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बैंक कर्मचारी का खाता खोलकर पैसे जमा किए फिर निकाल लिए
ब्यूरो/अमर उजाला, बहादुरगढ़
Updated Thu, 08 Dec 2016 01:18 AM IST
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बैंक में धोखाधड़ी
- फोटो : bureau
एक निजी बैंक के चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी ने अपने ही बैंक के अधिकारियों और कर्मचारियों पर कमीशन लेकर काला धन को सफेद करने का संगीन आरोप लगाया है। चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी का आरोप है कि बैंक के एक अधिकारी ने उसका खाता खुलवाकर पहले उसमें पैसे जमा किये, बाद में निकाल लिए। इसकी जानकारी होने पर उसने पुलिस में शिकायत की है।
आरोप है कि बैंक के अधिकारी और कर्मचारी नोटबंदी के बाद से दूसरों के नाम से खाता खोलकर काला धन सफेद करने में लगे हैं। कमीशन लेकर सारा खेल एनएफटी के माध्यम से खेला जा रहा है। पुलिस ने बैंक के चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी की शिकायत पर जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि जांच के बाद मामला दर्ज किया जाएगा।
वहीं, इस संबंध में बैंक मैनेजर ने कुछ भी कहने से इनकार कर दिया है। दिल्ली के गांव किराड़ी का रहने वाला रोहित शर्मा कुछ माह पहले एक्सिस बैंक की बहादुरगढ़ शाखा में बतौर चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी नौकरी पर लगा था।
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रोहित ने शहर थाना पुलिस में बैंक मैनेजर और दो अन्य कर्मचारियों के खिलाफ शिकायत दी है। शिकायत में रोहित ने आरोप लगाया है कि बैंक के कर्मचारी रूपेन ने वेतन देने के नाम पर बैंक में उसका खाता खोल दिया। कहा था कि उसका वेतन खाते में ही दिया जाएगा। तीन दिन पहले उसे अपने खाते में हजारों रुपये जमा होने और निकलने की जानकारी मिली।
रोहित का कहना है कि उसके खाते में पांच बार में करीब 1,29,770 रुपये जमा करके एक ही बार में निकाल लिए गए। रोहित का आरोप है कि बैंक कर्मचारी रूपेन ने दूसरे कर्मचारियों के साथ मिलकर उसके खाते का गलत इस्तेमाल किया है। रोहित ने बताया कि उसने मामले की शिकायत बैंक मैनेजर (आपरेशन) विनय से की तो उन्होंने पांच हजार रुपये आफर देकर चुप रहने को कहा। इसके बाद वह बैंक मैनेजर मोनिका के पास चला गया तो उन्होंने कोई सुनवाई नहीं की। इसके बाद रूपेन ने रोहित को नौकरी से निकाल दिया। पुलिस ने रोहित की शिकायत पर बैंक अधिकारियों को तलब किया है। शहर थाने के एसएचओ विष्णु प्रसाद ने बताया कि शिकायत के आधार पर जांच की जा रही है। जांच के बाद आरोपी पर कार्रवाई की जाएगी।
वहीं, बैंक मैनेजर मोनिका ने मामले में मीडिया से कुछ भी कहने से इनकार कर दिया है। रोहित का कहना है कि बैंक के अधिकतर अधिकारी और कर्मचारी कालेधन को सफेद करने में लगे हैं। हर रोज घंटों लाइन में लगे रहने वाले लोगों को तो दो-चार हजार रुपये भी नहीं दिए जा रहे, जबकि कमीशन लेकर कालेधन को सफेद किया जा रहा है। यह सब एनएफटी के जरिए हो रहा है।
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आरोप है कि बैंक के अधिकारी और कर्मचारी नोटबंदी के बाद से दूसरों के नाम से खाता खोलकर काला धन सफेद करने में लगे हैं। कमीशन लेकर सारा खेल एनएफटी के माध्यम से खेला जा रहा है। पुलिस ने बैंक के चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी की शिकायत पर जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि जांच के बाद मामला दर्ज किया जाएगा।
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वहीं, इस संबंध में बैंक मैनेजर ने कुछ भी कहने से इनकार कर दिया है। दिल्ली के गांव किराड़ी का रहने वाला रोहित शर्मा कुछ माह पहले एक्सिस बैंक की बहादुरगढ़ शाखा में बतौर चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी नौकरी पर लगा था।
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रोहित ने शहर थाना पुलिस में बैंक मैनेजर और दो अन्य कर्मचारियों के खिलाफ शिकायत दी है। शिकायत में रोहित ने आरोप लगाया है कि बैंक के कर्मचारी रूपेन ने वेतन देने के नाम पर बैंक में उसका खाता खोल दिया। कहा था कि उसका वेतन खाते में ही दिया जाएगा। तीन दिन पहले उसे अपने खाते में हजारों रुपये जमा होने और निकलने की जानकारी मिली।
रोहित का कहना है कि उसके खाते में पांच बार में करीब 1,29,770 रुपये जमा करके एक ही बार में निकाल लिए गए। रोहित का आरोप है कि बैंक कर्मचारी रूपेन ने दूसरे कर्मचारियों के साथ मिलकर उसके खाते का गलत इस्तेमाल किया है। रोहित ने बताया कि उसने मामले की शिकायत बैंक मैनेजर (आपरेशन) विनय से की तो उन्होंने पांच हजार रुपये आफर देकर चुप रहने को कहा। इसके बाद वह बैंक मैनेजर मोनिका के पास चला गया तो उन्होंने कोई सुनवाई नहीं की। इसके बाद रूपेन ने रोहित को नौकरी से निकाल दिया। पुलिस ने रोहित की शिकायत पर बैंक अधिकारियों को तलब किया है। शहर थाने के एसएचओ विष्णु प्रसाद ने बताया कि शिकायत के आधार पर जांच की जा रही है। जांच के बाद आरोपी पर कार्रवाई की जाएगी।
वहीं, बैंक मैनेजर मोनिका ने मामले में मीडिया से कुछ भी कहने से इनकार कर दिया है। रोहित का कहना है कि बैंक के अधिकतर अधिकारी और कर्मचारी कालेधन को सफेद करने में लगे हैं। हर रोज घंटों लाइन में लगे रहने वाले लोगों को तो दो-चार हजार रुपये भी नहीं दिए जा रहे, जबकि कमीशन लेकर कालेधन को सफेद किया जा रहा है। यह सब एनएफटी के जरिए हो रहा है।