बहादुरगढ़ में वारदात: जसौरखेड़ी में युवा किसान को गोलियों से भूना, शनिवार रात हुई वारदात, सात गोलियां मारी, मौत
ओमबीर एक बेटे और एक बेटी का पिता था। वर्ष 2008 से पहले उसके खिलाफ चार आपराधिक मामले दर्ज हुए थे। बाद में अदालत ने उसको सभी मामलों में बरी कर दिया था।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
हरियाणा के बहादुरगढ़ क्षेत्र के गांव जसौर खेड़ी में एक 35 वर्षीय युवा किसान की गोली मारकर हत्या कर दी गई। पुलिस के अनुसार उसे सात से आठ गोलियां लगी हैं। सिर और कूल्हे के पास गोलियों के घाव मिले हैं। घटना शनिवार रात की बताई गई है।
हत्या के कारणों व हमलावरों का कोई पता नहीं लग सका है। आसौदा थाना पुलिस सूचना मिलते ही मौके पर पहुंच गई थी। मामले की जांच की जा रही है। एफएसएल की टीम ने भी मौके का मुआयना किया और वारदात स्थल से जरूरी सुबूत जुटाए हैं।
गांव जसौर खेड़ी निवासी आनंद पुत्र बाघेराम एक प्राइवेट स्कूल में ड्राइवर है। वे दो भाई हैं। छोटा भाई 35 वर्षीय ओमबीर उर्फ भोलू खेतीबाड़ी करता था। आनंद ने पुलिस को दी शिकायत में कहा है शनिवार रात करीब आठ बजे वह स्कूल में ड्यूटी के लिए जा रहा था। रास्ते में गांव निवासी राजसिंह ने उसे बताया कि
हुड्डा नहर पर कुलासी वाले पुल के पास किसी ने उसके भाई ओमबीर उर्फ भोलू को तीन-चार गोलियां मार रखी हैं जिससे उसकी मौत हो गई है। उसका शव मौके पर ही पड़ा है। राजसिंह की सूचना पर वह मौके पर पहुंचा तो उसके भाई ओमबीर का लहूलुहान शव पड़ा था। उसके सिर और कूल्हे के पास से खून बह रहा था। सूचना पर असौदा थाना पुलिस मौके पर पहुंची।
एफएसएल की टीम ने भी पहुंचकर जरूरी सुबूत जुटाए। शनिवार रात शव को पोस्टमार्टम के लिए नागरिक अस्पताल बहादुरगढ़ के शव गृह में रखवाया गया। जहां रविवार को पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। मृतक को 7-8 गोली लगी थीं। घटना स्थल पर दो खाली कारतूस मिले हैं।
ओमबीर एक बेटे और एक बेटी का पिता था। वर्ष 2008 से पहले उसके खिलाफ चार आपराधिक मामले दर्ज हुए थे। बाद में अदालत ने उसको सभी मामलों में बरी कर दिया था। मामले की जांच की जिम्मेदारी सहायक निरीक्षक राकेश को सौंपी गई है।
घटना से पहले शराब पी रहे थे
मृतक के भाई आनंद के अनुसार राज सिंह ,उसका भाई ओमबीर के अलावा विकास उर्फ कालू बैठकर शराब पी रहे थे। ये बात खुद राजसिंह ने ही उसे बताई लेकिन गोली कैसे लगी और किसने मारी ये पता नहीं चल सका।
आनंद के बयान पर अज्ञात के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। ओमबीर की हत्या के कारणों और हमलावरों की पहचान करने की कोशिश की जा रही है। पीड़ित परिवार ने फिलहाल किसी पर शक नहीं जताया है। इस मामले में सुराग जुटाने को पांच टीम बनाई गई हैं। -राजेश कुमार, इंचार्ज, पुलिस चौकी आसौदा