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मृतक विरेंद्र का भाई महेंद्र बोला: 15 मिनट पहले चाय पीकर गया था, नहीं हो रहा भरोसा भाई चला गया
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अमर उजाला ब्यूरो
झज्जर। भीषण दुर्घटना में भाई वीरेंद्र का पूरा परिवार खोने वाले कासनी गांव निवासी महेंद्र का रो-रोकर बुरा हाल था। महेंद्र रोते हुए कह रहा था कि हादसे से पहले सुबह सवा 7 बजे झज्जर स्थित उसके घर से चाय पीकर पूरा परिवार गांव के लिए गया था। उसे तो भरोसा नहीं हो रहा कि पूरा परिवार ऐसे चला गया। घर पर महिलाओं का भी बुरा हाल था। मृतक वीरेंद्र की बहन बार-बार बेहोश हो रही थी। मृतक अपने परिवार में सबसे छोटा था। उसके दो बड़े भाई सतीश व कृष्ण दिल्ली के नांगलोई क्षेत्र के किराड़ी में रहते हैं। जहां पर वे दूध की डेयरी चलाते हैं। वहीं तीसरा भाई महेंद्र झज्जर की किला कॉलोनी में रहता है तथा पलंबर का कार्य करता है। मृतक वीरेंद्र गांव में ही परचून की दुकान चलाता था।
12 वीं और 9वीं कक्षा में पढ़ते थे बच्चे
मृतक वीरेंद्र की बेटी छुटकी 12वीं कक्षा की छात्रा थी। वहीं बेटा प्रियांशु 9वीं कक्षा का छात्र था। जो कि कबड्डी में दिलचस्पी रखता था। प्रियांशु ने इसी वर्ष नेशनल स्कूली कबड्डी खेल प्रतियोगिता के जूनियर वर्ग में प्रदेश का प्रतिनिधित्व भी किया था।
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झज्जर। भीषण दुर्घटना में भाई वीरेंद्र का पूरा परिवार खोने वाले कासनी गांव निवासी महेंद्र का रो-रोकर बुरा हाल था। महेंद्र रोते हुए कह रहा था कि हादसे से पहले सुबह सवा 7 बजे झज्जर स्थित उसके घर से चाय पीकर पूरा परिवार गांव के लिए गया था। उसे तो भरोसा नहीं हो रहा कि पूरा परिवार ऐसे चला गया। घर पर महिलाओं का भी बुरा हाल था। मृतक वीरेंद्र की बहन बार-बार बेहोश हो रही थी। मृतक अपने परिवार में सबसे छोटा था। उसके दो बड़े भाई सतीश व कृष्ण दिल्ली के नांगलोई क्षेत्र के किराड़ी में रहते हैं। जहां पर वे दूध की डेयरी चलाते हैं। वहीं तीसरा भाई महेंद्र झज्जर की किला कॉलोनी में रहता है तथा पलंबर का कार्य करता है। मृतक वीरेंद्र गांव में ही परचून की दुकान चलाता था।
12 वीं और 9वीं कक्षा में पढ़ते थे बच्चे
मृतक वीरेंद्र की बेटी छुटकी 12वीं कक्षा की छात्रा थी। वहीं बेटा प्रियांशु 9वीं कक्षा का छात्र था। जो कि कबड्डी में दिलचस्पी रखता था। प्रियांशु ने इसी वर्ष नेशनल स्कूली कबड्डी खेल प्रतियोगिता के जूनियर वर्ग में प्रदेश का प्रतिनिधित्व भी किया था।
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