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आंदोलन में किसानों की संख्या बढ़ाने के लिए संगठनों की बैठक
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टीकरी बार्डर पर किसान संगठनों की बैठक में मौजूद नेता।
- फोटो : Bahadurgarh
बहादुरगढ़। संयुक्त किसान मोर्चा के अंतर्गत आंदोलन में शामिल हरियाणा के सभी किसान संगठनों की सोमवार को एक बैठक हुई। इसमें दिल्ली के सभी बॉर्डर पर चल रहे आंदोलन में किसानों की संख्या बढ़ाने को लेकर विचार विमर्श हुआ। संगठन नेताओं का कहना है कि अब आने वाले दिनों में किसानों की संख्या बढ़ेगी। साथ ही बैठक में गिरफ्तार हुए आंदोलनकारियों को रिहा करवाने और दिल्ली व हरियाणा में बनाए गए केसों को रद्द करवाने के लिए चर्चा की गई।
किसान नेताओं ने कहा कि टीकरी, सिंघु, शाजहांपुर व सुनहेड़ा (पुन्हाना) बार्डरों पर किसानों की संख्या बढ़ाने को प्राथमिकता दी जाएगी। टीकरी बॉर्डर पर सोमवार को किसान नेता जोगेंद्र नैन की अध्यक्षता में हुई बैठक में गिरफ्तार आंदोलनकारियों को रिहा करवाने, दिल्ली व हरियाणा में बनाए गए पुलिस केसों को रद्द करवाने के लिए कदम उठाने का फैसला लिया गया। महम पुलिस द्वारा भाजपा सांसद रामचंद्र जांगड़ा को काले झंडे दिखाने पर 200 से ज्यादा किसानों पर मुकदमा दर्ज करने की निंदा की गई। साथ ही कहा गया कि भाजपा व जजपा नेताओं का बहिष्कार जारी रहेगा।
भारतीय किसान संघर्ष समिति के प्रदेश अध्यक्ष विकास सीसर ने बताया कि बैठक में दूध के भाव बढ़ाने और गेहूं की फसल को नष्ट करने संबंधी समाचारों पर संज्ञान लेते हुए यह अपील की गई कि संयुक्त किसान मोर्चा द्वारा घोषित कार्यक्रमों के अतिरिक्त अन्य कोई विवादास्पद गतिविधियां न करें जिससे किसान आंदोलन में भटकाव पैदा होता हो। आंदोलन को तेज करने के लिए प्रदेश के किसान संगठनों ने अपने सुझाव दिए। जिन्हें मंगलवार को संयुक्त किसान मोर्चा की सिंघु बॉर्डर पर होने वाली बैठक में रखा जाएगा। सोमवार को हुई बैठक में टीकरी बॉर्डर पर बिजली व पानी की आ रही समस्याओं पर संयुक्त किसान मोर्चा हरियाणा का एक प्रतिनिधिमंडल स्थानीय अधिकारियों से मिलेगा। इस अवसर पर किसान आंदोलन के अब तक हुए कार्यक्रम की समीक्षा रखते हुए इंद्रजीत सिंह ने कहा कि आंदोलन निरंतर जोर पकड़ रहा है और ज्यादा विस्तार हो रहा है। योगेंद्र यादव ने बैठक में कहा कि इस ऐतिहासिक किसान आंदोलन ने यह साबित कर दिया है कि इस निरंकुश सरकार को चुनौती दी जा सकती है। किसान आंदोलन से किसान की पगड़ी की रक्षा हुई और इससे देशभर में किसानों का मान सम्मान बढ़ा है।
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किसान नेताओं ने कहा कि टीकरी, सिंघु, शाजहांपुर व सुनहेड़ा (पुन्हाना) बार्डरों पर किसानों की संख्या बढ़ाने को प्राथमिकता दी जाएगी। टीकरी बॉर्डर पर सोमवार को किसान नेता जोगेंद्र नैन की अध्यक्षता में हुई बैठक में गिरफ्तार आंदोलनकारियों को रिहा करवाने, दिल्ली व हरियाणा में बनाए गए पुलिस केसों को रद्द करवाने के लिए कदम उठाने का फैसला लिया गया। महम पुलिस द्वारा भाजपा सांसद रामचंद्र जांगड़ा को काले झंडे दिखाने पर 200 से ज्यादा किसानों पर मुकदमा दर्ज करने की निंदा की गई। साथ ही कहा गया कि भाजपा व जजपा नेताओं का बहिष्कार जारी रहेगा।
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भारतीय किसान संघर्ष समिति के प्रदेश अध्यक्ष विकास सीसर ने बताया कि बैठक में दूध के भाव बढ़ाने और गेहूं की फसल को नष्ट करने संबंधी समाचारों पर संज्ञान लेते हुए यह अपील की गई कि संयुक्त किसान मोर्चा द्वारा घोषित कार्यक्रमों के अतिरिक्त अन्य कोई विवादास्पद गतिविधियां न करें जिससे किसान आंदोलन में भटकाव पैदा होता हो। आंदोलन को तेज करने के लिए प्रदेश के किसान संगठनों ने अपने सुझाव दिए। जिन्हें मंगलवार को संयुक्त किसान मोर्चा की सिंघु बॉर्डर पर होने वाली बैठक में रखा जाएगा। सोमवार को हुई बैठक में टीकरी बॉर्डर पर बिजली व पानी की आ रही समस्याओं पर संयुक्त किसान मोर्चा हरियाणा का एक प्रतिनिधिमंडल स्थानीय अधिकारियों से मिलेगा। इस अवसर पर किसान आंदोलन के अब तक हुए कार्यक्रम की समीक्षा रखते हुए इंद्रजीत सिंह ने कहा कि आंदोलन निरंतर जोर पकड़ रहा है और ज्यादा विस्तार हो रहा है। योगेंद्र यादव ने बैठक में कहा कि इस ऐतिहासिक किसान आंदोलन ने यह साबित कर दिया है कि इस निरंकुश सरकार को चुनौती दी जा सकती है। किसान आंदोलन से किसान की पगड़ी की रक्षा हुई और इससे देशभर में किसानों का मान सम्मान बढ़ा है।
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