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अंधेरे में डूबी धर्म नगरी बेरी
अमर उजाला झज्जर/ब्यूरो
Updated Tue, 01 Dec 2015 02:01 AM IST
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बिजली निगम ने सोमवार को कस्बे में लगी स्ट्रीट लाइट के कनेक्शन काट दिए। एक सप्ताह पहले नपा को निगम की ओर से बकाया बिल जमा कराने का नोटिस थमाया गया था।
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नगर पालिका नहीं चेती और धर्मनगरी अंधेरे में डूब गई। बिजली निगम का नगर पालिका की ओर वर्तमान में करीब 91 लाख रुपये का बिजली बिल बकाया है।
इसमें स्ट्रीट लाइटों का बिल लगभग 87 लाख रुपये और पालिका कार्यालय का लगभग 4 लाख रुपये का बिल शामिल है।
पालिका काफी लंबे समय से बिल नहीं भर रही थी, जिसके चलते नगर निगम ने कड़ा रवैया अख्तियार करते हुए बिजली के कनेक्शन काट दिए ।
इसके साथ ही कस्बे को रोशन करने के लिए विभिन्न मार्गों पर लगाई गई 10 हाई मास्क लाइट और 500 छोटी लाइटें बुझ गई हैं।
करीब 150 लाइट रोड पर डिवाइडरों पर लगी हुई हैं। इसके अलावा पार्कों में दर्जन भर लाइटें लगी हुई हैं। इन सभी का बिल नगर पालिका ने काफी समय से नही भरा है।
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बिना सोचे समझे लगा डाली लाइट
कस्बावासियों का कहना है कि सरकार ने करोड़ों रुपये खर्च करके शहर के सौंदर्यीकरण करने के नाम पर वह सैकड़ों लाइटें लगवाई थी।
लाइट लगवाने से पहले सोचना चाहिए था कि हर माह भारी भरकम बिल भी अदा करने होंगे।
मई में बिजली निगम ने कार्यालय का काटा था कनेक्शन
विदित रहे कि मई माह में बिजली निगम ने पालिका के कार्यालय का कनेक्शन काट दिया था। उस वक्त पालिका का बिल लगभग 70 लाख रुपये था।
जिसमें कार्यालय का बिल लगभग साढ़े आठ लाख रुपये था कुछ दिन बाद पालिका ने 5 लाख रुपये की राशि निगम को अदा कर दी गई और निगम ने कार्यालय का कनेक्शन जोड़ दिया था।
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अब अक्तूबर माह में पालिका ने नवरात्रों में लाइटों का कनेक्शन जोड़ने के लिए फाइलें जमा करवाई थी निगम ने नवरात्रों में स्ट्रीट लाइटों का कनेक्शन जोड़ दिया था।
कार्यालय का आखिरी बिल मई माह में भरा था
नगर पालिका ने आखिरी बिल वर्ष 2015 में बिजली निगम को 5 लाख रुपये जमा कराए थे। मगर उस समय स्ट्रीट लाइटों का बिल लगभग 60 लाख और कार्यालय का लगभग साढ़े आठ लाख रुपये था।
सारा बिल लगभग 70 लाख रुपये का है। उसके बाद बिजली का बिल भरा ही नही गया। नतीजा यह रहा कि बिल की राशि लगभग 70 लाख रूपये हो गई और अब बिल की राशि बढ़ते-बढ़ते 90 लाख के लगभग पहुंच गई है।
बिजली निगम के एसडीओ सचिन दहिया से बात की गई तो उनका कहना है कि मई माह में ही पालिका कार्यालय की बिल की 5 लाख रुपये की राशि जमा करवाई थी।
अब पालिका की स्ट्रीट लाइटों व कार्यालय का बिल लगभग 90 लाख रुपये हो गया है कई बार लिखित व मौखिक रूप से कह चुके हैं।
पालिका की तरफ से कोई बिल नही भरा जा रहा है। सोमवार को बेरी की सड़कों पर लगाई गई हाई मास्ट व स्ट्रीट लाइटों का कनेक्शन तो काट दिया गया है।
एक सप्ताह का समय दिया गया है कि अगर बिल की राशि अदा नही की तो कार्यालय का कनेक्शन भी काट दिया जाएगा।
नगर पालिका के एमई मंदीप धनखड़ से बात की गई तो उनका कहना है कि सोमवार को निगम द्वारा स्ट्रीट लाइटों का कनेक्शन काटने के मामले में जानकारी मिली थी।
बिल की राशि भरने के लिए फिर दोबारा से डिमांड पालिका की तरफ से डायरेक्टर को भेजी जाएगी और ग्रांट आते ही बिजली निगम को बिल की राशि का भुगतान कर दिया जाएगा।