फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Jhajjar/Bahadurgarh News ›   Due to farmer agitation, day and night traffic jammed from Tikri Kalan metro station to Jharoda border

किसान आंदोलन के कारण दिन-रात टीकरी कलां मेट्रो स्टेशन से झाड़ोदा बार्डर तक लग रहा जाम

Mon, 11 Jan 2021 11:41 PM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Mon, 11 Jan 2021 11:41 PM IST
विज्ञापन
Due to farmer agitation, day and night traffic jammed from Tikri Kalan metro station to Jharoda border
झाड़ोदा गांव के नजदीक सड़क टूटने के बाद गड्ढे में फंसा कैंटर। - फोटो : Bahadurgarh
कृषि कानूनों को रद्द करवाने की मांग को लेकर 48 दिन से चल रहे किसानोें के आंदोलन की वजह से टीकरी बॉर्डर पूरी तरह सील है। हरियाणा-दिल्ली में प्रवेश करने के लिए बहादुरगढ़ में केवल दो ही बॉर्डर कानोंदा-जोनती, झाड़ोदा खुले हुए हैं। दिन हो या रात दोनों बॉर्डरों पर 24 घंटे जाम की स्थिति बनी रहती है। झाड़ोदा बॉर्डर से टीकरी कलां मेट्रो स्टेशन की दूरी 4 किलोमीटर है। पहले इसे पार करने में 10 मिनट से अधिक का समय लगता था, मगर आंदोलन के कारण यह मार्ग पूरी तरह से जाम रहता है। अब इस चार किलोमीटर की दूरी को तय करने में वाहन चालकों को 2 घंटे का अतिरिक्त समय लगता है। इससे वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। अमर उजाला ने रविवार की रात यहां पर ट्रैफिक व्यवस्था का जायजा लिया तो छोटे वाहन चालकों के साथ-साथ ट्रक चालकों ने समस्या को कहीं ज्यादा बड़ी बताया।
विज्ञापन

दूसरी तरफ कृषि कानूनों को रद्द करने की मांग को लेकर टीकरी बॉर्डर पर डटे पंजाब के किसानों की संख्या लगातार बढ़ रही है। सरकार की ओर से किसानों की मांगों को लेकर लगातार बातचीत का दौर जारी है, लेकिन बात सिरे नहीं चढ़ रही है। किसान जहां अपनी मांगों को लेकर पीछे हटने को तैयार नहीं है, वहीं सरकार की तरफ से कई बार हो चुकी बैठक में भी खुलकर कुछ स्पष्ट नहीं किया है।
विज्ञापन

कानोंदा-जोनती और झाड़ोदा बॉर्डर पर रहती है जाम की स्थिति
हरियाणा-दिल्ली को जोड़ने वाला टीकरी बॉर्डर किसानोें के यहां पहुंचने के दिन से ही पूरी तरह सील है। हरियाणा सीमा में जहां किसान डटे हैं, वहीं दिल्ली सीमा में पुलिस कर्मी तैनात हैं। पैदल चलने का रास्ता भी नहीं है। ऐसे में वाहन चालकों को दिल्ली जाने के लिए झाड़ोदा और कानोंदा-जोनती बॉर्डर का सहारा लेना पड़ रहा है। हालांकि यहां पर भी समस्या कम नहीं है, क्योंकि दोनों ही बॉर्डरों पर जाने-आने के लिए भारी संख्या में वाहनों की कतार लगी रहती है। यह बात केवल दिन की नहीं है। रात में भी यही स्थिति रहती है।
विज्ञापन
विज्ञापन

पीवीसी मार्केट से झाड़ोदा बॉर्डर तक आने वाली सड़क टूटी
पीवीसी मार्केट के अंदर से होते हुए वाहन चालक झाड़ोदा बॉर्डर पर पहुंच रहे हैं। यह सड़क भारी वाहनों के चलने के लायक नहीं है, मगर डेढ़ महीने से भारी वाहनों के चलने और एक एक सप्ताह पहले तीन-चार दिन हुई बारिश की वजह से सड़क की हालत बद से बदतर हो गई है। सड़क में गड्ढे बन गए हैं। इनमें लगातार ट्रक फंस रहे हैं। इससे ट्रक चालकों को आर्थिक नुकसान हो रहा है। साथ ही यदि एक दिशा में ट्रक गड्ढे में फंस जाता है तो उसे निकालने में क्रेन का सहारा लेना पड़ता है। वहां पर वाहनों का आवागमन पूरी तरह से बाधित हो जाता है। रविवार की रात भी यहां पर एक कैंटर फंस गया, जिसकी जिसकी वजह से लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।

आंदोलन की वजह से हो रहा नुकसान : फारुक
रात के समय जाम में फंसे ट्रक चालक फारुक ने बताया कि वह दिल्ली के अलीपुर क्षेत्र से 22 टायर वाले ट्रक में चावल भरकर लाया है। इसे गुजरात के कांदला लेकर जाना है। वह पिछले दो घंटे से जाम में फंसा हुआ है। अभी भी उसे यह नहीं पता कि यहां पर कितना समय लगेगा। आंदोलन की वजह से काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। यदि टीकरी बॉर्डर खुला होता तो अब तक वह हरियाणा को पार कर चुका होता। जाम लगने की वजह से आर्थिक नुकसान बढ़ रहा है।

पीवीसी मार्केट से झाड़ोदा बॉर्डर की तरफ आने वाले रास्ते पर रविवार की रात 2 बजे लगा जाम।

पीवीसी मार्केट से झाड़ोदा बॉर्डर की तरफ आने वाले रास्ते पर रविवार की रात 2 बजे लगा जाम।- फोटो : Bahadurgarh

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed