फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Jhajjar/Bahadurgarh News ›   2 Engineering Student Dead in car accident

ट्रक-कार में भिड़ंत, इंजीनियरिंग के दो छात्रों की मौत

Tue, 01 Dec 2015 01:53 AM IST
अमर उजाला झज्जर/ब्यूरो
अमर उजाला झज्जर/ब्यूरो Updated Tue, 01 Dec 2015 01:53 AM IST
विज्ञापन
2 Engineering Student Dead in car accident

हिसार में एक शादी समारोह में शिरकत कर गुड़गांव की ओर लौट रहे इंजीनियरिंग के दो छात्रों की सड़क दुर्घटना में मौत हो गई। ट्रक से टकराने के बाद उनकी स्विफ्ट कार के परखच्चे उड़ गए।

विज्ञापन


दोनों छात्र कार में बुरी तरह से फंस गए और अधिक चोटें लगने के कारण उनकी मौके पर ही मौत हो गई। सूचना पर थाना सदर पुलिस घटनास्थल पर पहुंची और गाड़ी में फंसे शवों को बाहर निकाला।
विज्ञापन


दुर्घटना के बाद मृतकों के परिजनों व उनके कॉलेज में मातम छा गया। 

मूल रूप से बरोदा व हाल सेक्टर-1 रोहतक निवासी पंकज (24) गुड़गांव के आईटीएम से बी-टेक फाइनल ईयर का छात्र था। उसका साथी हिसार निवासी धीरेंद्र (24) भी गुड़गांव से ही इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर रहा था और फिलहाल वहीं पर कोचिंग भी ले रहा था।
विज्ञापन
विज्ञापन


दोनों दोस्त अक्सर एक साथ ही रहते थे। दोनों हिसार में अपने एक परिचित के भाई की शादी में गए थे। रविवार की रात को जब वे हिसार से वापस गुड़गांव जा रहे थे तो बहादुरगढ़ में बालोर मोड़ के नजदीक बाईपास पर एक ट्रक से उनकी स्विफ्ट कार टकरा गई।

दोनों साथियों की वहीं पर मौत हो गई। उनके पास मिले कागजातों के आधार पर पहचान हुई। सोमवार की अल सुबह जब उनके परिजनों, परिचितों को पता चला तो हर कोई सिविल हॉस्पिटल बहादुरगढ़ की और दौड़ते दिखे।

पुलिस ने दोनों शवों का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों के हवाले कर दिए। छात्रों की मौत से उनके शिक्षण संस्थान में भी सन्नाटा पसर गया। सूचना मिलते ही वहां से उनके कई साथी व शिक्षक बहादुरगढ़ सिविल हॉस्पिटल पहुंचे।

हंसी-खुशी शादी समारोह से वापस लौट रहे दोनों दोस्तों की पलभर में ही मौत होने से उनके परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा।

हॉस्पिटल के शवगृह के बाहर खड़े परिजनों व परिचितों का रो-रोकर बुरा हाल था। शवों को लेने के लिए काफी संख्या में लोग यहां आए हुए थे।

सपनों को लगने थे पंख
मृतक धीरेंद्र के बड़े भाई हरेंद्र व पंकज के मामा वीरपाल ने बताया कि दोनों जल्द ही पास आउट होने वाले थे। वे अपने सपनों को पंख लगाने के लिए पढ़ाई में पूरा ध्यान दे रहे थे, लेकिन इस हादसे ने परिवार की खुशियों को ग्रहण लगा दिया।


बुझा घर का चिराग
मृतक पंकज तीन बहनों का इकलौता भाई था। उससे एक बड़ी बहन है और दो छोटी। उसके पिता आरटीए विभाग में असिस्टेंट के तौर पर कार्य करते हैं।

लाड-प्यार से परिवार ने उसकी परवरिश की थी मगर उसकी मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। यही नहीं मृतक धीरेंद्र के सिर से तीन साल पहले ही पिता का साया छिन गया था। परिवार अभी उस हादसे से सही से उभरा भी नहीं था कि अब धीरेंद्र के जाने से परिवार काफी सदमे में है।

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed