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भ्रूण लिंग जांच का मुख्य आरोपी डाक्टर पुलिस पकड़ से बाहर
Updated Tue, 06 Feb 2018 02:00 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
बहादुरगढ़।
भ्रूण लिंग जांच करने के मामले में मुख्य आरोपी डाक्टर को पुलिस डेढ़ महीने बाद भी गिरफ्तार नहीं कर सकी है। बहादुरगढ़ पुलिस लगातार उक्त डाक्टर के निवास व संभावित स्थानों पर दबिश दे रही है, लेकिन सफलता नहीं मिली है। विकास पुरी स्थित उक्त अस्पताल का संचालन करने वाली संस्था ने भी उसे नौकरी से निकाल दिया है।
- यह है मामला
दरअसल, स्वास्थ्य विभाग को सूचना मिली थी कि विकास पुरी (दिल्ली) के आर्य समाज मंदिर स्थित एक अस्पताल में कार्यरत डाक्टर भ्रूण लिंग की जांच करता है। इस गैरकानूनी काम में हरियाणा के भी कुछ लोग शामिल है। इस गिरोह को पकड़ने के लिए पुलिस ने योजना बनाई थी। योजना में शामिल फर्जी पेशेंट ने 16 दिसंबर को गिरोह के एक सदस्य दीपक से संपर्क किया। 30 हजार रुपये में सौदा तय हुआ था। इनके बाद दीपक उन्हें खरखोरदा छोड़ गया। वहां से सचिन इन्हें अलीपुर ले गया। वहां बलराज से पता लेकर वह इन्हें विकासपुरी स्थित अस्पताल में ले गया। वहां महिला की जांच की गई। दो दिन तक यह मामला चला और 18 दिसंबर को विभाग की टीम ने आरोपी सचिन को रंगे हाथ पकड़ लिया। इसके कुछ दिन बाद ही दीपक व बलराज भी पकड़ लिए गए। फिलहाल तीनों जेल में हैं।
- 14 बार हुई सचिन से बात
तीनों आरोपी को जेल भेजने के बाद पुलिस ने उक्त डा. गजेंद्र नायर पर नजर रखनी शुरू कर दी। जांच के दौरान उसकी कॉल डिटेल्स खंगाली गईं तो सामने आया कि 18 दिसंबर को गजेंद्र की आरोपी सचिन से 14 बार बात हुई। डाक्टर के खिलाफ सुबूत मिलने पर पुलिस उसे गिरफ्तार करने विकासपुरी गई तो वहां पहले ही डाक्टर को नौकरी से निकाला जा चुका था। तब से लेकर अब तक हरियाणा व दिल्ली की पुलिस द्वारका स्थित उसके घर व अन्य ठिकानों पर लगातार दबिश दे रही है। मगर आरोपी डाक्टर का कोई सुराग नहीं है। उक्त डाक्टर पर नवंबर में सोनीपत में भी एक ऐसा ही केस दर्ज हुआ था।
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-अधिकारी बोले
मामले के जांच अधिकारी एमआईई चौकी प्रभारी देवेंद्र कुमार ने कहा कि डाक्टर को पकड़ने के लिए द्वारका स्थित उसके निवास व अन्य संभावित स्थानों पर लगातार दबिश दी जा रही है। उसके मोबाइल फोन को ट्रैक किया जा रहा है। जल्द ही उसे गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
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बहादुरगढ़।
भ्रूण लिंग जांच करने के मामले में मुख्य आरोपी डाक्टर को पुलिस डेढ़ महीने बाद भी गिरफ्तार नहीं कर सकी है। बहादुरगढ़ पुलिस लगातार उक्त डाक्टर के निवास व संभावित स्थानों पर दबिश दे रही है, लेकिन सफलता नहीं मिली है। विकास पुरी स्थित उक्त अस्पताल का संचालन करने वाली संस्था ने भी उसे नौकरी से निकाल दिया है।
- यह है मामला
दरअसल, स्वास्थ्य विभाग को सूचना मिली थी कि विकास पुरी (दिल्ली) के आर्य समाज मंदिर स्थित एक अस्पताल में कार्यरत डाक्टर भ्रूण लिंग की जांच करता है। इस गैरकानूनी काम में हरियाणा के भी कुछ लोग शामिल है। इस गिरोह को पकड़ने के लिए पुलिस ने योजना बनाई थी। योजना में शामिल फर्जी पेशेंट ने 16 दिसंबर को गिरोह के एक सदस्य दीपक से संपर्क किया। 30 हजार रुपये में सौदा तय हुआ था। इनके बाद दीपक उन्हें खरखोरदा छोड़ गया। वहां से सचिन इन्हें अलीपुर ले गया। वहां बलराज से पता लेकर वह इन्हें विकासपुरी स्थित अस्पताल में ले गया। वहां महिला की जांच की गई। दो दिन तक यह मामला चला और 18 दिसंबर को विभाग की टीम ने आरोपी सचिन को रंगे हाथ पकड़ लिया। इसके कुछ दिन बाद ही दीपक व बलराज भी पकड़ लिए गए। फिलहाल तीनों जेल में हैं।
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- 14 बार हुई सचिन से बात
तीनों आरोपी को जेल भेजने के बाद पुलिस ने उक्त डा. गजेंद्र नायर पर नजर रखनी शुरू कर दी। जांच के दौरान उसकी कॉल डिटेल्स खंगाली गईं तो सामने आया कि 18 दिसंबर को गजेंद्र की आरोपी सचिन से 14 बार बात हुई। डाक्टर के खिलाफ सुबूत मिलने पर पुलिस उसे गिरफ्तार करने विकासपुरी गई तो वहां पहले ही डाक्टर को नौकरी से निकाला जा चुका था। तब से लेकर अब तक हरियाणा व दिल्ली की पुलिस द्वारका स्थित उसके घर व अन्य ठिकानों पर लगातार दबिश दे रही है। मगर आरोपी डाक्टर का कोई सुराग नहीं है। उक्त डाक्टर पर नवंबर में सोनीपत में भी एक ऐसा ही केस दर्ज हुआ था।
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-अधिकारी बोले
मामले के जांच अधिकारी एमआईई चौकी प्रभारी देवेंद्र कुमार ने कहा कि डाक्टर को पकड़ने के लिए द्वारका स्थित उसके निवास व अन्य संभावित स्थानों पर लगातार दबिश दी जा रही है। उसके मोबाइल फोन को ट्रैक किया जा रहा है। जल्द ही उसे गिरफ्तार कर लिया जाएगा।