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Hindi News ›   Haryana ›   Jhajjar/Bahadurgarh News ›   Become a centurion's son Army Chief of Army

एक सूबेदार का बेटा बनेगा सेना का आर्मी चीफ

Thu, 31 Jul 2014 12:31 AM IST
jhjhar
jhjhar Updated Thu, 31 Jul 2014 12:31 AM IST
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देश के खाते में बृहस्पतिवार को एक और गौरवशाली पल जुड़ जाएगा, जब एक सूबेदार का बेटा देश की थल सेना की जिम्मेदारी संभालेगा। झज्जर के गांव बिसान के दलबीर सिंह सुहाग 31 जुलाई को भारतीय सेना के 26वें सेना प्रमुख होंगे। भोज्याण ठोला से संबंध रखने वाले सुहाग के घर पर बुधवार को ताला लगा हुआ था क्योंकि उनके माता-पिता छोटे बेटे कर्नल धर्मबीर सुहाग के साथ दिल्ली में होने वाले समारोह के लिए रवाना हो चुके हैं।
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सुहाग ने अदम्य साहस दिखाया है आपरेशनों में
हुक्के की गुड़गुड़हाट पर गांव के लोगों के साथ चर्चा कर रहे सुहाग के चाचा सेवानिवृृत्त नायब सूबेदार बिजेंद्र सिंह ने 1987 में श्रीलंका में चले पवन अभियान के दौरान का एक संस्मरण सुनाते हुए बताया कि दलबीर सुहाग उसमें बतौर कंपनी कमांडर की हैसियत से शामिल थे। तीन वर्ष तक चले अभियान में लिट्टे पूरी तरह बौखला गया था। बकौल बिजेंद्र संकटग्रस्त क्षेत्रों में सुहाग को लेकर हर जगह पोस्टर चिपका दिए गए थे कि उन्हें भारत जिंदा वापिस लौटने नहीं जाने दिया जाएगा। उन पर हमले भी हुए। आतंकियों से घिरने पर उन्होंने बहादुरी दिखाते हुए सभी 6 आतंकियों को अकेले ही मार गिराया। श्रीलंका सरकार ने भी उनकी उपलब्धि पर उन्हें सेना मेडल के अलावा विशिष्ट सेना मेडल से भी नवाजा था। जनरल सुहाग जुलाई 2003 से मार्च 2005 में कश्मीर घाटी में कार्रवाई करने वाली 53 इंफेंट्री ब्रिगेड की कमान संभाली चुके हैं। अक्टूबर 2007 से दिसंबर 2008 तक 8 माउंटेन डिवीजन के कमांडर भी रहे। लेफ्टिनेंट जनरल दलबीर सिंह सुहाग ने चित्तौडगढ़ के सैनिक स्कूल से शिक्षा हासिल की और 1970 में राष्ट्रीय रक्षा अकादमी में शामिल हुए।
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उन्होंने जून 1974 में 4.5 गोरखा रायफल्स में सेना में कमीशन प्राप्त किया। सेना उप प्रमुख बनने से पहले लेफ्टिनेंट जनरल दलबीर सिंह सुहाग 3 कोर में चीन की साथ लगी सीमा पर ऑपरेशनल जिम्मेदारियां संभाल चुके हैं और इसके बाद वह 16 जून 2012 में पूर्वी कमान के प्रमुख बनाए गए। वह 31 दिसंबर 2013 तक पूर्वी कमान के प्रमुख रहे और इसके बाद उन्हें सेना उप प्रमुख बने। दलबीर सिंह सुहाग ने आर्मी स्कूल आफ मेकेनिकल ट्रांसपोर्ट (बंगलूरू) और भारतीय सैन्य अकेडमी (देहरादून) में इंस्ट्रक्टर रह चुके हैं। वह 5 गोरखा रायफल्स के कर्नल कमांडेंट 19 अप्रैल 2011 से नियुक्त किए गए हैं और एक जनवरी 2014 को उन्हें प्रेसीडेंट गोरखा ब्रिगेड बनाया गया।
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