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कथा से बढ़ती है स्थान की पवित्रता : उपेंद्र
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सिद्ध बाबा प्रसाद गिरिजी मंदिर में श्रीमद्भागवत ज्ञान यज्ञ का शुभारंभ श्रीमहंत परमानंद गिरिजी महाराज के नेतृत्व में निकाली गई भव्य कलश यात्रा के साथ हुआ। शोभा यात्रा से पूर्व पंडित नरेंद्र शर्मा ने पूरे विधि-विधान से हवन यज्ञ करवा करवाया। इस दौरान सैकड़ों सौभाग्यशाली महिलाओं द्वारा निकाली गई कलश यात्रा मंदिर परिसर से आरंभ होकर शहर के विभिन्न स्थानों से होती हुई वापस मंदिर पहुंची।
दोपहर बाद आरंभ हुई श्रीमद्भागवत कथा में कथा वाचक भागवतचार्य उपेंद्र कृष्ण ने श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन जिस स्थान पर होता है वहां भगवान स्वयं किसी न किसी रूप में मौजूद रहते है। उन्होंने कहा कि मान्यता है कि उस स्थान की पवित्रता भी बढ़ जाती है, जहां कथा का आयोजन किया जाता है। भागवतचार्य ने कहा कि कहा जाता है कि श्रीमद्भागवत कथा सुनना व सुनाना बड़े भाग्य की बात कही जाती है। उन्होंने कहा कि धार्मिक आयोजन जहां हमारी प्राचीन संस्कृति को जीवित रखने में सहायक होते है, वहीं धार्मिक आयोजनों से मन में आए बुरे विचार भी दूर होते है। भागवतचार्य उपेंद्र कृष्ण ने कहा कि आज की भाग दौड़ भरी जिंदगी में अगर हमने तनाव से छुटकारा पाना है तो हमें धार्मिक आयोजनों का सहारा लेना ही होगा। श्रीमद्भागवत कथा के बीच-बीच में भागवतचार्य ने मधुर भजनों का भी रसापान करवाया। मधुर भजनों पर श्रद्धालु झूमते नजर आए। इस मौके पर काफी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।
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दोपहर बाद आरंभ हुई श्रीमद्भागवत कथा में कथा वाचक भागवतचार्य उपेंद्र कृष्ण ने श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन जिस स्थान पर होता है वहां भगवान स्वयं किसी न किसी रूप में मौजूद रहते है। उन्होंने कहा कि मान्यता है कि उस स्थान की पवित्रता भी बढ़ जाती है, जहां कथा का आयोजन किया जाता है। भागवतचार्य ने कहा कि कहा जाता है कि श्रीमद्भागवत कथा सुनना व सुनाना बड़े भाग्य की बात कही जाती है। उन्होंने कहा कि धार्मिक आयोजन जहां हमारी प्राचीन संस्कृति को जीवित रखने में सहायक होते है, वहीं धार्मिक आयोजनों से मन में आए बुरे विचार भी दूर होते है। भागवतचार्य उपेंद्र कृष्ण ने कहा कि आज की भाग दौड़ भरी जिंदगी में अगर हमने तनाव से छुटकारा पाना है तो हमें धार्मिक आयोजनों का सहारा लेना ही होगा। श्रीमद्भागवत कथा के बीच-बीच में भागवतचार्य ने मधुर भजनों का भी रसापान करवाया। मधुर भजनों पर श्रद्धालु झूमते नजर आए। इस मौके पर काफी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।
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