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चिकित्सक के पोस्टमार्टम से इंकार करने पर भड़के परिजन, डेड बॉडी लेकर रोड जाम करने चले तो पुलिस ने हस्तक्षेप कर शांत कराया मामला
Updated Sat, 14 Jul 2018 12:18 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
चरखी दादरी। सिविल अस्पताल के पोस्टमार्टम रूम में जगह कम होने पर शुक्रवार सुबह हंगामा हो गया। पोस्टमार्टम कक्ष में पहले से रखी तीन डेड बॉडी के चलते चिकित्सक ने सड़क हादसे में मृत बाढड़ा निवासी प्रवीन का पोस्टमार्टम करने से मना कर दिया। इससे खफा परिजनों ने अस्पताल में परिसर में हंगामा कर दिया। चिकित्सक के रवैये से खफा परिजन शव को लेकर रोड जाम करने चल पड़े और वहां मौजूद पुलिस कर्मियों ने बीच-बचाव कर मामला शांत कराया। पुलिस ने नहर में मिले तीन शवों में से एक शव को बाहर रखा और इसके बाद मृतक प्रवीन का पोस्टमार्टम किया गया। पुलिस ने मृतक के परिजनों के बयान पर अज्ञात चालक के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है।
मूल रूप से नारनौल निवासी प्रवीन पिछले कुछ समय से परिवार सहित बाढड़ा रह रहा है। वह स्पेयर पार्ट की दुकान चलाता है। वीरवार को वह अपने दोस्त के पिता के अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए बाइक पर सवार होकर दगड़ोली गांव आया था। मृतक की अंतिम क्रिया के बाद वह बाढड़ा जाने के लिए दगड़ोली से चला था। जब वह झोझूकलां के समीप पहुंचा तो एक रिट्ज कार ने उसकी बाइक को टक्कर मार दी। घटना में प्रवीन गंभीर रूप से घायल हो गया और उसे उपचार के लिए दादरी के सिविल अस्पताल लाया गया। यहां से प्राथमिक उपचार के तुरंत बाद परिजन उसे हिसार ले जाने लगे लेकिन अस्पताल पहुंचने से पहले ही उसकी मौत हो गई। इसके बाद परिजन शव को लेकर सिविल अस्पताल पहुंच गए।
मृतक के परिजनों का आरोप है कि शुक्रवार सुबह जब उन्होंने चिकित्सक से प्रवीन का पोस्टमार्टम करने की बात कही तो चिकित्सक ने मना कर दिया। परिजनों के मुताबिक चिकित्सक का तर्क था कि पोस्टमार्टम कक्ष में तीन डेड बॉडी रखी है और फिलहाल पोस्टमार्टम के लिए जगह नहीं है। इस पर परिजनों ने जब एक बॉडी को बाहर निकालने की बात कही तो चिकित्सक ने इन तीनों डेड बॉडी के जांच अधिकारी के आने पर ही डेड बॉडी बाहर निकलवाने का तर्क दिया। परिजनों का कहना है कि इसके बाद उन्होंने पुलिस कर्मियों से बातचीत की तो वो उन्हें टरकाने लगे। इसके बाद परिजन भड़क उठे और उन्होंने हंगामा शुरू कर दिया।
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स्ट्रेचर पर डेड बॉडी रखकर परिजन हुए सड़क की तरफ रवाना
मृतक प्रवीन के परिजनों की पोस्टमार्टम न करने पर पहले चिकित्सक और फिर पुलिस से झड़प हुई। मृतक के परिजनों का गुस्सा यहीं शांत नहीं हुआ। इसके बाद परिजन प्रवीन के शव को स्ट्रेचर पर डालकर लोहारू रोड की तरफ चल पड़े। इसके बाद पुलिस ने उनके गर्म तेवरों को देखते हुए नहर में मिली तीन डेड बॉडी में से एक को बाहर रखवाया और मृतक का पोस्टमार्टम कराया।
कभी इमरजेंसी के बाहर तो कभी जमीन पर रखने पड़ते हैं शव
चरखी दादरी सिविल अस्पताल अब भले ही 100 बेड का हो गया हो लेकिन पोस्टमार्टम कक्ष के हालात नहीं सुधरे हैं। पोस्टमार्टम कक्ष में केवल एक सीमेंटेड बेंच ही हैं, जबकि अगर दो या इससे ज्यादा डेड बॉडी आने पर शव जमीन में रखे जाते हैं। इतना ही नहीं बड़ी सड़क दुर्घटना होने पर तो शव नई बिल्डिंग के इमरजेंसी कक्ष के सामने भी रखे जाते हैं।
पोस्टमार्टम कक्ष में तीन शव पहले से रखे हुए थे और मृतक के पोस्टमार्टम के लिए जगह नहीं थी। वहां पहुंचे पुलिसकर्मियों ने एक शव को बाहर रख दिया और इसके बाद जन भावनाओं को देखते हुए हमने तुरंत पोस्टमार्टम कर दिया।
अंकुर कुमार, एमओ, सिविल अस्पताल
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चरखी दादरी। सिविल अस्पताल के पोस्टमार्टम रूम में जगह कम होने पर शुक्रवार सुबह हंगामा हो गया। पोस्टमार्टम कक्ष में पहले से रखी तीन डेड बॉडी के चलते चिकित्सक ने सड़क हादसे में मृत बाढड़ा निवासी प्रवीन का पोस्टमार्टम करने से मना कर दिया। इससे खफा परिजनों ने अस्पताल में परिसर में हंगामा कर दिया। चिकित्सक के रवैये से खफा परिजन शव को लेकर रोड जाम करने चल पड़े और वहां मौजूद पुलिस कर्मियों ने बीच-बचाव कर मामला शांत कराया। पुलिस ने नहर में मिले तीन शवों में से एक शव को बाहर रखा और इसके बाद मृतक प्रवीन का पोस्टमार्टम किया गया। पुलिस ने मृतक के परिजनों के बयान पर अज्ञात चालक के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है।
मूल रूप से नारनौल निवासी प्रवीन पिछले कुछ समय से परिवार सहित बाढड़ा रह रहा है। वह स्पेयर पार्ट की दुकान चलाता है। वीरवार को वह अपने दोस्त के पिता के अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए बाइक पर सवार होकर दगड़ोली गांव आया था। मृतक की अंतिम क्रिया के बाद वह बाढड़ा जाने के लिए दगड़ोली से चला था। जब वह झोझूकलां के समीप पहुंचा तो एक रिट्ज कार ने उसकी बाइक को टक्कर मार दी। घटना में प्रवीन गंभीर रूप से घायल हो गया और उसे उपचार के लिए दादरी के सिविल अस्पताल लाया गया। यहां से प्राथमिक उपचार के तुरंत बाद परिजन उसे हिसार ले जाने लगे लेकिन अस्पताल पहुंचने से पहले ही उसकी मौत हो गई। इसके बाद परिजन शव को लेकर सिविल अस्पताल पहुंच गए।
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मृतक के परिजनों का आरोप है कि शुक्रवार सुबह जब उन्होंने चिकित्सक से प्रवीन का पोस्टमार्टम करने की बात कही तो चिकित्सक ने मना कर दिया। परिजनों के मुताबिक चिकित्सक का तर्क था कि पोस्टमार्टम कक्ष में तीन डेड बॉडी रखी है और फिलहाल पोस्टमार्टम के लिए जगह नहीं है। इस पर परिजनों ने जब एक बॉडी को बाहर निकालने की बात कही तो चिकित्सक ने इन तीनों डेड बॉडी के जांच अधिकारी के आने पर ही डेड बॉडी बाहर निकलवाने का तर्क दिया। परिजनों का कहना है कि इसके बाद उन्होंने पुलिस कर्मियों से बातचीत की तो वो उन्हें टरकाने लगे। इसके बाद परिजन भड़क उठे और उन्होंने हंगामा शुरू कर दिया।
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स्ट्रेचर पर डेड बॉडी रखकर परिजन हुए सड़क की तरफ रवाना
मृतक प्रवीन के परिजनों की पोस्टमार्टम न करने पर पहले चिकित्सक और फिर पुलिस से झड़प हुई। मृतक के परिजनों का गुस्सा यहीं शांत नहीं हुआ। इसके बाद परिजन प्रवीन के शव को स्ट्रेचर पर डालकर लोहारू रोड की तरफ चल पड़े। इसके बाद पुलिस ने उनके गर्म तेवरों को देखते हुए नहर में मिली तीन डेड बॉडी में से एक को बाहर रखवाया और मृतक का पोस्टमार्टम कराया।
कभी इमरजेंसी के बाहर तो कभी जमीन पर रखने पड़ते हैं शव
चरखी दादरी सिविल अस्पताल अब भले ही 100 बेड का हो गया हो लेकिन पोस्टमार्टम कक्ष के हालात नहीं सुधरे हैं। पोस्टमार्टम कक्ष में केवल एक सीमेंटेड बेंच ही हैं, जबकि अगर दो या इससे ज्यादा डेड बॉडी आने पर शव जमीन में रखे जाते हैं। इतना ही नहीं बड़ी सड़क दुर्घटना होने पर तो शव नई बिल्डिंग के इमरजेंसी कक्ष के सामने भी रखे जाते हैं।
पोस्टमार्टम कक्ष में तीन शव पहले से रखे हुए थे और मृतक के पोस्टमार्टम के लिए जगह नहीं थी। वहां पहुंचे पुलिसकर्मियों ने एक शव को बाहर रख दिया और इसके बाद जन भावनाओं को देखते हुए हमने तुरंत पोस्टमार्टम कर दिया।
अंकुर कुमार, एमओ, सिविल अस्पताल