{"_id":"65bac4824d48be605103dac4","slug":"dry-intoxication-poses-a-risk-of-lung-and-kidney-damage-jagdish-jhjhar-news-c-195-1-nnl1001-107565-2024-02-01","type":"story","status":"publish","title_hn":"सूखे नशे से फेफड़े, किडनी के खराब होने का खतरा : जगदीश","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सूखे नशे से फेफड़े, किडनी के खराब होने का खतरा : जगदीश
Thu, 01 Feb 2024 03:36 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़
Updated Thu, 01 Feb 2024 03:36 AM IST
विज्ञापन
झज्जर। स्वच्छ भारत स्वस्थ समुदाय अभियान के तहत सेवा ट्रस्ट यूके इंडिया तथा इंडेप्थ विजन फाउंडेशन द्वारा राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय सिलाना में नशे के विरुद्ध जागरूकता कार्यक्रम किया गया। प्रधानाचार्य मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहे।
आईवीएफ से जगदीश ने बताया कि नशा एक समाहित बुराई है। आज युवा वर्ग शराब के साथ सूखे नशे यानी स्मैक, चरस व अन्य ड्रग्स के चंगुल में फंस रहा है। नशा हर रूप में स्वास्थ्य के लिए नुकसानदेह है। उन्होंने बताया कि काफी दिनों तक सूखा नशा करने के बाद व्यक्ति को अवसाद और अकेलेपन की दिक्कत होने लगती है। सूखा नशा करने वाला व्यक्ति दिमागी सुनपन और उच्च रक्तचाप का शिकार हो जाता है। इसका असर स्नायु तंत्र पर तेजी से होता है। अधिक सेवन से फेफड़े, किडनी, लीवर के फेल होने का खतरा बढ़ जाता है। संस्था सेवा ट्रस्ट से मनजीत सिंह ने बताया कि नशे के सेवन से पढ़ाई, कमाई के नुकसान के साथ परिवार में कलह भी होती है।
विज्ञापन
आईवीएफ से जगदीश ने बताया कि नशा एक समाहित बुराई है। आज युवा वर्ग शराब के साथ सूखे नशे यानी स्मैक, चरस व अन्य ड्रग्स के चंगुल में फंस रहा है। नशा हर रूप में स्वास्थ्य के लिए नुकसानदेह है। उन्होंने बताया कि काफी दिनों तक सूखा नशा करने के बाद व्यक्ति को अवसाद और अकेलेपन की दिक्कत होने लगती है। सूखा नशा करने वाला व्यक्ति दिमागी सुनपन और उच्च रक्तचाप का शिकार हो जाता है। इसका असर स्नायु तंत्र पर तेजी से होता है। अधिक सेवन से फेफड़े, किडनी, लीवर के फेल होने का खतरा बढ़ जाता है। संस्था सेवा ट्रस्ट से मनजीत सिंह ने बताया कि नशे के सेवन से पढ़ाई, कमाई के नुकसान के साथ परिवार में कलह भी होती है।
विज्ञापन