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Jhajjar-Bahadurgarh News: विदेशी मुद्रा की प्रदर्शनी में बच्चों ने बढ़ाई जानकारी
Sat, 18 May 2024 05:19 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़
Updated Sat, 18 May 2024 05:19 AM IST
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बहादुरगढ़। डाबोदा खुर्द के शहीद नरेश कुमार राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में शुक्रवार को विदेशी मुद्राओं की एक प्रदर्शनी लगाई गई। इसमें बच्चों के लिए नजदीक के कई देशों की मुद्राएं एक साथ देखना अनूठा अनुभव रहा।
मुख्य वक्ता गुरचरण सिंह ने बच्चों को विदेशी मुद्रा की भारतीय रुपये से तुलना करते हुए कई जानकारियां दी। उन्होंने भारतीय मुद्रा का विकास और अंतरराष्ट्रीय समुदाय में व्यापार कैसे होता है आदि विषयों पर अपने विचार सांझा किए। प्रदर्शनी में बच्चे 40 से अधिक देशों की मुद्रा एक साथ देखकर अचंभित हुए। गुरचरण सिंह ने कहा कि शिक्षा केवल किताबों तक नहीं, व्यवहार में भी होनी चाहिए। उन्होंने बताया कि वे अब तक 34 देशों की यात्रा कर चुके हैं और इस दौरान इन मुद्राओं का संकलन किया है। प्रदर्शनी में विद्यालय के बच्चों को संयुक्त राज्य अमेरिका के डॉलर, सऊदी अरब के सऊदी अरेबियन रियाल, चाइना की चाइनीज युआन, आस्ट्रेलिया की आस्ट्रेलियन डॉलर, कजाखिस्तान की तेंगे, थाईलैण्ड का थाई भाट, मलेशिया की मलेशियन रिंगिट, ओमान की ओमानी रियाल, कतर की कतरी रियाल, यूनाइटेड किंगडम (इंग्लैण्ड) की ग्रेट ब्रिटेन पौंड और पाउंड स्टर्लिंग, संयुक्त अरब अमीरात की यूएई दिरहम, स्वीडन की स्वीडिश क्रोनोर, सिंगापुर की सिंगापुर डॉलर, कुवैत की कुवैती दीनार, मॉरीशस का मॉरीशियाई रुपया, पोलैण्ड का पॉलिश ज्लॉटी, यूरोपियन देशों में चलने वाला यूरो, भूटान का भूटानी नगुल्ट्रम व नेपाल का नेपाली रुपया सहित अन्य कई देशों के नोट व सिक्के दिखाए गए। इस दौरान स्कूल स्टाफ रेणु, परवीन, मीनू, प्रमिला, प्रतीक आदि मौजूद रहे। कार्यक्रम के अंत में स्कूल प्रिंसिपल रामवीर शर्मा ने वक्ता गुरचरण सिंह का धन्यवाद किया।
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मुख्य वक्ता गुरचरण सिंह ने बच्चों को विदेशी मुद्रा की भारतीय रुपये से तुलना करते हुए कई जानकारियां दी। उन्होंने भारतीय मुद्रा का विकास और अंतरराष्ट्रीय समुदाय में व्यापार कैसे होता है आदि विषयों पर अपने विचार सांझा किए। प्रदर्शनी में बच्चे 40 से अधिक देशों की मुद्रा एक साथ देखकर अचंभित हुए। गुरचरण सिंह ने कहा कि शिक्षा केवल किताबों तक नहीं, व्यवहार में भी होनी चाहिए। उन्होंने बताया कि वे अब तक 34 देशों की यात्रा कर चुके हैं और इस दौरान इन मुद्राओं का संकलन किया है। प्रदर्शनी में विद्यालय के बच्चों को संयुक्त राज्य अमेरिका के डॉलर, सऊदी अरब के सऊदी अरेबियन रियाल, चाइना की चाइनीज युआन, आस्ट्रेलिया की आस्ट्रेलियन डॉलर, कजाखिस्तान की तेंगे, थाईलैण्ड का थाई भाट, मलेशिया की मलेशियन रिंगिट, ओमान की ओमानी रियाल, कतर की कतरी रियाल, यूनाइटेड किंगडम (इंग्लैण्ड) की ग्रेट ब्रिटेन पौंड और पाउंड स्टर्लिंग, संयुक्त अरब अमीरात की यूएई दिरहम, स्वीडन की स्वीडिश क्रोनोर, सिंगापुर की सिंगापुर डॉलर, कुवैत की कुवैती दीनार, मॉरीशस का मॉरीशियाई रुपया, पोलैण्ड का पॉलिश ज्लॉटी, यूरोपियन देशों में चलने वाला यूरो, भूटान का भूटानी नगुल्ट्रम व नेपाल का नेपाली रुपया सहित अन्य कई देशों के नोट व सिक्के दिखाए गए। इस दौरान स्कूल स्टाफ रेणु, परवीन, मीनू, प्रमिला, प्रतीक आदि मौजूद रहे। कार्यक्रम के अंत में स्कूल प्रिंसिपल रामवीर शर्मा ने वक्ता गुरचरण सिंह का धन्यवाद किया।
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