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Jhajjar-Bahadurgarh News: शुरू हुए ईंट भट्ठे, दाम घटने की उम्मीद

Mon, 02 Mar 2026 02:03 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़ Updated Mon, 02 Mar 2026 02:03 AM IST
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Brick kilns reopen, prices expected to fall
फोटो 71: ईंट भट्ठा पर कार्य करते श्रमिक। संवाद
बादली। ईंट-भट्ठों का संचालन शुरू हो गया है। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) के आदेशानुसार ईंट-भट्ठों का संचालन वर्ष में चार माह के लिए ही किया जाता है। इसकी अवधि 1 मार्च से 30 जून तक है। अनुमान लगाया जा रहा है कि भट्ठे चालू होने से ईंटों के दाम घट सकते हैं।
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वर्तमान में कुछ स्थानों पर ईंटों के दाम 6500 से 6800 रुपये प्रति हजार तक वसूले जा रहे हैं। अब संचालन शुरू होने के बाद करीब 25 मार्च तक नई ईंटें बाजार में आनी शुरू हो जाएंगी। एक खेप तैयार होने में लगभग 20 से 25 दिन का समय लगता है।
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ऐसे में ईंटों के दामों में प्रति हजार करीब एक हजार रुपये तक की कमी आने की संभावना है। इससे भवन निर्माण कार्य कराने वाले लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है।
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भट्ठा मालिकों ने फरवरी के प्रारंभ में ही कच्ची ईंटें तैयार कर ली थीं। संचालन शुरू होने से पहले कच्ची ईंटों को धूप में सुखाया जाता है। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल द्वारा एनसीआर में ईंट भट्ठों के संचालन को सीमित करने का मुख्य कारण वायु प्रदूषण को नियंत्रित करना है।
दिल्ली सीमा से लगते बादली, बहादुरगढ़ सहित जिले में करीब 225 ईंट-भट्ठे हैं। इनको एनसीआर में होने के कारण एनजीटी के आदेश के अनुसार जुलाई माह में बंद किया गया।

दिल्ली और गुरुग्राम में होती हैं ईंट सप्लाई
क्षेत्र के भट्ठों से करीब एक हजार ट्रक से रोजाना दिल्ली और नोएडा में ईंट सप्लाई होती है। एक ट्रक में चार से छह हजार ईंट जाती हैं और इस तरह से करीब 60 लाख ईंटें रोजाना सप्लाई होती हैं। ईंटों का स्टॉक खत्म होने से पिछले एक महीने से यह सप्लाई भी प्रभावित हो रही है।

मनोज गुलिया, ईंट सप्लायर।

शुभ मूहर्त
स्वयं का मकान हो, यह हर व्यक्ति की चाह होती है। कुछ दिनों बाद नवरात्र शुरू होंगे जिसमें नए कार्यों का शुभारंभ किया जाता है। भवन निर्माण के कार्य भी शुरू करने का उत्तम समय हैं। वैसे भी चैत्र माह में भवन निर्माण कार्य शुरू करने से तनाव, रोग, पराजय दूर होती हैं और आर्थिक लाभ होता है।
अमिताचार्य, गुभाना, वास्तुशास्त्री।
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