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राम रहीम की सजा से पहले अलर्ट पर रहा प्रशासन, आज ओपन होंगे स्कूल, कालेज
Updated Tue, 29 Aug 2017 12:40 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
बहादुरगढ़।
साध्वी यौन शोषण मामले में डेरा प्रमुख गुरमीत राम रहीम सिंह को सोमवार को सजा का ऐलान होने से पहले बहादुरगढ़ में किसी अप्रिय घटना ने हो। इसलिए पुलिस प्रशासनिक अमला अलर्ट रहा और शहर में फ्लैग मार्च निकाला। पुलिस ने दिल्ली से आने वाले हर वाहन की बारीकी से जांच करने के बाद ही बहादुरगढ़ में प्रवेश करने दिया। मंगलवार से स्कूल व कालेज तो खुल जाएंगे। मगर अभी बसें व ट्रेनें चलने की संभावना नजर नहीं आ रही। ऐसे में यात्रियों को अभी परेशानी का सामना करना पड़ेगा।
दिल्ली सीमाओं पर रहे पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी
राम रहीम की सजा के ऐलान को लेकर बहादुरगढ़ पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद रहा। टिकरी बॉर्डर, झाड़ोदा बॉर्डर, ढांसा बॉर्डर, निजामपुर बॉर्डर के अलावा रोहद टोल प्लाजा पर भी पुलिस प्रशासन के अधिकारी मौजूद रहे। सबसे ज्यादा नजर पुलिस की टिकरी बॉर्डर पर रही। यहां से गुजरने वाली हर गाड़ी को बारीकी से चेक किया गया। काफी संख्या में पुलिस फोर्स तैनात रही। इस दौरान एसडीएम जगनिवास, डीएसपी भगतराम के अलावा थाना शहर प्रभारी प्रदीप कुमार, तहसीलदार नरेंद्र दलाल, बीडीपीओ रामफल के अलावा अन्य अधिकारियों ने शहर में आने वाली हर गाड़ी पर नजरें बनाए रखी।
लोगों की नजरें टीवी पर तो प्रशासन की रही अनुयायियों पर
जब तक राम रहीम की सजा का फैसला नहीं आया, तब तक शहर वासियों की नजरें टीवी स्क्रीन पर बनी रही तो पुलिस प्रशासन की नजरें राम रहीम के अनुयायियों पर रही। बाजारों में विभिन्न दुकानों के अलावा पुलिस कर्मचारी भी इस फैसले पर टकटकी लगाए बैठे रहे। साथ ही प्रदेश में कहीं पर अशांति न फैले, इस पर भी प्र्रशासन ने किसी तरह की ढील नहीं बरती। फिलहाल क्षेत्र में पूरी तरह शांति बनी है।
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ट्रेन और बसें चलने की संभावना नहीं
सोमवार को राम रहीम की सजा का फैसला आने के बाद भी ट्रेन व बसें नहीं चली। इससे लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। रेलवे और रोडवेज विभाग के अधिकारियों द्वारा अभी ट्रेन और बस चलने की संभावना नहीं जताई है। अधिकारियों का तर्क है कि अभी उनके पास किसी तरह के आदेश नहीं पहुंचे। आदेश मिलने के बाद ट्रेन और बस चलाई जाएंगी।
इंटरनेट सेवा भी नहीं हुई चालू
राम रहीम मामले के बाद से बंद हुई इंटरनेट सेवा सोमवार को सजा का फैसला सुनाए जाने के बाद भी चालू नहीं हो पाई। अधिकारियों की ओर से मंगलवार 11 बजे के बाद ही इंटरनेट सेवा शुरू करने की बात कही जा रही है। इंटरनेट सेवा प्रशासन की ओर से इसलिए बंद करवाई गई थी, कहीं सोशल साइट्स के जरिये कोई शरारती तत्व अशांति न फैला दे। इस पर भी प्रशासन ने कई दिनों तक बारीकी से नजर बनाए रखी।
क्या कहते हैं अधिकारी
बहादुरगढ़ के एसडीएम जगनिवास का कहना है कि क्षेत्र में पूरी तह से शांति बनी है। प्रशासन को इसी तरह की उम्मीद जनता से थी। जल्द ही क्षेत्र में हालात सामान्य हो जाएंगे। लोगों को किसी तरह की परेशानी नहीं आने दी जाएगी। मंगलवार से सभी स्कूल-कॉलेज खुल जाएंगे।
-टीकरी बार्डर पर मौजूद रहे पुलिस व प्रशासन के सभी सीनियर अधिकारी
- अनुयायियों पर बनी रही प्रशासन की नजरें
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बहादुरगढ़।
साध्वी यौन शोषण मामले में डेरा प्रमुख गुरमीत राम रहीम सिंह को सोमवार को सजा का ऐलान होने से पहले बहादुरगढ़ में किसी अप्रिय घटना ने हो। इसलिए पुलिस प्रशासनिक अमला अलर्ट रहा और शहर में फ्लैग मार्च निकाला। पुलिस ने दिल्ली से आने वाले हर वाहन की बारीकी से जांच करने के बाद ही बहादुरगढ़ में प्रवेश करने दिया। मंगलवार से स्कूल व कालेज तो खुल जाएंगे। मगर अभी बसें व ट्रेनें चलने की संभावना नजर नहीं आ रही। ऐसे में यात्रियों को अभी परेशानी का सामना करना पड़ेगा।
दिल्ली सीमाओं पर रहे पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी
राम रहीम की सजा के ऐलान को लेकर बहादुरगढ़ पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद रहा। टिकरी बॉर्डर, झाड़ोदा बॉर्डर, ढांसा बॉर्डर, निजामपुर बॉर्डर के अलावा रोहद टोल प्लाजा पर भी पुलिस प्रशासन के अधिकारी मौजूद रहे। सबसे ज्यादा नजर पुलिस की टिकरी बॉर्डर पर रही। यहां से गुजरने वाली हर गाड़ी को बारीकी से चेक किया गया। काफी संख्या में पुलिस फोर्स तैनात रही। इस दौरान एसडीएम जगनिवास, डीएसपी भगतराम के अलावा थाना शहर प्रभारी प्रदीप कुमार, तहसीलदार नरेंद्र दलाल, बीडीपीओ रामफल के अलावा अन्य अधिकारियों ने शहर में आने वाली हर गाड़ी पर नजरें बनाए रखी।
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लोगों की नजरें टीवी पर तो प्रशासन की रही अनुयायियों पर
जब तक राम रहीम की सजा का फैसला नहीं आया, तब तक शहर वासियों की नजरें टीवी स्क्रीन पर बनी रही तो पुलिस प्रशासन की नजरें राम रहीम के अनुयायियों पर रही। बाजारों में विभिन्न दुकानों के अलावा पुलिस कर्मचारी भी इस फैसले पर टकटकी लगाए बैठे रहे। साथ ही प्रदेश में कहीं पर अशांति न फैले, इस पर भी प्र्रशासन ने किसी तरह की ढील नहीं बरती। फिलहाल क्षेत्र में पूरी तरह शांति बनी है।
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ट्रेन और बसें चलने की संभावना नहीं
सोमवार को राम रहीम की सजा का फैसला आने के बाद भी ट्रेन व बसें नहीं चली। इससे लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। रेलवे और रोडवेज विभाग के अधिकारियों द्वारा अभी ट्रेन और बस चलने की संभावना नहीं जताई है। अधिकारियों का तर्क है कि अभी उनके पास किसी तरह के आदेश नहीं पहुंचे। आदेश मिलने के बाद ट्रेन और बस चलाई जाएंगी।
इंटरनेट सेवा भी नहीं हुई चालू
राम रहीम मामले के बाद से बंद हुई इंटरनेट सेवा सोमवार को सजा का फैसला सुनाए जाने के बाद भी चालू नहीं हो पाई। अधिकारियों की ओर से मंगलवार 11 बजे के बाद ही इंटरनेट सेवा शुरू करने की बात कही जा रही है। इंटरनेट सेवा प्रशासन की ओर से इसलिए बंद करवाई गई थी, कहीं सोशल साइट्स के जरिये कोई शरारती तत्व अशांति न फैला दे। इस पर भी प्रशासन ने कई दिनों तक बारीकी से नजर बनाए रखी।
क्या कहते हैं अधिकारी
बहादुरगढ़ के एसडीएम जगनिवास का कहना है कि क्षेत्र में पूरी तह से शांति बनी है। प्रशासन को इसी तरह की उम्मीद जनता से थी। जल्द ही क्षेत्र में हालात सामान्य हो जाएंगे। लोगों को किसी तरह की परेशानी नहीं आने दी जाएगी। मंगलवार से सभी स्कूल-कॉलेज खुल जाएंगे।
-टीकरी बार्डर पर मौजूद रहे पुलिस व प्रशासन के सभी सीनियर अधिकारी
- अनुयायियों पर बनी रही प्रशासन की नजरें