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दादी के पास सोया था पोता, इसलिए बच गई जान

Sun, 02 Jun 2019 02:59 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Sun, 02 Jun 2019 02:59 AM IST
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दादी के पास सोया था पोता, इसलिए बच गई जान
बादली। लाडपुर में शुक्रवार रात को अपनी बेटी व पत्नी की गोली मारने वाला दिनेश दिल्ली में उद्योगपति कालीन चौधरी का पीएसओ था। डेढ़ माह पहले ही दिनेश ने निजी कारणों के चलते नौकरी छोड़ दी थी। इसके बाद दिनेश घर पर ही रहता था। बडे़ भाई मुकेश ने रोते हुए बताया कि बीती रात भी दिनेश से बातचीत हुई। दिनेश पूरी तरह से मजबूत था। कभी भी कमजोर बात नहीं की। रात को हुई बातचीत में ऐसी कोई बात सामने नहीं आई कि वह घर जाने के बाद ऐसा कदम उठा सकता है। उन्होंने कभी सोचा भी नहीं था कि हमेशा दिल खुश रहने वाला दिनेश कभी आत्महत्या करने जैसा कदम उठा सकता है। कुछ घंटे पहले ही लिया था रिवाल्वर
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आचार संहिता के चलते दिनेश ने अपना रिवाल्वर पुलिस थाने में जमा करा दिया था। मृतक दिनेश के भाई मुकेश के अनुसार उन्हें तो यह भी मालूम नहीं कि दिनेश ने रिवाल्वर कब निकलवाया है। पुलिस के अनुसार दिनेश शुक्रवार को ही पुलिस थाने से कार्रवाई के बाद रिवाल्वर लेकर गया था। घटना रात के समय की है और दिन के समय रिवाल्वर लिया था।
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दादी के पास सोता था दिनेश लड़का
दिनेश का 10 वर्षीय लड़का रितेश रात के समय दादी के पास सोने के लिए चला गया। दिनेश की मां रो-रोकर बुरा हाल है। बार-बार अपने पोते रितेश को गले लगा रही है। मां का कहना है रात के समय रितेश अकसर उनके साथ ही सोता था जबकि 4 वर्षीय लड़की तृशा माता-पिता के साथ ही सोती थी।
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घर बनवाने का काम चल रहा है
फिलहाल दिनेश अपना मकान बना रहा था। घर की दो मंजिला बनकर तैयार हो चुकी है। प्रतिदिन मिस्त्री काम करते हैं। प्रतिदिन दिनेश सुबह दिनेश निर्माणाधीन मकान में सुबह 5 बजे पहुंच जाता था मगर शनिवार को जब 6 बजे तक भी नहीं पहुंचा तो बड़ा भाई मुकेश उसे जगाने के लिए चला गया था जहां कमरे में तीनों के शव मिले।
परिवार में बचा है केवल बेटा रितेश
परिवार के अनुसार दिनेश की शादी करीब 15-16 साल पहले हुई थी। दिनेश के परिवार में पत्नी के अलावा एक दस साल का बेटा रितेश और चार साल की बेटी तृशा थी। इस घटना में दिनेश का बेटा रितेश केवल इसलिए बच गया क्योंकि वह घटना से पहले ही अपनी दादी के यहां सोने के लिए चला गया था।
सुसाइड नोट की होगी जांच
घटना को लेकर फिलहाल पुलिस ने इत्तफाकिया मौत की कार्रवाई की है। वहीं मौके से मिला सुसाइड नोट भी कई तरह की आशंकाओं को जन्म दे रहा है। पुलिस ने मौके से मिले सुसाइड नोट को अपने कब्जे में लेकर उसकी जांच कराए जाने की बात कही है। पुलिस यह जानना चाहती है कि मौके से जो सुसाइड नोट मिला है उस पर लिखाई दिनेश की है या नहीं। पुलिस मामले के हर पहलू की जांच कर रही है।

वर्जन
सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंच गई थी। शव नागरिक अस्पताल के शवगृह में रखवा दिए हैं। मौके से एक सुसाइड नोट भी बरामद हुआ है। बारीकी से जांच की जा रही है। जल्द ही मामले को सुलझा लिया जाएगा।
-अशोक डीएसपी, बादली

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