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Hindi News ›   Haryana ›   Jhajjar/Bahadurgarh News ›   Claims: government offices to cashless, some side Hkikt

दावा: सरकारी कार्यालयों को कैशलेस करने का, हकिकत कुछ ओर

Tue, 20 Dec 2016 11:32 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला झज्जर
ब्यूरो/अमर उजाला झज्जर Updated Tue, 20 Dec 2016 11:32 PM IST
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झज्जर। प्रदेश की खट्टर सरकार के द्वारा दिसंबर माह की शुरूआत में दावा किया गया था कि अब सभी सरकारी कार्यालय में जमा होने वाली फीस स्वाइप मशीनों से ही ली जाएगी।
महीने के 20 दिन बीत जाने के बाद मंगलवार को अमर उजाला की टीम ने सरकार के द्वारा किए गए दावे की हकीकत जानने के लिए सरकारी कार्यालयों का दौरा किया तो पाया कि हर जगह नगदी से ही शुल्क जमा करवाए जा रहे हैं। किसी भी कार्यालय में अभी तक स्वाइप मशीन नहीं पहुंची। कैश के संकट से जूझ रहे लोगों के लिए ऐसे हालात में सरकार की ओर से फिलहाल कोई राहत नहीं दी गई है। सरकार के कैशलेस अभियान को भी कहीं न कहीं सरकारी कार्यालयों में पीओएस मशीनें नहीं पहुंचने से झटका लग रहा है।
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428 मशीनों की है डिमांड
हर सरकारी कार्यालय को कैशलेस सिस्टम पर लाने की घोषणा के तुरंत बाद झज्जर के डीसी आरसी बिढाण ने सभी सरकारी विभागों के अधिकारियों की मीटिंग बुलाकर उनसे पीओएस मशीनों की डिमांड मांगी थी। दो दिन में ही ये डिमांड अधिकारियों के द्वारा उपलब्ध भी करवा दी गई थी। जिले के सरकारी विभागों द्वारा 428 पीओएस मशीनों की डिमांड की गई है। जिसे डीसी ने उच्च अधिकारियों को भेज दिया था।  
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ई दिशा में लगाए पेटीएम के नोटिस
प्रशासन के द्वारा पीओएस मशीन नहीं पहुंचने के चलते पेटीएम के नोटिस ई दिशा केंद्र में लगवा दिए गए। लेकिन खास बात यह है कि ई दिशा केंद्र में अभी तक किसी भी व्यक्ति ने पेटीएम से भुगतान नहीं किया है। ई दिशा केंद्र में तैनात कर्मचारियों के अनुसार लोगों में डर है कि कहीं भुगतान सरकारी कार्यालय के खाते तक ना पहुंचे, और उसका कार्य अधर में न लटक जाए। जिसके चलते लोग पेटीएम से भुगतान करने में परहेज कर रहे हैं।

रजिस्ट्री में प्रयोग हो रही हैं चैक बुक
रजिस्ट्री की सरकारी फीस जमा करवाने के दौरान लोगों के द्वारा अब चैक का सहारा लिया जा रहा है। नगदी संकट में चैक से पेमेंट करना उनके लिए काफी राहत भरा कदम है। वहीं छोटी राशि को लोग नगदी के तौर पर ही जमा करवा रहे हैं। वहीं इस दौरान खास बात यह भी देखने को मिली कि ई दिशा केंद्र में लगने वाली भीड़ भी अब कम हो गई है।

लोगों की जुबानी में संकट
1. झज्जर निवासी संदीप ने बताया कि वह रजिस्ट्री के लिए ई दिशा केंद्र में आया था। स्वाइप मशीन नहीं होने पर उसे रजिस्ट्री फीस चैक के मार्फत जमा करवाई है। पीओएस मशीन का होना काफी फायदेमंद रहता।

2. विक्रम ने बताया कि वह आरसी फीस जमा करवाने के लिए आया था लेकिन पीओएस मशीन नहीं होने के कारण वह जमा नहीं करवा पाया क्योंकि कैश उसके पास नहीं है। वहीं आरसी फीस पर उसको हर रोज जुर्माना लग रही है।

3. पेलपा निवासी अनोज ने बताया कि उसे शपथ पत्र पर फोटो लगवाने की फीस नगद ही चुकाई है। ई दिशा केंद्र पर अभी तक पीओएस मशीन की सुविधा नहीं है।

वर्जन
जिले भर के सरकारी कार्यालयों के लिए 428 मशीनों की डिमांड भेजी जा चुकी है। कुछ मशीनें अगले तीन से चार दिन में पहुंच जाएंगी। वहीं कुछ मशीनों के जल्द आने की संभावना है। लोगों की दिक्कत खत्म करने के लिए पूरे प्रयास किए जा रहे हैं।
- आरसी बिढाण, डीसी, झज्जर।
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