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Jhajjar-Bahadurgarh News: अलसुबह से ही बेरी में उमड़ रही मां भीमेश्वरी के भक्तों की भीड़
Wed, 24 Sep 2025 01:56 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़
Updated Wed, 24 Sep 2025 01:56 AM IST
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23jjrp15- बेरी के माता भीमेश्वरी देवी मंदिर में पूजा करते पुजारी। संवाद
बेरी। शारदीय नवरात्र के दूसरे दिन मां भीमेश्वरी देवी मंदिर में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी। अल-सुबह से ही भीमेश्वरी देवी की पूजा करने के लिए भक्तों की कतार लगी रही। कस्बे में श्रद्धालुओं की चहल-पहल से चारों और धार्मिक माहौल बना हुआ है।
सोमवार को मां के दरबार में सुबह 5 बजे मंदिर के पट खुलने से पहले ही लाइन लग गई। श्रद्धालुओं ने मां की पूजा-अर्चना कर जयकारे लगाए और घर व परिवार की सुख शांति के लिए मन्नत मांगी। सप्तमी व अष्टमी के दिनों भक्तों की होने वाली भीड़ को देखते हुए इंतजाम किए जा रहे हैं।
बेरी मंदिर की मान्यता अधिक होने के चलते यहां स्थानीय लोगों के अलावा कोलकाता, मुंबई, लखनऊ, दिल्ली आदि दूर-दराज के क्षेत्रों से भी श्रद्धालु यहां पहुंचते हैं। भीड़ के लिए मंदिर के चारों और की सड़क वाहनों के लिए बंद कर बैरिकेडिंग की जाती है और केवल पैदल रास्ता ही खोला जाता है।
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मां के स्वागत में हर कोई बैठा है तैयार
माता भीमेश्वरी देवी मंदिर के पुजारी कुलदीप वशिष्ठ ने बताया की भीमेश्वरी देवी के यहां दो मंदिर हैं। एक मंदिर बाहरी क्षेत्र में है और एक अंदर आबादी वाले क्षेत्र में। परंपरा के अनुसार दिन के समय में मां बाहरी क्षेत्र स्थित बने मंदिर में विराजमान रहती हैं जबकि सायं से लेकर रात्रि तक मां अंदर वाले मंदिर में अपने भक्तों को आशीर्वाद देती हैं। पिछले कई दशकों से चले आ रहे सिलसिले में हर कोई मां के स्वागत को तैयार बैठा हुआ दिखाता है। यहां मां को भीतर से बाहर वाले मंदिर लाने और ले जाने के समय पर खास व्यवस्था होती है और इसका हर किसी को इंतजार रहता है।
मुंडन के लिए भी लगती है भीड़
बच्चों का मुंडन कराने के लिए भी मेले में श्रद्धालुओं की खासी भीड़ होती है। लोग अपने बच्चों का पहला मुंडन यहां करवाते हैं। मान्यता है कि ऐसा करने से बच्चे का भविष्य उज्ज्वल हो जाता है तथा जीवन में आने वाली परेशानियां पहले ही दूर हो जाती हैं। नवदंपत्ति भी एक साथ आकर मां भीमेश्वरी का आशीर्वाद लेते हैं। मान्यता है कि मां का आशीर्वाद लेने के बाद दांपत्य जीवन सुखमयी बीतता है।
मेले में श्रद्धालुओं की सुरक्षा को लेकर पुलिस के जवान अलग-अलग शिफ्टों में ड्यूटी लगाई हुई है। मेले में आने वाले हर वाहन पर नजर रखने के साथ सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से हर श्रद्धालु पर नजर रखी जा रही है।
- विकास कुमार, थाना प्रभारी बेरी।
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सोमवार को मां के दरबार में सुबह 5 बजे मंदिर के पट खुलने से पहले ही लाइन लग गई। श्रद्धालुओं ने मां की पूजा-अर्चना कर जयकारे लगाए और घर व परिवार की सुख शांति के लिए मन्नत मांगी। सप्तमी व अष्टमी के दिनों भक्तों की होने वाली भीड़ को देखते हुए इंतजाम किए जा रहे हैं।
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बेरी मंदिर की मान्यता अधिक होने के चलते यहां स्थानीय लोगों के अलावा कोलकाता, मुंबई, लखनऊ, दिल्ली आदि दूर-दराज के क्षेत्रों से भी श्रद्धालु यहां पहुंचते हैं। भीड़ के लिए मंदिर के चारों और की सड़क वाहनों के लिए बंद कर बैरिकेडिंग की जाती है और केवल पैदल रास्ता ही खोला जाता है।
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मां के स्वागत में हर कोई बैठा है तैयार
माता भीमेश्वरी देवी मंदिर के पुजारी कुलदीप वशिष्ठ ने बताया की भीमेश्वरी देवी के यहां दो मंदिर हैं। एक मंदिर बाहरी क्षेत्र में है और एक अंदर आबादी वाले क्षेत्र में। परंपरा के अनुसार दिन के समय में मां बाहरी क्षेत्र स्थित बने मंदिर में विराजमान रहती हैं जबकि सायं से लेकर रात्रि तक मां अंदर वाले मंदिर में अपने भक्तों को आशीर्वाद देती हैं। पिछले कई दशकों से चले आ रहे सिलसिले में हर कोई मां के स्वागत को तैयार बैठा हुआ दिखाता है। यहां मां को भीतर से बाहर वाले मंदिर लाने और ले जाने के समय पर खास व्यवस्था होती है और इसका हर किसी को इंतजार रहता है।
मुंडन के लिए भी लगती है भीड़
बच्चों का मुंडन कराने के लिए भी मेले में श्रद्धालुओं की खासी भीड़ होती है। लोग अपने बच्चों का पहला मुंडन यहां करवाते हैं। मान्यता है कि ऐसा करने से बच्चे का भविष्य उज्ज्वल हो जाता है तथा जीवन में आने वाली परेशानियां पहले ही दूर हो जाती हैं। नवदंपत्ति भी एक साथ आकर मां भीमेश्वरी का आशीर्वाद लेते हैं। मान्यता है कि मां का आशीर्वाद लेने के बाद दांपत्य जीवन सुखमयी बीतता है।
मेले में श्रद्धालुओं की सुरक्षा को लेकर पुलिस के जवान अलग-अलग शिफ्टों में ड्यूटी लगाई हुई है। मेले में आने वाले हर वाहन पर नजर रखने के साथ सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से हर श्रद्धालु पर नजर रखी जा रही है।
- विकास कुमार, थाना प्रभारी बेरी।

23jjrp15- बेरी के माता भीमेश्वरी देवी मंदिर में पूजा करते पुजारी। संवाद

23jjrp15- बेरी के माता भीमेश्वरी देवी मंदिर में पूजा करते पुजारी। संवाद