फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Jhajjar/Bahadurgarh News ›   farmer peasent in border

शहीद चंद्रशेखर आजाद के बलिदान दिवस पर किसानों ने लिया संघर्ष का संकल्प

Sun, 28 Feb 2021 01:14 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Sun, 28 Feb 2021 01:14 AM IST
विज्ञापन
farmer peasent in border
बहादुरगढ़ में पकौड़ा चौक के पास सभा में अपने नेताओं के विचार सुनते किसान। - फोटो : Bahadurgarh
बहादुरगढ़। टीकरी बॉर्डर पर किसानों का धरना शनिवार को भी जारी रहा। पंजाब से दो ट्रेनों से सैकड़ों किसान टीकरी बॉर्डर पहुंचे। हालांकि लगभग इतने ही किसान अपने घर लौट गए। हरियाणा के झज्जर व रोहतक जिलों से कई ट्रैक्टर-ट्रॉलियों में महिलाएं बॉर्डर पहुंचीं और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। टीकरी बॉर्डर और पकौड़ा चौक के पास हुई सभाओं में आंदोलनकारियों ने शहीद चंद्रशेखर आजाद की तरह खेती के लिए अंतिम सांस तक संघर्ष करने का संकल्प लिया।
विज्ञापन

जींद, भिवानी, हिसार, फतेहाबाद व सिरसा जिलों से काफी संख्या में किसान शनिवार को टीकरी बॉर्डर पर पहुंचे। बॉर्डर पर हुई सभा को संयुक्त किसान मोर्चा से जुड़े किसान संगठनों और अन्य संस्थाओं के नेताओं ने संबोधित किया। सभी वक्ताओं ने सरकार से तीनों कृषि कानून निरस्त करने और कानून बनाकर एमएसपी की गारंटी देने की मांग की। इस दौरान किसान नेताओं ने शहीद क्रांतिकारी चंद्रशेखर को नमन करते हुए आंदोलनकारियों को आजाद के जीवन से संघर्ष की प्रेरणा लेने का आह्वान किया। भाकियू के परगट सिंह, बूटा सिंह व अन्य किसान नेताओं ने कहा कि चंद्रशेखर आजाद व भगत सिंह ने इंसान को अपने हकों के लिए आखिरी सांस तक लड़ना सिखाया।
विज्ञापन

पिलर नंबर 786 के सामने ऑल इंडिया किसान खेत मजदूर संगठन व एआईडीएसओ ने चंद्रशेखर आजाद का शहीदी दिवस और गुरु रविदास की जयंती संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर किसान मजदूर एकता दिवस के रूप में मनाई। इस अवसर पर किसान मजदूर एकता जिंदाबाद, किसान विरोधी कानून रद्द करो, बिजली बिल 2020 वापस लो, कॉरपोरेट को छूट और किसानों की लूट बंद करो के जोरदार नारे लगाए। किसान नेता जयकरण मांडोठी ने इस अवसर पर कहा कि सरकार ने ऐसे कानून बनाए हैं, जो न किसानों के हित में हैं और न ही मजदूरों के हित में है। नये कानूनों में सरकार ने जरूरत की तमाम चीजों को कारपोरेट घरानों को सौंप दिया है। वे जमाखोरी करेंगे और मनमाने दामों पर बेचकर अपने मुनाफे का पहाड़ खड़ा कर लेंगेे। इसके लिए आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 को पूरी तरह से पलट दिया है और गरीब के मुंह का निवाला छीनकर कॉरपोरेट घरानों को सौंप दिया है। उन्होंने कहा कि प्राइवेट मंडी खोलने की छूट से धीरे-धीरे एपीएमसी मंडियां बंद हो जाएंगी और कृषि बाजार पूरी तरह कारपोरेट घरानों के हाथों में आ जाएगा। सरकारी खरीद नहीं होगी, एमएसपी नहीं मिलेगा और राशन प्रणाली भी बंद हो जाएगी। अनुबंध खेती कानून भी पूंजीपतियों के हित में है और किसान इससे कंपनियों के बंधुआ मजदूर बनकर रह जाएंगे, जमीन उनके हाथ से निकल जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

छात्र नेता राजेश ने कहा कि महान स्वतंत्रता सेनानी शहीद चंद्रशेखर समाजवाद के हिमायती थे और शोषण, जुल्म अत्याचार के खिलाफ वो आखिरी सांस तक साम्राज्यवाद को टक्कर देते रहे। उनके सपने अधूरे हैं। आज भी करोड़ों लोग गरीबी के गर्त में हैं और नारकीय जीवन जीने को मजबूर हैं। केंद्र सरकार गरीब मजदूर किसानों की अनदेखी कर बड़े बड़े पूंजीपतियों, देसी विदेशी कंपनियों के हित में कार्य कर रही है और जबरन कानून थोपे जा रहे हैं। इस अवसर पर रामकिशन, जगदीश राय, सीताराम, विक्की, शिवप्रसाद, समर्थ, सरदार बलदेव सिंह, गुरनाम सिंह और अन्य उपस्थित रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed