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Jhajjar-Bahadurgarh News: मासिक सिंगल विंडो प्रणाली लागू करने की मांग, उद्यमी बोले-विभागों को जोड़ने से बढ़ेगा समन्वय
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-फोटो 51 : पुरुषोत्तम गोयल
बहादुरगढ़। उद्यमियों की मासिक सिंगल विंडो प्रणाली लागू करने की मांग जोर पकड़ने लगी है। उद्यमियों का कहना है कि अलग-अलग विभागों के चक्कर काटने के बजाय सभी संबंधित विभागों को एक ही मंच पर जोड़ा जाए तो जल्द समाधान संभव होगा।
उद्यमियों ने सुझाव दिया कि जिला प्रशासन की देखरेख में प्रत्येक माह एक निर्धारित तिथि को बैठक आयोजित की जाए। इसमें उद्योग विभाग, बिजली निगम, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, नगर परिषद, श्रम विभाग और राजस्व विभाग के अधिकारी एक साथ उपस्थित रहें। इससे अंतर्विभागीय समन्वय बेहतर बनेगा।
उन्होंने कहा कि इस प्रकार की समन्वित व्यवस्था से लंबित मामलों की नियमित समीक्षा संभव होगी और निर्णयों का शीघ्र क्रियान्वयन सुनिश्चित हो सकेगा। जिला प्रशासन से जल्द इस प्रणाली को लागू करने की मांग की है, ताकि औद्योगिक विकास को नई गति मिल सके और स्थानीय स्तर पर निवेश को प्रोत्साहन मिले।
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बॉक्स
हमारे कई प्रोजेक्ट केवल अनुमतियों में देरी के कारण अटक जाते हैं। यदि मासिक सिंगल विंडो बैठक हो, तो हम अपने मुद्दे सीधे सभी अधिकारियों के सामने रख सकेंगे और एक ही बैठक में समाधान की दिशा तय हो सकेगी।
-पुरुषोत्तम गोयल, उद्यमी।
बिजली कनेक्शन, प्रदूषण संबंधी अनुमति और भवन स्वीकृति जैसे मामलों में अलग-अलग विभागों से तालमेल बैठाना मुश्किल होता है। एकल मंच पर चर्चा होने से पारदर्शिता बढ़ेगी और निर्णय तेजी से लागू होंगे।
विकास आनंद सोनी, उद्यमी
सरकार ईज ऑफ डूइंग बिजनेस की बात करती है लेकिन जमीनी स्तर पर व्यवस्था मजबूत करने की जरूरत है। सिंगल विंडो प्रणाली लागू होने से न केवल उद्योगों को राहत मिलेगी बल्कि प्रशासन और व्यापारियों के बीच विश्वास भी सुदृढ़ होगा।
रितेश कुमार, युवा उद्यमी
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उद्यमियों ने सुझाव दिया कि जिला प्रशासन की देखरेख में प्रत्येक माह एक निर्धारित तिथि को बैठक आयोजित की जाए। इसमें उद्योग विभाग, बिजली निगम, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, नगर परिषद, श्रम विभाग और राजस्व विभाग के अधिकारी एक साथ उपस्थित रहें। इससे अंतर्विभागीय समन्वय बेहतर बनेगा।
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उन्होंने कहा कि इस प्रकार की समन्वित व्यवस्था से लंबित मामलों की नियमित समीक्षा संभव होगी और निर्णयों का शीघ्र क्रियान्वयन सुनिश्चित हो सकेगा। जिला प्रशासन से जल्द इस प्रणाली को लागू करने की मांग की है, ताकि औद्योगिक विकास को नई गति मिल सके और स्थानीय स्तर पर निवेश को प्रोत्साहन मिले।
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हमारे कई प्रोजेक्ट केवल अनुमतियों में देरी के कारण अटक जाते हैं। यदि मासिक सिंगल विंडो बैठक हो, तो हम अपने मुद्दे सीधे सभी अधिकारियों के सामने रख सकेंगे और एक ही बैठक में समाधान की दिशा तय हो सकेगी।
-पुरुषोत्तम गोयल, उद्यमी।
बिजली कनेक्शन, प्रदूषण संबंधी अनुमति और भवन स्वीकृति जैसे मामलों में अलग-अलग विभागों से तालमेल बैठाना मुश्किल होता है। एकल मंच पर चर्चा होने से पारदर्शिता बढ़ेगी और निर्णय तेजी से लागू होंगे।
विकास आनंद सोनी, उद्यमी
सरकार ईज ऑफ डूइंग बिजनेस की बात करती है लेकिन जमीनी स्तर पर व्यवस्था मजबूत करने की जरूरत है। सिंगल विंडो प्रणाली लागू होने से न केवल उद्योगों को राहत मिलेगी बल्कि प्रशासन और व्यापारियों के बीच विश्वास भी सुदृढ़ होगा।
रितेश कुमार, युवा उद्यमी

-फोटो 51 : पुरुषोत्तम गोयल

-फोटो 51 : पुरुषोत्तम गोयल