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Jhajjar-Bahadurgarh News: कंप्यूटर ऑपरेटरों की हड़ताल से ठप रही ऑनलाइन सेवाएं, जनता परेशान
Thu, 26 Feb 2026 02:24 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़
Updated Thu, 26 Feb 2026 02:24 AM IST
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फोटो-58: बहादुरगढ़ के लघु सचिवालय में कंप्यूटर ऑपरेटरों की हड़ताल के कारण खाली पड़ी कुर्सियां। संव
बहादुरगढ़। हरियाणा कंप्यूटर प्रोफेशनल्स संघ बुधवार को लघु सचिवालय में कंप्यूटर ऑपरेटर सेवा सुरक्षा, समान वेतन और अन्य मांगों को लेकर हड़ताल पर रहा। इससे जमीनों की रजिस्ट्री, इंतकाल, रिहायशी प्रमाण पत्र समेत करीब 250 से अधिक ऑनलाइन सरकारी कार्य पूरी तरह प्रभावित रहे।
बुधवार को सरल केंद्र में कुर्सियां खाली नजर आईं और लोगों को निराश होकर बिना काम कराए घर लौटना पड़ा। संघ के पदाधिकारी संदीप राठी ने बताया कि वे जिला सूचना प्रौद्योगिकी सोसायटी (डीआईटीएस) के माध्यम से पिछले 10 से 25 वर्षों से उपायुक्त कार्यालय, एसडीएम कार्यालय, तहसील व उप तहसील और सरल केंद्रों में सेवाएं दे रहे हैं।
इसके बावजूद उन्हें सेवा सुरक्षा का लाभ नहीं मिल रहा। उन्होंने द हरियाणा कांट्रेक्चुअल एम्प्लॉई सिक्योरिटी ऑफ सर्विस एक्ट के तहत सभी जिलों में शामिल किए जाने की मांग उठाई है। कुछ जिलों में कर्मचारियों को एक्ट में शामिल करने के आदेश जारी हो चुके हैं जबकि अन्य जिलों में प्रक्रिया लंबित है।
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पोर्टल पर डाटा प्रदर्शित न होने और ओटीपी प्राप्त न होने की समस्या भी सामने आई है। प्रदेशभर के 2768 कर्मचारियों ने सरकार से सेवा सुरक्षा और बजट के केंद्रीयकरण की मांग की है।
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बुधवार को सरल केंद्र में कुर्सियां खाली नजर आईं और लोगों को निराश होकर बिना काम कराए घर लौटना पड़ा। संघ के पदाधिकारी संदीप राठी ने बताया कि वे जिला सूचना प्रौद्योगिकी सोसायटी (डीआईटीएस) के माध्यम से पिछले 10 से 25 वर्षों से उपायुक्त कार्यालय, एसडीएम कार्यालय, तहसील व उप तहसील और सरल केंद्रों में सेवाएं दे रहे हैं।
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इसके बावजूद उन्हें सेवा सुरक्षा का लाभ नहीं मिल रहा। उन्होंने द हरियाणा कांट्रेक्चुअल एम्प्लॉई सिक्योरिटी ऑफ सर्विस एक्ट के तहत सभी जिलों में शामिल किए जाने की मांग उठाई है। कुछ जिलों में कर्मचारियों को एक्ट में शामिल करने के आदेश जारी हो चुके हैं जबकि अन्य जिलों में प्रक्रिया लंबित है।
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पोर्टल पर डाटा प्रदर्शित न होने और ओटीपी प्राप्त न होने की समस्या भी सामने आई है। प्रदेशभर के 2768 कर्मचारियों ने सरकार से सेवा सुरक्षा और बजट के केंद्रीयकरण की मांग की है।