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सामान्य अस्पताल में बांटी एक्सपायरी डेट की दवाइयां
ब्यूरो/अमर उजाला झज्जर
Updated Sun, 12 Jul 2015 01:28 AM IST
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सूबे के स्वास्थ्य मंत्री के आदेश और उच्चाधिकारियों की जांच के बाद भी सामान्य अस्पताल में हालात सुधरे नहीं हैं। अस्पताल प्रशासन की एक और बड़ी लापरवाही उजागर हुई है।
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यहां मरीजों को एक्सपायरी डेट की दवाइयां बांटी जा रही हैं। जून 2015 में एक्सपायर हो चुकी दवाएं बेधड़क जुलाई में बांट रही हैं। जब दवाइयां मरीजों को बांट दी गई, तब मामला सामने आया। वहीं, सूचना मिलते ही अस्पताल प्रबंधन ने आनन-फानन में उक्त एक्सपायरी डेट की दवाओं को हटाया।
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शनिवार को सामान्य अस्प्ताल में एक्सायरी डेट की दवाइयां बांटने का मामला उस समय सामने आया, जब भदाना गांव के मरीज रामपाल को एक्सपायरी डेट की दवाई दी गई।
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वह स्किन की समस्या होने पर अस्पताल में उपचार के लिए गया था, जहां उसका कार्ड बना और उसके बाद डाक्टर ने कार्ड पर दवाईयां लिख दी। उसने डिस्पेंसरी में जाकर उक्त दवा की ट्यूब ली।
जब उसने इसकी एक्सपायरी डेट देखी तो वह हैरान रह गया। उसकी मैन्यूफैक्चरिंग डेट जुलाई 2013 थी और एक्सपायरी डेट जून 2015 थी। जब मरीज ने शिकायत की तो डिस्पेंसरी में इसकी जांच की गई। जांच में एक पूरा पैकेट एक्सपायरी डेट की क्रीम का वहां रखा हुआ मिला। वहां मौजूद कर्मचारियों ने उसे तुरंत वहां से हटा दिया।
इस बारे में सीएमओ डॉ. रमेश धनखड़ से बात करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनका फोन आउट ऑफ कवरेज एरिया बताता रहा। वहीं, एसएमओ का मोबाइल भी स्विच ऑफ आता रहा।
अस्पताल के पास एक्सपायरी डेट की दवाईयां जलाई जाने के मामले में जांच करने के लिए शुक्रवार को रोहतक व पंचकूला से स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की टीम आई थी।
उस टीम ने एक्सपायरी डेट की दवा जलाए जाने के मामले की जांच करने के अलावा अस्पताल का निरीक्षण किया था और दवाइयों आदि की स्थिति को देखा था।
मरीजों को एक्सपायरी डेट की दवाई बांटे जाने से एक दिन पहले ही टीम ने सबकुछ जांच की, लेकिन टीम की पकड़ में वह दवाई नहीं आईं। जबकि टीम के अधिकारियों ने साफ कहा था कि दवाइयों की स्थिति पूरी तरह से ठीक है।