फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Jhajjar/Bahadurgarh News ›   civic issuse

ढाई लाख में से सिर्फ 9 हजार पशुओं का हुआ बीमा

Mon, 12 Aug 2019 01:54 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Mon, 12 Aug 2019 01:54 AM IST
विज्ञापन
civic issuse
पशुधन को सुरक्षित रखने के लिए सरकार की तरफ से चलाई जा रही पशुधन बीमा योजना के प्रति पशु पालक रुचि नहीं दिखा रहे हैं। जिले में करीब ढाई लाख पशु हैं। लेकिन पशु बीमा को देखा जाए तो जिले में फरवरी से अब तक मात्र नौ हजार पशुओं का बीमा करवाया गया है। जबकि सरकार की तरफ से पशुधन बीमा के लिए नाम मात्र की राशि निर्धारित की हुई है। बड़े पशु के लिए 100 रुपये और छोटे पशु के लिए 25 रुपये निर्धारित किया हुआ है। जबकि पशु पालन विभाग व सरकार की तरफ से जिला में पशुधन बीमा योजना के बारे में पशु पालकों को समय-समय पर जागरूक भी किया जाता है। प्रदेश सरकार की तरफ से राज्य स्तरीय पशुधन प्रदर्शनी का आयोजन भी झज्जर में किया जा चुका है। उसमें भी पशुपालकों को जागरूक किया जाता है। लेकिन पशु पालक नाम मात्र की राशि अदा कर पशुओं का बीमा नहीं करवा रहे हैं। पशु बीमा योजना के तहत पशुपालकों के पशु की किसी कारणवश मौत हो जाती है तो उसके बीमें की राशि पशु पालक को मिल जाती है।
विज्ञापन

दुधारू पशुओं का किया जाता है बीमा
पशुपालन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि विभाग की ओर से पशुपालकों के दुधारू पशुओं का बीमा किया जाता है। जिले में पशुओं की गणना का कार्य पूरा हो चुका है, लेकिन गणना के मुताबिक दुधारू पशुओं के आंकड़े फिलहाल पशुपालन विभाग ने अलग नहीं किए हैं। जबकि कुल को देखा जाए तो करीब 2 लाख 58 हजार 514 है। इनमें 59 हजार गाय, 1 लाख 80 हजार 400 भैंस, 9300 भेड़, 7800 बकरी, 12000 सुअर हैं। जबकि पशु बीमा योजना के तहत गाय, भैंस, बकरी और भेड़ का बीमा किया जाता है।
विज्ञापन

किसी भी पशु अस्पताल से करवा सकते हैं बीमा
पशुपालक किसी भी पशु अस्पताल में जाकर पशु चिकित्सक के पास अपने पशु का बीमा करवा सकते हैं। विभाग के नियमानुसार एक पशु पालक पांच पशुओं का बीमा करवा सकता है। पांच से अधिक पशुओं का बीमा एक पशुपालक का नहीं किया जाता। पशु पालक को सरकार की तरफ से निर्धारित की गई राशि जमा करवा कर पशु बीमा का फार्म भरना होता है। उसके बाद पशु पालन विभाग की तरफ से पशुओं का बीमा किया जाता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

जिले का कोई भी पशुपालक अपने दुधारू पशुओं का बीमा करवा सकता है। जो पशु पालक बीमा करवाने के लिए आ रहे हैं, उन पशुपालकों के पशुओं का बीमा किया जा रहा है।
डॉ. मनीष डबास, डीडीए, पशुपालन विभाग, झज्जर।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed