt effigies of the government on the Tikri border

टीकरी बार्डर पर किसानों ने फूंके सरकार के पुतले

Sun, 17 Oct 2021 12:33 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Sun, 17 Oct 2021 12:33 AM IST
विज्ञापन
Farmers burnt effigies of the government on the Tikri border
लगभग 11 माह से दिल्ली के टीकरी बार्डर पर बैठकर आंदोलन कर रहे किसानों ने तीनों कृषि कानूनों को अभी तक निरस्त नहीं किए जाने पर सरकार के खिलाफ कड़ा रोष जताया। शनिवार को केंद्र, हरियाणा व उत्तर प्रदेश सरकार के पुतले फूंक कर नारेबाजी। सरकार को चेताया कि आंदोलन चाहे कितना ही लंबा क्यों न चले वे भी तब तक पीछे हटने वाले नहीं हैं जब तक सरकार उनकी मांगों को नहीं मान लेती। किसानों ने कहा कि सरकार पूरी तरह से हठधर्मिता पर अड़ी है। किसान अपने हक की लड़ाई लड़ रहे हैं लेकिन किसानों के प्रति सरकार की कोई हमदर्दी नहीं दिख रही।
विज्ञापन

बीकेयू डकोंदा से मास्टर अमरजीत सिंह ने टीकरी बार्डर मंच से किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि मोदी सरकार हमारी जमीन को छीनना चाहती है। बाबा बंदा सिंह बहादुर ने अंग्रेजों के खिलाफ आंदोलन लड़कर हमें जमीनों का मालिक बनाया था हमें हमारे हक दिलवाए थे। मगर मोदी सरकार हमसे ये सारे हक छीना चाहती है। उन्हीं हकों को लेने के लिए साढ़े 10 महीने से ज्यादा समय से किसान सड़कों पर बैठे हुए हैं। बंदा बहादुर ने भी जमीनों के लिए लड़ाई लड़ी थी और जीत प्राप्त की थी। उसके बाद शहीद चाचा अजीत सिंह ने भी जमीनों के लिए लड़ाई लड़ी थी और जमीनी हक प्राप्त किए थे। उसके बाद अब पूरे देश के किसानों को मोदी सरकार के खिलाफ लड़ाई लड़नी पड़ रही है ,अपने जमीनी हकों के लिए।
विज्ञापन

कलविंदर सिंह ने कहा, मोदी सरकार बोलती है कि पूरे देश में नशे के कारोबार को खत्म करेंगे और वह जो नशे का कारोबार करते हैं, उनको सजा दिलाएंगे। पिछले दिनों में बंदरगाह के ऊपर बहुत बड़ी मात्रा में नशे के पदार्थ मिले हैं, मगर उसके ऊपर मोदी सरकार कोई बात नहीं करती और ना ही कोई सख्त कार्यवाही करती है। क्योंकि यह सरकार कारर्पोरेट घरानों की है। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार के खिलाफ पूरे भारत के मजदूर, किसान और लोग अपने हकों की लड़ाई लडने के लिए सड़कों पर बैठ कर सरकार को चेतावनी देते हैं कि सीटेट के अंदर जो अभी धान की फसल लगी हुई है और मंडियों में पड़ी हुई है किसानों की वह फसल टाइम से खरीदी नहीं जा रही। किसानों को फसल के ऊपर ठीक तरह की खरीद भी नहीं की जा रही।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed