{"_id":"5c3a5736bdec22736153f09f","slug":"121547327286-jhajjar-bahadurgarh-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"ठंड से बचने के लिए कमरे में रखी अंगीठी, चार सदस्यों का दम घुटा, बाल-बाल बचे","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
ठंड से बचने के लिए कमरे में रखी अंगीठी, चार सदस्यों का दम घुटा, बाल-बाल बचे
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ठंड से बचने के लिए कमरे में रखी थी अंगीठी, चार सदस्यों का दम घुटा
बहादुरगढ़। सर्दी से बचाव के लिए एक परिवार ने कमरे में अंगीठी तो रख ली लेकिन बाहर रखना भूल गए और सो गए। कुछ घंटे बाद कमरे में गैस बनने से परिवार के चारों सदस्यों का दम घुट गया। अन्य परिजनों की नजर कमरे पर पड़ी तो इन्हें संभाला और सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया। अस्पताल से इन्हें पीजीआई रोहतक रेफर कर दिया गया।
जानकारी के अनुसार नई बस्ती निवासी राजकुमार शुक्रवार की रात खाना खाने के बाद पत्नी माया, बच्चे सरस्वती व कार्तिक के साथ विश्राम कर रहे थे। ठंड से बचने के लिए उन्होंने कमरे में अंगीठी रखी थी। कुछ देर बाद उन्हें नींद आ गई और वो सो गए। कमरा पूरी तरह से बंद होने के कारण भीतर गैस बन गई और ये चारों बेसुध हो गए। करीब सवा तीन बजे दूसरे कमरे में सो रहे अन्य परिजनों की आंख खुली तो उन्हें कमरे से धुआं निकलता दिखाई दिया। परिजनों ने कमरा खोला और सभी को बहादुरगढ़ के नागरिक अस्पताल में भर्ती कराया, जहां से डॉक्टरों ने पीजीआई रोहतक रेफर कर दिया। सूचना मिली तो लाइनपार थाने से पुलिस भी पीजीआई रोहतक रवाना हुई। हालत में सुधार होने पर पीजीआई से इन सभी को छुट्टी मिल गई।
पिछले साल हो गई थी एक मौत
बंद कमरों में अंगीठी व हीटर के कारण अक्सर हादसे हो जाते हैं। पिछले साल बहादुरगढ़ के जलघर का चौकीदार भी कमरे में अंगीठी रखकर सो गया था। दम घुटने के कारण उसकी मौत हो गई थी। अब यह परिवार भी बाल-बाल बच गया।
विज्ञापन
अंगीठी जलाकर सोना है खतरनाक : डॉ. कुक्कल
नागरिक अस्पताल के डॉ. संजीव कु क्कल कमरे में अंगीठी व हीटर चलाकर सोने को खतरनाक मानते हैं। उन्होंने बताया कि अंगीठी से निकलने वाली मिथेन और कार्बन मोनोआक्साइड गैसों से ऑक्सीजन की कमी हो जाती है। इसकी वजह से कंठ सूखने लगता है। फेफड़े सांस लेने और छोड़ने की प्रक्रिया में कमजोर पड़ने लगते हैं। ऐसे में आदमी कई बार बेहोश हो जाता है। दम घुटने से बड़ी अनहोनी भी हो सकती है। इसलिए लोग जागरूक रहें, ऐसी लापरवाही न करें।
---
विज्ञापन
बहादुरगढ़। सर्दी से बचाव के लिए एक परिवार ने कमरे में अंगीठी तो रख ली लेकिन बाहर रखना भूल गए और सो गए। कुछ घंटे बाद कमरे में गैस बनने से परिवार के चारों सदस्यों का दम घुट गया। अन्य परिजनों की नजर कमरे पर पड़ी तो इन्हें संभाला और सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया। अस्पताल से इन्हें पीजीआई रोहतक रेफर कर दिया गया।
जानकारी के अनुसार नई बस्ती निवासी राजकुमार शुक्रवार की रात खाना खाने के बाद पत्नी माया, बच्चे सरस्वती व कार्तिक के साथ विश्राम कर रहे थे। ठंड से बचने के लिए उन्होंने कमरे में अंगीठी रखी थी। कुछ देर बाद उन्हें नींद आ गई और वो सो गए। कमरा पूरी तरह से बंद होने के कारण भीतर गैस बन गई और ये चारों बेसुध हो गए। करीब सवा तीन बजे दूसरे कमरे में सो रहे अन्य परिजनों की आंख खुली तो उन्हें कमरे से धुआं निकलता दिखाई दिया। परिजनों ने कमरा खोला और सभी को बहादुरगढ़ के नागरिक अस्पताल में भर्ती कराया, जहां से डॉक्टरों ने पीजीआई रोहतक रेफर कर दिया। सूचना मिली तो लाइनपार थाने से पुलिस भी पीजीआई रोहतक रवाना हुई। हालत में सुधार होने पर पीजीआई से इन सभी को छुट्टी मिल गई।
विज्ञापन
पिछले साल हो गई थी एक मौत
बंद कमरों में अंगीठी व हीटर के कारण अक्सर हादसे हो जाते हैं। पिछले साल बहादुरगढ़ के जलघर का चौकीदार भी कमरे में अंगीठी रखकर सो गया था। दम घुटने के कारण उसकी मौत हो गई थी। अब यह परिवार भी बाल-बाल बच गया।
विज्ञापन
अंगीठी जलाकर सोना है खतरनाक : डॉ. कुक्कल
नागरिक अस्पताल के डॉ. संजीव कु क्कल कमरे में अंगीठी व हीटर चलाकर सोने को खतरनाक मानते हैं। उन्होंने बताया कि अंगीठी से निकलने वाली मिथेन और कार्बन मोनोआक्साइड गैसों से ऑक्सीजन की कमी हो जाती है। इसकी वजह से कंठ सूखने लगता है। फेफड़े सांस लेने और छोड़ने की प्रक्रिया में कमजोर पड़ने लगते हैं। ऐसे में आदमी कई बार बेहोश हो जाता है। दम घुटने से बड़ी अनहोनी भी हो सकती है। इसलिए लोग जागरूक रहें, ऐसी लापरवाही न करें।
---