बहादुरगढ़: छारा गांव में शख्स की गोली मारकर हत्या, आक्रोशित ग्रामीणों ने राष्ट्रीय राजमार्ग किया जाम
हरियाणा के बहादुरगढ़ में 40 वर्षीय व्यक्ति की गोली मारकर हत्या कर दी गई। हत्या से आक्रोशित ग्रामीणों ने राष्ट्रीय राजमार्ग पर जाम लगा दिया। हत्यारे मृतक की स्कॉर्पियो गाड़ी भी अपने साथ ले गए हैं। बताया जा रहा है कि मृतक समाजसेवा करता था। पिछली बार सरपंच का चुनाव भी लड़ा लेकिन 60 मतों से हार का सामना करना पड़ा था।
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बहादुरगढ़ के गांव छारा में शुक्रवार की रात 40 वर्षीय व्यक्ति बिजेंद्र उर्फ मटरू की गोली मारकर हत्या कर दी गई। मृतक ईंट सप्लाई का व्यवसाय करता था। हमलावर मटरू की स्कॉर्पियो गाड़ी भी ले गए। घटना से गांव में आक्रोश है। गांव के लोगों ने हमलावरों को शीघ्र पकड़ने की मांग को लेकर छारा में राष्ट्रीय राजमार्ग जाम कर दिया।
ग्रामीण टोल प्लाजा पर जाम लगाकर बैठ गए हैं। शव को पोस्टमार्टम के लिए पीजीआई रोहतक भेजा गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। अभी हमले के कारण या हमलावरों का पता नहीं चल पाया है। ऐसे में यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि यह हत्या और लूट का मामला है या फिर रंजिश में इस वारदात को अंजाम दिया गया।
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मटरू की हत्या की खबर गांव में तुरंत फैल गई। सैकड़ों लोगों ने टोल प्लाजा पहुंचकर राष्ट्रीय राजमार्ग जाम कर दिया। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और ग्रामीणों को समझाना शुरू किया। गांव छारा निवासी बिजेंद्र उर्फ मटरू पहलवान समाजसेवी स्वभाव का था। वह पांच भाइयों में छोटा था।
पुलिस ने उसके बड़े भाई अशोक कुमार की शिकायत पर आसौदा थाना में मामला दर्ज किया है। बिजेंद्र ईंट सप्लाई का व्यवसाय करता था। शुक्रवार को वह अपनी स्कॉर्पियो गाड़ी में गांव के ही दयाकिशन को साथ लेकर रोहतक के पुरानी सब्जी मंडी थाना गया था। वहां बिजेंद्र के रिश्तेदार नवीन कुमार के खिलाफ कोई शिकायत दी गई थी।
रात को करीब 8:15 बजे रोहतक से वे दोनों वापस लौटे थे। गांव के बस स्टैंड पर दयाकिशन उतर गया और बिजेंद्र अपनी स्कॉर्पियो गाड़ी को लेकर घर की तरफ छोछी रोड पर जा रहा था। इसी बीच गांव के ही परविंद्र पुत्र महेंद्र ने बिजेंद्र को सड़क पर बेसुध हालत में पड़ा देखा।
बताया गया है कि करीब 8:24 बजे बिजेंद्र अपने गांव में एक दुकान में थे। वहां से निकलने के बाद करीब 8:31 बजे उनकी हत्या कर दी गई। अपने घर से करीब 100 मीटर दूर बिजेंद्र घायल अवस्था में मिला। उसके कान के पास से खून निकल रहा था। परिजनों व अन्य ग्रामीणों ने बिजेंद्र को संभाला और रोहतक के कायनोस अस्पताल ले गए। वहां डॉक्टरों चेक किया तो बिजेंद्र को कान के पास गोली मारी गई थी। उसकी सांसें थम चुकी थी। बिजेंद्र को गोली क्यों मारी गई यह अभी स्पष्ट नहीं हो पाया है। उसका मोबाइल फोन मौके पर ही मिला लेकिन उसकी स्कॉर्पियो गाड़ी नहीं मिली।
अनुमान लगाया जा रहा है कि कहीं बिजेंद्र की हत्या लूट की वारदात के दौरान तो नहीं की गई। गांव के लोगों ने बताया कि बिजेंद्र काफी मिलनसार था। हर किसी की मदद के लिए तैयार रहता था। पिछली बार उसने सरपंच का चुनाव लड़ा था। 60 वोट से हार का सामना करना पड़ा था। मटरू की हत्या होने से न केवल छारा बल्कि पड़ोसी गांवों के लोग स्तब्ध हैं। आसौदा थाना प्रभारी बाबूलाल का कहना है कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है।