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सीएम दरबार में शिकायतों का अंबार

Wed, 03 Dec 2014 12:46 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, झज्जर बहादुरगढ़
ब्यूरो/अमर उजाला, झज्जर बहादुरगढ़ Updated Wed, 03 Dec 2014 12:46 AM IST
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CM inundated with complaints in court

मुख्यमंत्री मनोहरलाल द्वारा समस्या सुनने की सूचना पाकर झज्जर ही नहीं बल्कि दूसरे जिलों से भी लोग अपनी शिकायतें लेकर यहां पहुंचे हुए थे।

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लोगों ने अपनी समस्याओं व शिकायतों से मुख्यमंत्री का अवगत कराया। मुख्यमंत्री ने आश्वासन दिया है कि इन सभी शिकायतों की मॉनीटरिंग वो खुद करेंगे।

इन शिकायतों के हल व समाधान के लिए लगभग दो महीने में एक रूपरेखा तैयार कर ली जाएगी। उसी के आधार पर फिर इनका निपटारा किया जाएगा।

बैंक घोटाले की शिकायत दी
गांव छारा के को-ऑपरेटिव बैंक में हुए घोटाले से परेशान बैंक उपभोक्ताओं ने सीएम को बताया कि अप्रैल 2012 में 125 उपभोक्ताओं के खाते से रुपये निकाल लिए गए थे।
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इसके कारण उपभोक्ताओं को करोड़ों रुपये का नुकसान हुआ था। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि ये रुपये बैंक के ही कर्मचारियों ने निकाले थे। इस मामले की अलग-अलग कमेटी द्वारा कई बार जांच की जा चुकी है।
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हर बार फैसला उपभोक्ताओं के पक्ष में आ रहा है। इसके बावजूद बैंक प्रबंधन द्वारा उपभोक्ताओं के रुपये नहीं लौटाए जा रहे हैं। इस अवसर पर टेकराम, निर्मला, धर्मपाल, धर्मसिंह, रणबीर, रोहताश आदि शामिल थे।

ड्रामा पार्टी को नहीं मिला वेतन
जिला सूचना एवं जनसंपर्क विभाग में कार्यरत ड्रामा पार्टी के आठ सदस्यों को पिछले 5 महीने से वेतन नहीं मिल रहा है। सीएम को दिए मांग पत्र में कलाकार रविंद्र, हरकेश, सुरेंद्र, हंसराज, सज्जन, पूनम, मनोज व अजय ने कहा है कि उनकी ड्रामा पार्टी पिछले 30 माह से सूचना एवं जनसपंर्क विभाग के लिए कार्य कर रही है।

उनकी पार्टी सरकार की ओर से चलाई जा रही जन कल्याणकारी नीतियों को भजनों एवं नाटकों के माध्यम से जनता तक पहुंचाने का काम करती है। उनकी मांग है कि उनकी पार्टी की स्वीकृति के आदेश जारी किए जाए।

आंगनबाड़ी वर्कर्स ने दी शिकायत
श्रीराम शर्मा पार्क झज्जर में आंगनबाड़ी वर्कर और हेल्पर यूनियन की बैठक हुई। अध्यक्षता जिला सचिव सुरेश देवी ने की।

राज्य अध्यक्ष छोटा बाई ने जिले की सभी वर्करों की मांग सुनी और उसके बाद लघु सचिवालय पहुंचकर सीएम को मांग पत्र दिया, जिसमें पूरे राज्य की समस्याओं के बारे में अवगत कराया गया।

सीएम ने दो महीने का समय देते हुए उनकी समस्याओं को दूर करने का आश्वासन दिया। राज्य अध्यक्ष ने कहा कि यदि समय सीमा के अंदर उनकी समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो पूरे राज्य की हेल्पर व वर्कर आंदोलन करने पर मजबूर होंगी। मांग पत्र देने वालों में सुरेश, सुनीता, कमलेश, मूर्ति, नीलम, सुरेश बेरी आदि शामिल रहीं।

पात्र अध्यापकों ने की नियुक्ति देने की मांग
लघु सचिवालय में नव चयनित जेबीटी अध्यापकों के एक प्रतिनिधि मंडल ने मुख्यमंत्री मनोहर लाल से मुलाकात की। उन्होंने मुख्यमंत्री को अपना मांगपत्र सौंपते हुए बताया कि कांग्रेस सरकार ने नवंबर 2012 में 9870 प्राथमिक अध्यापकों की भर्ती के लिए आवेदन मांगे थे।

उस भर्ती का नतीजा अगस्त 2014 को जारी हो चुका है। चुने गए पात्र अध्यापकों के नाम की सूचि भी जारी कर दी गई थी। मगर अभी तक उन्हें नियुक्ति नहीं मिली है। प्रतिनिधि मंडल में जिलाध्यक्ष नरेंद्र, विनोद वत्स, राकेश कुमार, बिजेंद्र, देवेंद्र, मुकेश, अजय आदि शामिल रहे।

आढ़तियों ने की ब्याज माफी की मांग
नई अनाज मंडी आढ़ती एसोसिशन ने भी सीएम मनोहरलाल से मुलाकात की। अनाज मंडी के आढ़तियों ने प्रधान हरेंद्र सिलाना की अगुवाई में अपना मांग पत्र मुख्यमंत्री को सौंपा।

आढ़तियों ने मांग की है कि अनाज मंडी में स्थित दुकानों के दुकानदार मूल दे चुके हैं और आमदनी कम होने से ब्याज देने में असमर्थ हैं। इसलिए उनका ब्याज माफ किया जाए तथा अनाज मंडी में धर्मकांटा लगवाया जाए।

मंडी परिसर में ही बैंक की शाखा खोली जाए और बिजली की पुराने स्थान से ही चालू की जाए तथा मंडी के शेड के साथ पाइप लगवाकर बरसाती पानी को सीवर में डलवाया जाए।

अधिग्रहीत जमीन की एवज में मांगी नौकरी
खानपुर कलां व खानपुर खुर्द के ग्रामीणों ने अधिग्रहीत जमीन की एवज में नौकरी देने के मामले में पिछली सरकार पर भेदभाव का आरोप लगाया।

किसान अशोक कुमार, बलजीत, महाबीर, संजय, सुखीराम, शिवकुमार व अत्तर सिंह ने कहा कि प्रभावित किसानों की जमीन खानपुर खुर्द स्थित महात्मा गांधी थर्मल पावर प्लांट और झाड़ली स्थित इंदिरा गांधी थर्मल पावर प्लांट के लिए भूमि अधिग्रहीत की थी।

सरकार की घोषणा अनुसार जिन किसानों की दो एकड़ से अधिक जमीन उक्त प्लांटों में जाएगी उनके परिवार के सदस्यों को नौकरी दी जानी थी। किसानों का आरोप है कि पिछली सरकार ने भेदभाव अपनाते हुए केवल 212 किसानों के परिवारों को ही नौकरी दी।


सीएम से की बंदरों से छुटकारा दिलाने की मांग

मुख्यमंत्री के पास लोग जहां अपनी जमीनी विवाद व नौकरियों की मांग को लेकर शिकायत करने पहुंच रहे थे, वहीं गांव सिलाना निवासी एक व्यक्ति गांव से बंदर पकड़वाने की मांग लेकर सीएम के पास पहुंच गया।

ब्रह्मानंद ने कहा कि बंदरों ने लोगों का जीना हराम कर रखा है। दिन-रात छतों पर मंडराते रहते हैं। कभी कोई सामान छीन कर भाग जाते हैं तो कभी किसी को काट लेते हैं। बंदरों का इतना खौफ है कि लोग अपने बच्चों को खेलने के लिए छत पर नहीं जाने देते हैं।

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