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बिजली कर्मचारियों ने निगम की वादा खिलाफी को लेकर किया जोरदार प्रदर्शन
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झज्जर। बिजली कर्मचारियों की विभिन्न मांगों को अनदेखा करने और वादा खिलाफी के खिलाफ कर्मचारियों ने सर्किल में निगम व सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए रोष प्रदर्शन किया। साथ ही आगामी आंदोलन की रूपरेखा बनाई।
सर्किल सचिव देवेंद्र पूनिया की अध्यक्षता में प्रदर्शन हुआ। एसकेएस हरियाणा प्रदेश अध्यक्ष सुभाष लांबा ने कहा कि केंद्र सरकार पॉवर बिल 2021 मौजूदा सत्र में पास कराना चाहती और बिल 2021 पास होने के बाद तमाम प्रकार की सब्सिडी खत्म हो जाएगी। मुख्यमंत्री मनोहर लाल रोजाना राइट टु सर्विस एक्ट लागू करने के बारे में कह रहे हैं। बिजली मंत्री कर्मचारियों और अधिकारियों को राइट टु सर्विस लागू न करने पर प्रताड़ना करने और अपना बोरिया बिस्तर बांधने के लिए कह रहे हैं। जबकि स्थिति इसके बिल्कुल विपरीत है। कर्मचारी और अधिकारी कोरोना जैसी महामारी में भी जी जान लगाकर काम कर रहे हैं। जिसके कारण आज निगम को घाटे से निजात मिली है व रैंकिंग में सुधार हुआ है।
उन्होंने कहा कि निगम में स्टाफ, संसाधनों का काफी आभाव है। सरकार पहले स्टाफ की पूर्ति करे और मूलभूत सुविधाओं का प्रबंध करे। सरकार अपनी जुमलेबाजी वाली छवि से बाहर निकलने का प्रयास करे। निगम मैनेजमेंट पर आरोप लगाते हुए कर्मचारी नेताओं ने कहा कि स्टोर में सामान नहीं, फील्ड में इंचार्ज फील्ड स्टाफ नहीं, निगम वाहन पूरे सर्किल में कहीं पर भी नहीं हैं। इसके बावजूद भी कर्मचारियों पर नाजायज दबाव बनाया जा रहा है। सभी बिजली कर्मचारी आगामी रोहतक जोन पर होने वाले विरोध प्रदर्शन में बढ़-चढ़ कर हिस्सा लेंगे।
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बिजली कर्मियों की मुख्य मांगें
कर्मचारियों ने मांग की कि कच्चे कर्मचारियों को पक्का किया जाए। जब तक पक्का नहीं किया जाता तब तक समान काम, समान वेतनमान लागू किया जाए, जॉब सुरक्षा की गारंटी दी जाए, विभागों के निजीकरण पर रोक लगाई जाए, आरटीएस लागू करने से पहले मूलभूत सुविधाओं का प्रबंध किया जाए, पुरानी पेंशन बहाल की जाए, सब स्टेशनों के पर प्रत्येक शिफ्ट में दो कर्मचारी ड्यूटी पर नियुक्त किए जाएं। बिजली संशोधन बिल 2021 वापस लिया जाए, बिजली निगम में निजीकरण पर पूर्णतया रोक लगाई जाए, बिजली कर्मचारियों को कोरोना योद्धा मानकर मृत्यु हो जाने पर मुआवजा नीति लागू करें। खाली पड़े पदों पर तुरंत प्रभाव से भर्ती की जाए। मीटिंग को राज्य उपप्रधान बंसीलाल, राज्य सदस्य रवींद्र दलाल, यूनिट वरिष्ठ उपप्रधान बिजेंद्र सैनी, यूनिट प्रधान झज्जर रामदर्शन, बेरी यूनिट प्रधान भूपेंद्र यादव, जिला प्रधान एसकेएस रामबीर, पूर्व जिला अध्यक्ष जयपाल गुढ़ा, एमपीएचडब्लू की राज्य प्रधान ओमपती कादयान ने भी संबोधित किया।
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सर्किल सचिव देवेंद्र पूनिया की अध्यक्षता में प्रदर्शन हुआ। एसकेएस हरियाणा प्रदेश अध्यक्ष सुभाष लांबा ने कहा कि केंद्र सरकार पॉवर बिल 2021 मौजूदा सत्र में पास कराना चाहती और बिल 2021 पास होने के बाद तमाम प्रकार की सब्सिडी खत्म हो जाएगी। मुख्यमंत्री मनोहर लाल रोजाना राइट टु सर्विस एक्ट लागू करने के बारे में कह रहे हैं। बिजली मंत्री कर्मचारियों और अधिकारियों को राइट टु सर्विस लागू न करने पर प्रताड़ना करने और अपना बोरिया बिस्तर बांधने के लिए कह रहे हैं। जबकि स्थिति इसके बिल्कुल विपरीत है। कर्मचारी और अधिकारी कोरोना जैसी महामारी में भी जी जान लगाकर काम कर रहे हैं। जिसके कारण आज निगम को घाटे से निजात मिली है व रैंकिंग में सुधार हुआ है।
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उन्होंने कहा कि निगम में स्टाफ, संसाधनों का काफी आभाव है। सरकार पहले स्टाफ की पूर्ति करे और मूलभूत सुविधाओं का प्रबंध करे। सरकार अपनी जुमलेबाजी वाली छवि से बाहर निकलने का प्रयास करे। निगम मैनेजमेंट पर आरोप लगाते हुए कर्मचारी नेताओं ने कहा कि स्टोर में सामान नहीं, फील्ड में इंचार्ज फील्ड स्टाफ नहीं, निगम वाहन पूरे सर्किल में कहीं पर भी नहीं हैं। इसके बावजूद भी कर्मचारियों पर नाजायज दबाव बनाया जा रहा है। सभी बिजली कर्मचारी आगामी रोहतक जोन पर होने वाले विरोध प्रदर्शन में बढ़-चढ़ कर हिस्सा लेंगे।
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बिजली कर्मियों की मुख्य मांगें
कर्मचारियों ने मांग की कि कच्चे कर्मचारियों को पक्का किया जाए। जब तक पक्का नहीं किया जाता तब तक समान काम, समान वेतनमान लागू किया जाए, जॉब सुरक्षा की गारंटी दी जाए, विभागों के निजीकरण पर रोक लगाई जाए, आरटीएस लागू करने से पहले मूलभूत सुविधाओं का प्रबंध किया जाए, पुरानी पेंशन बहाल की जाए, सब स्टेशनों के पर प्रत्येक शिफ्ट में दो कर्मचारी ड्यूटी पर नियुक्त किए जाएं। बिजली संशोधन बिल 2021 वापस लिया जाए, बिजली निगम में निजीकरण पर पूर्णतया रोक लगाई जाए, बिजली कर्मचारियों को कोरोना योद्धा मानकर मृत्यु हो जाने पर मुआवजा नीति लागू करें। खाली पड़े पदों पर तुरंत प्रभाव से भर्ती की जाए। मीटिंग को राज्य उपप्रधान बंसीलाल, राज्य सदस्य रवींद्र दलाल, यूनिट वरिष्ठ उपप्रधान बिजेंद्र सैनी, यूनिट प्रधान झज्जर रामदर्शन, बेरी यूनिट प्रधान भूपेंद्र यादव, जिला प्रधान एसकेएस रामबीर, पूर्व जिला अध्यक्ष जयपाल गुढ़ा, एमपीएचडब्लू की राज्य प्रधान ओमपती कादयान ने भी संबोधित किया।