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लगातार 14 घंटे जमकर बरसे बदरा, नगर परिषद के प्रबंधों की खुली पोल
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नागरिक अस्पताल परिसर में भरा बारिश का पानी।
- फोटो : Bahadurgarh
शहर में रविवार की रात को शुरू हुई बारिश सोमवार शाम तक जारी रही। रविवार रात तीन बजे से सोमवार शाम पांच बजे तक लगभग 253 मिलीमीटर बारिश हुई। बहादुरगढ़ में रविवार सुबह से सोमवार शाम 5 बजे तक करीब 325 एमएम बारिश दर्ज की गई। जिला प्रशासन जारी आंकड़ों के मुताबिक सोमवार सुबह 8 बजे से शाम 5 बजे तक बहादुरगढ़ में 195 एमएम बारिश दर्ज की गई। वहीं, मौसम विभाग की वेबसाइट पर दर्ज आंकड़ों के मुताबिक रविवार सुबह 8:30 बजे से मंगलवार सुबह 8:30 बजे तक 24 घंटों के दौरान बहादुरगढ़ में करीब 130 एमएम बारिश हुई।
पिछले दो दिनों से हो रही बारिश से मौसम खुशगवार हो गया, लेकिन ढाई लाख आबादी वाले शहर में जल भराव की समस्या हो गई। बारिश के कारण शहर के लगभग सभी वार्डों की गलियां व सड़कें पूरी तरह से जलमग्न दिखाई दी। नागरिक अस्पताल, बस अड्डा व सिटी थाना समेत कई संस्थानों के परिसर में पानी भर गया। मानसून की पहली ही बारिश ने जलनिकासी के दावों पर प्रशासन को आइना दिखा दिया। ड्रेनेज व्यवस्था फेल होने से पानी काफी घरों में भी भर गया।
बता दें कि पिछले कई दिनों से इंद्र देवता से बारिश किए जाने की प्रार्थना कर रहे थे। पिछले तीन दिनों से उमस भरी गर्मी भी थी। इसके कारण लोगों का जीना बेहाल हो रहा था। पसीने से लोग तर-बतर हो रहे थे, लेकिन रविवार-सोमवार की रात को करीब अढ़ाई बजे बारिश होने का सिलसिला शुरू हुआ और कुछ ही देर में तेज बारिश होने लगी। बारिश का यह दौर 1-2 घंटे तक नहीं चला बल्कि रविवार-सोमवार की रात करीब डेढ़ बजे शुरू शुरू होकर सोमवार की शाम 5 बजे तक क्षेत्र में लगभग 253 एमएम बारिश हुई।
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बताया गया है कि सोमवार की अलसुबह से लेकर सुबह के ही आठ बजे तक 128 एमएम बारिश बहादुरगढ़ क्षेत्र में दर्ज की गई थी। इसके बाद भी बारिश का दौर लगातार जारी रहा और करीब 4 बजे तक लगभग 70 एमएम बारिश हो चुकी थी। ऐसे में करीब 253 एमएम बारिश में ही शहर की सूरत ऐसी हो गई थी कि शहर के लगभग 31 वार्डों में से स्थिति यह हो गई थी कि हर गली व सड़क पानी से लबालब नजर आई। पानी निकासी की सही से व्यवस्था नहीं होने के कारण हालात काफी बदतर नजर आए।
कई-कई फुट तक भरा पानी
मानसून की दूसरी बारिश में ही शहर पूरी तरह से जलमग्न हो गया। शहर में 60 से अधिक छोटी-बड़ी सड़कें व गलियां पानी में डूब गई थी व अनेक घरों और दुकानों तक में भी पानी घुस गया। कई मकानों में बारिश के चलते टपका भी आ गया। शहर के झज्जर रोड, सेक्टर-6, सैनीपुरा, दयानंद नगर, अग्रवाल कालोनी, महावीर पार्क, धर्मपुरा, लाइनपार, नागरिक अस्पताल, पुराना बस स्टैंड, कृषि विभाग कार्यालय परिसर, पुराना व नया औद्योगिक क्षेत्र, सब्जी मंडी समेत अन्य हिस्सों में 2 से 5 फुट तक जलभराव हो गया। कई सड़कों पर पानी भरने व उनके धंसे से यातायात भी प्रभावित नजर आया। शहर में अति व्यस्त सड़कों के किनारे सीवर पाइप लाइन बिछाने का काम किया गया था और उसके बाद ठीक से भराई नहीं की गई। बारिश के दिनों में यह गड्ढे नहीं बल्कि जानलेवा गड्ढे बने हुए हैं, सड़क पर बारिश का पानी भरने से हाईवे पर वाहनों की रफ्तार बेहद धीमी रही। कई स्थानों पर तो शाम तक भी जलभराव का स्तर इतना ज्यादा है कि लोगों को घुटनों से ऊपर तक पानी में चलकर जाना पड़ रहा है। दिनभर रुक-रुककर लगातार बारिश होती रही। जिसका सीधा असर यातायात पर भी पड़ रहा है। बारिश की वजह से दिन भर हाईवे पर वाहनों का जाम लगा रहा।
डूबा रहा नागरिक अस्पताल परिसर
नागरिक अस्पताल में बारिश का पानी लबालब भरा रहा। अस्पताल की इमरजेंसी से लेकर ओपीडी परिसर तक सड़कों पर 2 से 3 फुट तक पानी ही पानी नजर आया। अनेक मरीजों को यहां इलाज करवाने के लिए पानी के बीच से होकर अस्पताल तक पहुंचना पड़ा। अस्पताल में कार्यरत स्वास्थ्य कर्मचारियों से लेकर डाक्टर तक तो पानी के बीच से होकर निकलना पड़ा। ड्रेनेज सिस्टम यहां पूरी तरह से फेल होने से अस्पताल तालाब की तरह मानसून की दूसरी बारिश में नजर आया। इलाज के लिए आने वाले कई मरीजों व उनके तीमारदारों के दुपहिया से लेकर कार तक भी पानी में डूब गए। कुछ के वाहन खराब हो गए। अस्पताल स्टाफ को भी इसी तरह की परेशानी झेलनी पड़ी।
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पिछले दो दिनों से हो रही बारिश से मौसम खुशगवार हो गया, लेकिन ढाई लाख आबादी वाले शहर में जल भराव की समस्या हो गई। बारिश के कारण शहर के लगभग सभी वार्डों की गलियां व सड़कें पूरी तरह से जलमग्न दिखाई दी। नागरिक अस्पताल, बस अड्डा व सिटी थाना समेत कई संस्थानों के परिसर में पानी भर गया। मानसून की पहली ही बारिश ने जलनिकासी के दावों पर प्रशासन को आइना दिखा दिया। ड्रेनेज व्यवस्था फेल होने से पानी काफी घरों में भी भर गया।
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बता दें कि पिछले कई दिनों से इंद्र देवता से बारिश किए जाने की प्रार्थना कर रहे थे। पिछले तीन दिनों से उमस भरी गर्मी भी थी। इसके कारण लोगों का जीना बेहाल हो रहा था। पसीने से लोग तर-बतर हो रहे थे, लेकिन रविवार-सोमवार की रात को करीब अढ़ाई बजे बारिश होने का सिलसिला शुरू हुआ और कुछ ही देर में तेज बारिश होने लगी। बारिश का यह दौर 1-2 घंटे तक नहीं चला बल्कि रविवार-सोमवार की रात करीब डेढ़ बजे शुरू शुरू होकर सोमवार की शाम 5 बजे तक क्षेत्र में लगभग 253 एमएम बारिश हुई।
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बताया गया है कि सोमवार की अलसुबह से लेकर सुबह के ही आठ बजे तक 128 एमएम बारिश बहादुरगढ़ क्षेत्र में दर्ज की गई थी। इसके बाद भी बारिश का दौर लगातार जारी रहा और करीब 4 बजे तक लगभग 70 एमएम बारिश हो चुकी थी। ऐसे में करीब 253 एमएम बारिश में ही शहर की सूरत ऐसी हो गई थी कि शहर के लगभग 31 वार्डों में से स्थिति यह हो गई थी कि हर गली व सड़क पानी से लबालब नजर आई। पानी निकासी की सही से व्यवस्था नहीं होने के कारण हालात काफी बदतर नजर आए।
कई-कई फुट तक भरा पानी
मानसून की दूसरी बारिश में ही शहर पूरी तरह से जलमग्न हो गया। शहर में 60 से अधिक छोटी-बड़ी सड़कें व गलियां पानी में डूब गई थी व अनेक घरों और दुकानों तक में भी पानी घुस गया। कई मकानों में बारिश के चलते टपका भी आ गया। शहर के झज्जर रोड, सेक्टर-6, सैनीपुरा, दयानंद नगर, अग्रवाल कालोनी, महावीर पार्क, धर्मपुरा, लाइनपार, नागरिक अस्पताल, पुराना बस स्टैंड, कृषि विभाग कार्यालय परिसर, पुराना व नया औद्योगिक क्षेत्र, सब्जी मंडी समेत अन्य हिस्सों में 2 से 5 फुट तक जलभराव हो गया। कई सड़कों पर पानी भरने व उनके धंसे से यातायात भी प्रभावित नजर आया। शहर में अति व्यस्त सड़कों के किनारे सीवर पाइप लाइन बिछाने का काम किया गया था और उसके बाद ठीक से भराई नहीं की गई। बारिश के दिनों में यह गड्ढे नहीं बल्कि जानलेवा गड्ढे बने हुए हैं, सड़क पर बारिश का पानी भरने से हाईवे पर वाहनों की रफ्तार बेहद धीमी रही। कई स्थानों पर तो शाम तक भी जलभराव का स्तर इतना ज्यादा है कि लोगों को घुटनों से ऊपर तक पानी में चलकर जाना पड़ रहा है। दिनभर रुक-रुककर लगातार बारिश होती रही। जिसका सीधा असर यातायात पर भी पड़ रहा है। बारिश की वजह से दिन भर हाईवे पर वाहनों का जाम लगा रहा।
डूबा रहा नागरिक अस्पताल परिसर
नागरिक अस्पताल में बारिश का पानी लबालब भरा रहा। अस्पताल की इमरजेंसी से लेकर ओपीडी परिसर तक सड़कों पर 2 से 3 फुट तक पानी ही पानी नजर आया। अनेक मरीजों को यहां इलाज करवाने के लिए पानी के बीच से होकर अस्पताल तक पहुंचना पड़ा। अस्पताल में कार्यरत स्वास्थ्य कर्मचारियों से लेकर डाक्टर तक तो पानी के बीच से होकर निकलना पड़ा। ड्रेनेज सिस्टम यहां पूरी तरह से फेल होने से अस्पताल तालाब की तरह मानसून की दूसरी बारिश में नजर आया। इलाज के लिए आने वाले कई मरीजों व उनके तीमारदारों के दुपहिया से लेकर कार तक भी पानी में डूब गए। कुछ के वाहन खराब हो गए। अस्पताल स्टाफ को भी इसी तरह की परेशानी झेलनी पड़ी।