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आंदोलनकारियों को सब्जी उगाने के लिए बालौर के किसान ने दी जमीन

Tue, 06 Apr 2021 01:10 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Tue, 06 Apr 2021 01:10 AM IST
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Balaur farmer gave land to farmers to grow vegetables
बहादुरगढ़। दिल्ली-हरियाणा को जोड़ने वाले टीकरी बॉर्डर पर किसानों का आंदोलन सवा चार माह से अधिक समय से जारी है। टीकरी बॉर्डर पर मिट्टी से शहीद स्मारक बनाया। आजादी से लेकर आज तक के आंदोलन के दौरान जितने भी किसान मरे हैं, उन्हें एक लड़ी में पिरोया जाएगा। जिन किसानों ने शहादत दी है उनकी कुर्बानी को याद भी किया जा रहा है। इस मौके पश्चिम बंगाल के कलाकारों ने आकर मृतक किसानों की मिट्टी से प्रतिमा बनाई है। सभी बार्डरों पर कृषि का चिह्न और आंदोलन का निशान रखने के लिए ये स्मारक बनाए गए हैं।
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टीकरी बॉर्डर के धरनास्थल पर हजारों की संख्या में सोमवार को पंजाब व हरियाणा के किसान धरने पर बैठे रहे। लोगों के सहयोग से उनके खाने-पीने के लिए लंगर की व्यवस्था की जा रही है। सर्दी के मौसम में सब्जियों की भरमार थी, लेकिन जैसे ही गर्मी शुरू हुई वैसे हो दूध व सब्जियों की दिक्कत होने लगी। वहीं एक स्थानीय किसान ने धरने पर बैठे किसानों के लिए अपनी जमीन सब्जियों उगाने के लिए दी है। पंजाब से आए किसानों ने उसके खेत की जुताई कर सब्जियां उगाने की तैयारी कर दी है। खेत मे उगने वाली सब्जियों को किसानों को निशुल्क में ही दी जाएगी। धरने पर पंजाब के अमृतसर से आए किसान शमशेर सिंह ने बताया कि हमें धरने पर बैठे चार महीने से ज्यादा का समय हो गया है। हजारों की सं या में पंजाब से किसान धरने पर बैठे हुए है। हरियाणा के किसानों ने पंजाब से आए किसानों की खूब सेवा की है। उन्होंने फ्री दूध, खाने पीने के लंगर से सेवा की है। हमारा पंजाब-हरियाणा का भाईचारा मजबूत हुआ है। सर्दी के समय मे सब्जियों की कमी नहीं थी, लेकिन गर्मी के मौसम में सब्जियों की कमी शुरू हो गई।
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बालौर गांव के एक किसान ने अपने खेत धरने पर बैठे किसानों के लिए सब्जी उगाने के लिए दे दी है। केंद्र सरकार के तीन कृषि कानूनों के विरोध में हम बैठे हुए हैं। वहीं किसान नारायण सिंह ने कहा कि मेरे खेत पंजाब से आए किसानों के धरने के पास ही है। पहले में इनके पास आने से डरता था मगर धीरे-धीरे जान पहचान हुई।
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