फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Jhajjar/Bahadurgarh News ›   Disaster rains: Farmers wishes ruined, crops damaged up to 80 percent

आफत की बारिश: किसानों के अरमानों पर फेरा पानी, फसलों को 80 प्रतिशत तक नुकसान

Sun, 15 Sep 2024 05:35 PM IST
भूपेंद्र सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, साल्हावास, झज्जर (हरियाणा)
संवाद न्यूज एजेंसी, साल्हावास, झज्जर (हरियाणा) Published by: भूपेंद्र सिंह Updated Sun, 15 Sep 2024 05:35 PM IST
सार

बाजरे व कपास की फसल में 80 प्रतिशत नुकसान की आशंका है। सब्जियों की फसल को भी बारिश ने नुकसान पहुंचाया है।

विज्ञापन
Disaster rains: Farmers wishes ruined, crops damaged up to 80 percent
खेतों में भरा पानी। - फोटो : संवाद

विस्तार

 हरियाणा के साल्हावास क्षेत्र के गांव बहु, खानपुर कलां, खानपुर खुर्द, खोरडा, खेड़ा थरू, झामरी, झाडली, मोहनबाडी, झांसवा सहित मातनहेल व साल्हावास ब्लॉक के अनेक गांवों में शुक्रवार व शनिवार को बारिश आफत के रूप में बरसी है।

विज्ञापन


पिछले दो दिनों में हुई भयंकर बारिश से किसानों की फसलों को काफी नुकसान पहुंचा है। आफत की बारिश ने जिन गांवों में आफत बरसाई है, वहां किसान परेशान हैं। खासतौर पर कपास और बाजरे की फसल पर ज्यादा असर पड़ा है। बाजरे की फसल पकने वाली थी, ऐसे में बारिश व हवा ने खेत में खड़ी फसल को जमीन पर बिछा दिया। जिन किसानों ने खेतों में कपास उगाई है, उनके लिए बारिश काफी नुकसानदायक लग रही है।
विज्ञापन


किसानों ने केंद्र सरकार से गिरदावरी करवाकर मुआवजा देने की मांग की है। बारिश के साथ तूफानी हवाओं ने साल्हावास क्षेत्र में जमकर कहर बरपाया है। बाजरे की तरह कपास की फसल भी बिछ गई है।
विज्ञापन
विज्ञापन


बाजरे की पकने वाली फसल के साथ-साथ कपास की फसल में भी लगभग 70 प्रतिशत नुकसान पहुंचा है। वहीं कई सब्जियों की फसल को भी बारिश ने नुकसान पहुंचाया है। मातनहेल व साल्हावास क्षेत्र में किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें देखने को मिल रही है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed