हरियाणा में आशा वर्करों का प्रदर्शन: झज्जर में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष के घर पर पहुंची प्रदर्शनकारी, पुलिस मौजूद
हरियाणा के अलग-अलग जिलों में सीएम, डिप्टी सीएम और मंत्रियों के घर पर आशा कर्मियों ने पड़ाव डाल दिया है। जिसको लेकर मौके पर भारी पुलिस बल को तैनात किया गया है। वहीं, आशा वर्करों को घरों से पहले रोका जा रहा है।
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हरियाणा में वेतनमान और अन्य मांगों को लेकर पिछले कई दिनों से आशा वर्कर प्रदर्शन कर रही है। इस कड़ी में धरना प्रदर्शन कर रही आशा वर्कर भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष ओमप्रकाश धनखड़ के निवास पर पहुंची। यहां पर आशा वर्कर 24 घंटे का पड़ाव डाला है। आशा वर्कर के पड़ाव को देखते हुए प्रदेश अध्यक्ष के निवास के बाहर काफी संख्या में पुलिस बल को तैनात किया गया है।
डिप्टी सीएम के घर का घेराव
आशा वर्करों ने सिरसा में डिप्टी सीएम के घर का घेराव करने की कोशिश की तो पुलिस के साथ झड़प हो गई। पुलिस ने सख्ती दिखाते हुए प्रदर्शनकारियों को घर से पहले ही रोक लिया।
करनाल में सीएम के घर का घेराव
आशा वर्कर्स यूनियन हरियाणा के बैनर तले अपनी मांगों को लेकर जिलेभर की आशा कर्मियों ने बुधवार को राम नगर स्थित मुख्यमंत्री आवास के पास सड़क पर टेंट लगाकर 24 घंटे का पड़ाव डाल दिया है। इस दौरान आशा कर्मियों ने सरकार मुर्दाबाद के नारे लगाए और अपनी मांगों को जल्द से जल्द मनवाने के लिए प्रदर्शन किया। बता दें कि आशा कर्मियों को अपनी मांगों को लेकर प्रदेश भर में अलग-अलग तरह से धरने व प्रदर्शन करते हुए 71 दिन बीत चुके है और आज बुधवार को उनके धरने का 72वां दिन हैं। आशा कर्मी आठ अगस्त 2023 से धरने पर बैठी थी।
आशा वर्कर यूनियन की जिला प्रधान कविता ने बताया कि आज प्रदेशभर में मुख्यमंत्री से लेकर सभी सरकार के विधायकों के आवासों पर 24 घंटे का पड़ाव डाला गया है। उन्होंने कहा कि इन 72 दिनों में सरकार के साथ दो बार वार्ता हो चुकी है लेकिन हर बार सरकार एक सप्ताह का समय बढ़ाकर उन्हें बहका देती है। अब वे सरकार के बहकावे में आने वाले नहीं है। अगर सरकार की हठधर्मिता जारी रही तो 30 अक्तूबर को निश्चित रूप से संसद पर आक्रोश प्रदर्शन करने के लिए रवाना होगी।
इस संसद मार्च में प्रदेशभर से नहीं बल्कि देशभर की आशा कर्मी एकत्रित होंगी। ऐसे में सरकार को दिल्ली में लाखों की संख्या में आशा कर्मियों का सामना करना पड़ेंगा। सीटू जिला कोषाध्यक्ष ओपी माटा व प्रधान सतपाल सैनी ने कहा कि आशा कर्मियों को सरकारी कर्मचारी का दर्जा, 26 हजार रुपये न्यूनतम वेतन, इंसेंटिव में 50 प्रतिशत कटौती को बहाल करने, ईपीएफ एवं ईएसआई की सुविधा, रिटायरमेंट उम्र 65 साल करने और रिटायरमेंट पर सम्मानजनक पेंशन व ग्रेज्युएटी देने आदि मांगे बिल्कुल जायज है।
रात्रि पड़ाव की तैयारियां शुरू
आशा वर्कर्स यूनियन की जिला सचिव सुदेश ने बताया कि आशा कर्मियों का यह 24 घंटे का पड़ाव है। ऐसे में रात्रि पड़ाव भी होगा। जिसके चलते अधिकतर आशा कर्मी अपना रात्रि में ठहरने का सामान लेकर आई है। वहीं यूनियन की तरफ से रात्रि में ठहरने वाली सभी आशा कर्मियों के लिए खाना, पेयजल व अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएगी। उन्होंने बताया कि रात्रि पड़ाव में अभी कितनी आशा कर्मी ठहरेंगी अभी कुछ नहीं कहा जा सकता।
प्रशासन ने नहीं लगाया कोई भी ड्यूटी मजिस्ट्रेट
सूत्रों की मानें तो आशा कर्मियों के शांतिपूर्वक चलने वाले इस पड़ाव को लेकर जिला प्रशासन ने सुरक्षा की दृष्टि से किसी भी अधिकारी को अभी तक ड्यूटी मजिस्ट्रेट का चार्ज नहीं सौंपा है वहीं इसके अलावा जिला पुलिस प्रशासन की ओर से महिला व पुरुष पुलिस बल को तैनात कर दिया है। जो 24 घंटे तक आशा कर्मियों के पड़ाव की निगरानी करेंगा।