स्टेशन अधिकारी व पुलिस नहीं करती कार्रवाई, इसलिए नहीं रुक रहा रेलवे ट्रैक पार करना

Rohtak Bureau Updated Fri, 08 Dec 2017 01:14 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
बहादुरगढ़।
भारतीय रेलवे की प्रशासनिक एवं सुरक्षा व्यवस्था बहादुरगढ़ रेलवे स्टेशन पर वीरवार दोपहर के दौरान लचर दिखाई दी। यात्री मौत को दावत देते हुए ट्रैक पार करते हुए दिखाई दिए। न केवल युवा बल्कि बच्चों से लेकर बुजुर्ग तक आराम से ट्रैक पार करते दिखाई दिए जैसे सड़क पार कर रहे हों। महिलाएं भी पीछे नहीं दिखाई दीं। न प्रशासनिक अधिकारी यात्रियों को रोकते हुए दिखाई दिए और न ही सुरक्षाबल के जवान। इसलिए रेलवे ट्रैक को पार करना लोगों के जीवन में शुमार हो चुका है। वीरवार को भी नजारा कुछ ऐसा ही दिखा।
यात्रियों की सुरक्षा को लेकर रेलवे कितना सजग है एवं यात्री अपनी सुरक्षा को लेकर कितने सजग हैं, इस बारे में अमर उजाला संवाददाता ने बहादुरगढ़ रेलवे स्टेशन का हाल वीरवार को जानने का प्रयास किया। एक प्लेटफार्म से दूसरे प्लेटफार्म पर जाने के लिए फुट ओवरब्रिज की सुविधा है, लेकिन अधिकतर यात्री ट्रैक पार करते हैं। यही नहीं यात्री बच्चों सहित ट्रैक पार कर जाते हैं। ट्रेनों के आने के दौरान भी ट्रैक पार करते रहते हैं। वीरवार दोपहर प्लेटफार्म पर अलग-अलग स्थानों से करीब 50-60 लोगों ने ट्रैक पार किया होगा। यह तो केवल 15 मिनट के समय के दौरान देखा गया नजारा था। पूरा दिन में सैकड़ों लोग ट्रैक पार करते होंगे।
कागजों में है बेहतर सुरक्षा का दावा
अक्सर रेलवे अधिकारी कहते हैं कि सुरक्षा के ऊपर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। जब स्टेशन पर ही यात्री ट्रैक पार करते रहते हैं फिर सुरक्षा का दावा कागजी से अधिक नहीं दिखता। स्टेशन पर यात्रियों का ट्रैक पार करना यह भी दर्शाता है कि यहां पर सीसीटीवी कैमरे भी नहीं लगाए गए हैं। बता दें कि एक सप्ताह पहले एक महिला एक बच्चे के साथ ट्रैक पार करते समय ट्रेन की चपेट में आ गई थी। इससे उनकी मौत हो गई थी।
ट्रैक पार करना मौत को दावत देना
रेलवे यात्री भी मानते हैं कि ट्रैक को पार करना मौत को दावत देना है। कुछ यात्रियों ने बताया कि जब रेलवे के अधिकारी या सुरक्षा बल के जवान सक्रिय रहते हैं उस समय यात्री ट्रैक पार नहीं करते हैं। जैसे ही अधिकारी या सुरक्षा बल के जवान इधर से उधर होते हैं, अधिकतर ट्रैक पार करके ही दूसरे प्लेटफार्म पर जाते हैं। हर समय प्लेटफार्म पर सुरक्षा बल के जवान होने चाहिए। एक अधिकारी की जिम्मेदारी स्टेशन पर तय होनी चाहिए। शहर की अग्रवाल कॉलोनी निवासी योगेश गुप्ता और नई बस्ती निवासी सुनील शर्मा का कहना है कि दिन भर में सैकड़ों यात्री ट्रैक पार करते हैं।
जीआरपी थाना प्रभारी बोले
बहादुरगढ़ जीआरपी थाना प्रभारी राजेंद्र सिंह का कहना है कि समय-समय पर यात्रियों को जुर्माना लगाया जाता है। आगे से और सक्रियता बढ़ाई जाएगी। यात्री रेलवे ट्रैक पार न करें, इस बारे में सुरक्षा बल के जवान ध्यान दे रहे हैं। इसके बाद भी कई बार मौका मिलते ही यात्री ट्रैक पार करते हैं। यात्रियों को भी अपनी सुरक्षा का ध्यान रखना चाहिए। वैसे इस विषय पर आगे से और गंभीरतापूर्वक ध्यान दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि ट्रेन की चपेट में आने से घायल होने वाले लोगों के बारे में उनके पास किसी तरह की कोई सूचना नहीं पहुंचती और न ही लोग इस तरह की सूचना देते हैं।

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