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ब्लैक फंगस ने ली युवा महिला की जान

Mon, 17 May 2021 12:58 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Mon, 17 May 2021 12:58 AM IST
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Black fungus killed young woman
बहादुरगढ़। कोरोना संक्रिमतों को होने वाला ब्लैक फंगस लोगों के लिए जानलेवा साबित हो रहा है। इलाज में लाखों रुपये खर्च होने के बावजूद शहर निवासी एक युवा महिला की ब्लैक फंगस ने जान ले ली। चिकित्सक ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।
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बिहार मूल के एक व्यक्ति शहर की कॉलोनी धर्म विहार में रहते हैं। वह एक प्राइवेट कंपनी में काम करते हैं। उनकी करीब 35 वर्षीय पत्नी को महीनेभर पहले कोरोना के लक्षण नजर आने लगे। जांच करवाई तो कोरोना की पुष्टि हुई। आइसोलेशन में इलाज से कोरोना ठीक हो गया, लेकिन ब्लैक फंगस के लक्षण सामने आए। एक आंख पर सूजन आ गई। मरीज को चेहरा भारी सा महसूस होने लगा।
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महिला के पति ने बताया कि रोहतक के एक निजी अस्पताल में भर्ती करवा दिया। चिकित्सकों ने आपरेशन कर मरीज की आंखें तक निकाल दीं, लेकिन इंफेक्शन अधिक फैल चुका था। इसके कारण गत वीरवार को उनकी मौत हो गई। रोहतक में ही उनका अंतिम संस्कार किया गया।
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पीड़ित परिवार के नजदीकी एन कुमार ने बताया कि महिला शुगर की मरीज थी। उनका ब्लड प्रेशर भी ठीक नहीं रहता था। मृतका का एक बेटा शहर के एक निजी स्कूल में तीसरी कक्षा में पढ़ता है। कुमार ने कहा कि बिहार मूल के इस परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। लाखों रुपये इलाज पर खर्च हो गए हो गए महिला की जान भी नहीं बची। ब्रह्मशक्ति संजीवनी अस्पताल के निदेशक डॉ. मनीष शर्मा ने बताया कि उनके अस्पताल में तीन-चार संक्रमित मरीजों में ब्लैक फंगस के लक्षण सामने आ चुके हैं।

कोरोना संक्रमण के इलाज में भी बहुत सतर्कता बरतनी चाहिए। कोशिश होनी चाहिए कि संक्रमित व्यक्ति का शुगर लेवल हर हाल में सामान्य रहे। अगर लेनी जरूरी है तो ऑक्सीजन भी चिकित्सकों की देखरेख में ही लेनी चाहिए। जरूरी न हो तो ऑक्सीजन लेना बंद करना उचित रहेगा। अत्यधिक ऑक्सीजन देने से साइनस में फंगस बन जाता है। ये बढ़ जाए तो मष्तिष्क में घुस जाता है और मरीज की मौत तक हो जाती है। संक्रमण के दौरान और संक्रमण मुक्त होने के बाद भी सतर्कता बेहद जरूरी है। चेहरे, आंखों, जबड़े, नाक या होठों पर जरा भी असामान्य महसूस हो तो तुरंत चिकित्सक को दिखाना चाहिए।
-डॉ. मधुकर, फिजिशियन कम न्यूरोलाजिस्ट
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