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Jhajjar-Bahadurgarh News: गुप्त नवरात्र की अष्टमी पर मां भीमेश्वरी देवी मंदिर में गूंजे जयकारे
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21jjrp06- बेरी के भीमेश्वरी देवी मंदिर में माता के दर्शन करते श्रद्धालु। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
बेरी। आषाढ़ माह के गुप्त नवरात्र के अष्टमी के दिन बेरी स्थित मां भीमेश्वरी मंदिर में भक्तों की भीड़ जुटी। मंदिर में अलसुबह से श्रद्धालुओं की लंबी कतार लगनी शुरू हो गई थी।
अष्टमी के दिन भक्तजन पूजा-अर्चना के लिए यहां आते हैं। अष्टमी के मौके पर परंपरानुसार भक्तों ने पवित्र सरोवर से मिट्टी निकालकर स्नान करके अपने परिवार की मंगल कामना की। अलसुबह करीब पांच बजे मां भीमेश्वरी की प्रतिमा को भीतर वाले भवन से बाहर वाले भवन लाया गया, जहां वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच मां का स्नान हुआ और भक्तों ने मंगला आरती की। मां भीमेश्वरी के दर्शनों का यह सिलसिला देर शाम तक जारी रहा। नवविवाहित जोड़ों ने गठजोड़े की जात लगाकर और नवजात बच्चों के बाल उतरवाकर भक्तों ने पूजा की।
नवविवाहित जोड़ों ने गठजोड़े की जात, बच्चों के बाल उतरवाकर भक्तों ने पूजा अर्चना की। वहीं महिलाओं ने मां के मंदिर में पीपल के पेड़ पर धागा बांधकर मन्नत मांगी। मां के दरबार में अष्टमी की भीड़ को देखते हुए पुलिस कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई हुई थी। मंदिर के पुजारी कुलदीप वशिष्ठ का कहना है कि हर माह अष्टमी के दिन मां के दरबार में भक्त दर्शन करने के लिए आते हैं।
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बेरी। आषाढ़ माह के गुप्त नवरात्र के अष्टमी के दिन बेरी स्थित मां भीमेश्वरी मंदिर में भक्तों की भीड़ जुटी। मंदिर में अलसुबह से श्रद्धालुओं की लंबी कतार लगनी शुरू हो गई थी।
अष्टमी के दिन भक्तजन पूजा-अर्चना के लिए यहां आते हैं। अष्टमी के मौके पर परंपरानुसार भक्तों ने पवित्र सरोवर से मिट्टी निकालकर स्नान करके अपने परिवार की मंगल कामना की। अलसुबह करीब पांच बजे मां भीमेश्वरी की प्रतिमा को भीतर वाले भवन से बाहर वाले भवन लाया गया, जहां वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच मां का स्नान हुआ और भक्तों ने मंगला आरती की। मां भीमेश्वरी के दर्शनों का यह सिलसिला देर शाम तक जारी रहा। नवविवाहित जोड़ों ने गठजोड़े की जात लगाकर और नवजात बच्चों के बाल उतरवाकर भक्तों ने पूजा की।
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नवविवाहित जोड़ों ने गठजोड़े की जात, बच्चों के बाल उतरवाकर भक्तों ने पूजा अर्चना की। वहीं महिलाओं ने मां के मंदिर में पीपल के पेड़ पर धागा बांधकर मन्नत मांगी। मां के दरबार में अष्टमी की भीड़ को देखते हुए पुलिस कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई हुई थी। मंदिर के पुजारी कुलदीप वशिष्ठ का कहना है कि हर माह अष्टमी के दिन मां के दरबार में भक्त दर्शन करने के लिए आते हैं।
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