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शहर की एकमात्र लाइब्रेरी में लाइब्रेरियन ही नहीं

Sun, 17 Jul 2016 01:05 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, झज्जर
ब्यूरो/अमर उजाला, झज्जर Updated Sun, 17 Jul 2016 01:05 AM IST
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लाइब्रेरी के हालात - फोटो : bureau
किला मोहल्ला स्थित उपमंडल की एकमात्र लाइब्रेरी अव्यवस्थाओं का शिकार है। पिछले करीब साढ़े तीन साल से यहां बिजली की सुविधा नहीं है। भवन जर्जर होने के कारण लेंटर टूट-टूट कर गिरता रहता है। लाइब्रेरियन तक यहां नहीं है। इन हालातों के कारण यहां आने वाले पाठकों को बेहद परेशानी हो रही है।
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धर्मपुरा से वर्ष-2012 में किला मोहल्ला में लाइब्रेरी शिफ्ट हुई। शुरुआत में पाठकों और विद्यार्थियों को इसका लाभ भी मिला, लेकिन कुछ समय बाद ही लाइब्रेरी अनदेखी का शिकार होने लगी। केवल किताबों और अखबारों को छोड़ दें तो यहां कोई दूसरी सुविधा पाठकों को नहीं मिलती। यही कारण है कि शहर की एकमात्र लाइब्रेरी होने के बावजूद यहां दिनोंदिन पाठकों की संख्या घटती जा रही है। लाइब्रेरी के कुर्सी, टेबल से लेकर छत और दीवारें तक बदहाल हैं। पीने को स्वच्छ पानी की व्यवस्था नहीं और गर्मी में हवा का प्रबंध नहीं। पाठक रमन, नरेश, विकास, महेश और धर्मेंद्र आदि ने प्रशासन से इस लाइब्रेरी की सुध लेने की मांग की है।
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छतों से टपकता पानी भवन काफी पुराना होने के कारण जर्जर हो गया है। दीवारों में दरारें हैं और छतों से लेंटर झड़ता रहता है। शनिवार को हुई बरसात में लाइब्रेरी के एक कोने से काफी मात्रा में पानी टपक रहा था। इससे पाठक बेहद परेशान दिखे। पाठक राजेश शर्मा ने कहा कि या तो लाइब्रेरी को यहां से कहीं और शिफ्ट किया जाए या फिर इसकी दशा सुधारी जाए। यहां बैठकर पढ़ना खतरे से खाली नहीं। उन्होंने कहा कि बेशक लाइब्रेरी में सुविधा कम हों, लेकिन जो समस्याएं हैं उनका तो समाधान होना चाहिए। हैरानी की बात है कि उपमंडल की इस एकमात्र लाइब्रेरी की तरफ किसी का ध्यान नहीं।
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बिजली-पानी की सुविधा नहीं
गवर्मेंट गर्ल्स कालेज के पुराने भवन के एक हिस्से में चल रही इस लाइब्रेरी में छत पर कई पंखे लगे हैं। ट्यूबलाइट्स भी हैं। मगर इन्हें चलाने के लिए यहां बिजली की सुविधा नहीं है। बिजली का कनेक्शन तक इसमें नहीं है। पहले कालेज से यहां बिजली आपूर्ति हो जाती थी, मगर कालेज के चले जाने के बाद तो बिजली के उपक रण शोपीस बन कर रह गए हैं। छात्र अशोक ने बताया कि कालेज से यहां कुछ छात्र आते जरूर हैं, मगर उन्हें कुछ सुविधा नहीं मिलती। पीने के लिए स्वच्छ पानी तक की व्यवस्था यहां नहीं है।



नहीं है लाइब्रेरियन
उक्त लाइब्रेरी में कई हजार किताबे हैं। छह-सात अखबार भी रोजाना आते हैं। मगर यहां लाइब्रेरियन तक नहीं है। केवल एक रेस्टोरर (किताबों की देखभाल करने वाला) और चौकीदार है। फिल्हाल रेस्टोरर गोरर्धन सिंह ही यहां लाइब्रेरियन का काम संभाल रहे हैं। इधर, कालोनी के लोगों ने यहां के चौकीदार की कार्यशैली पर सवाल उठाए हैं। लोगों का कहना है कि यहां का चौकीदार बदलना चाहिए, क्योंकि यहां माहौल बिगड़ रहा है। इस संबंध में कालेज की प्राचार्य को शिकायत भी की गई थी, मगर आज तक कोई कार्यवाही नहीं हुई। यहां के हालत सुधारने के लिए प्रशासनिक अधिकारियों तक को पत्र लिखे गए हैं, पर समस्या ज्यों की त्यों बनी हुई है।
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